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धान खरीद बंद होने के एक महीने बाद भी आढ़तियों की आढ़त का भुगतान नहीं

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 19 Dec 2021 02:33 AM IST
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Even after a month of paddy purchase, payment of Rs 50 crore was not made
धान की खरीद को बंद हुए तो एक महीने से अधिक समय बीत गया है। जिले में इस बार कुल एक करोड़ 6 लाख 12 हजार 200 क्विंटल धान की खरीद हुई। सरकार ने किसानों का भुगतान तो कर दिया लेकिन अभी तक आढ़तियों की आढ़त (दामी) का भुगतान नहीं किया है, जो करीब 50 करोड़ रुपये है। इसको लेकर आढ़तियों का इंतजार लंबा होता जा रहा है। अब तो भाजपाई भी सरकार से यह मांग करने लगे हैं कि कोई ऐसा पोर्टल बनाया जाए, जिससे किसानों के साथ साथ आढ़तियों की आढ़त व लेबर की मजदूरी का भी भुगतान हो जाए। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखा है।
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आढ़तियों का कहना है कि यह स्थिति सिर्फ करनाल जिले में नहीं बल्कि पूरे हरियाणा राज्य में है। उनका कहना है कि किसानों का सीधे भुगतान करते आढ़तियों की कमर तो पहले ही टूट चुकी है क्योंकि सरकार सीमांत राज्यों के किसानों का धान नहीं खरीदा, जिन पर आढ़तियों का करोड़ों रुपये का बकाया है। अब उनकी आढ़त का भुगतान भी नहीं मिल रहा है। ऐसे में आढ़ती अपना कार्य कैसे कर पाएंगे। खरीद के दौरान आढ़तियों का कई तरह का खर्च भी होता है लेकिन समय पर उनकी मेहनत की राशि का भुगतान न मिलने से दिक्कतें बढ़ जाती हैं।
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-आढ़त पर कई कर्मचारी होते हैं, कई तरह के अन्य खर्च होते हैं, लेकिन इस बार सरकार ने आढ़तियों की आढ़त का भुगतान नहीं किया है, जबकि धान की खरीद 15 नवंबर को ही बंद हो गई थी। ऐसे आढ़ती अपना कारोबार कैसे जारी रख पाएंगे। सरकार को एक ऐसा पोर्टल बनाना चाहिए, जिससे किसानों की फसल के भुगतान के साथ ही आढ़तियों की आढ़त का भी भुगतान साथ साथ ही हो जाए। आढ़त का भुगतान के लिए आज ही मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है।
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ईलम सिंह, भाजपा नेता व पूर्व चेयरमैन मार्केट कमेटी कुंजपुरा।
-हरियाणा सरकार लगातार आढ़तियों का उत्पीड़न कर रही है। सिर्फ करनाल जिले में एक करोड़ क्विंटल से अधिक धान खरीदा गया है, जिसका आढ़त करीब 50 करोड़ रुपये से अधिक बनती है। सरकार ने 2.5 प्रतिशत आढ़त देने का वादा किया था, लेकिन पिछली बार 46 रुपये की दर से भुगतान किया था। सरकार को शीघ्र 2.5 प्रतिशत की दर से विलंब की अवधि के ब्याज सहित आढ़त का भुगतान करना चाहिए। सीधे भुगतान, सीमांत राज्यों के किसानों की फसल खरीद न होने से पहले से ही आढ़ती काफी परेशान हैं।

रजनीश चौधरी, प्रधान करनाल अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन।
-जिस आढ़ती की खरीद की पूरी डिटेल विभाग के पास पहुंच गई है, उसका भुगतान किया जा रहा है। आढ़तियों को भी चाहिए वह अपने खरीद अभिलेखों का पूरा कराने में मदद करें। खरीद एजेंसियां लगातार डिटेल को तैयार करने में जुटी हुई है। सभी की आढ़त का भुगतान शीघ्र कर दिया जाएगा।
डा.अशोक रावत, जिला खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले नियंत्रक करनाल।
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