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अब अनुबंधित कर्मचारियों के पीएफ में हेराफेरी नहीं कर सकेंगे ठेकेदार.
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अनुबंधित कर्मियों के पीएफ में हेराफेरी नहीं कर सकेंगे ठेकेदार
-ईपीएफओ ने लांच किया एम्पलोयर पोर्टल, हर माह पूरा ब्योरा अपडेट करेंगे ठेकेदार, गड़बड़ी की तो कार्रवाई
-सरकारी और प्राइवेट कंपनियों में हजारों की संख्या में अनुबंध पर लगे हैं कर्मचारी, कई जगहों से शिकायतें मिलने के बाद ईपीएफओ ने लिया निर्णय
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। अब अनुबंधित कर्मचारियों के पीएफ में ठेकेदार हेराफेरी नहीं कर सकेंगे। सरकारी और प्राइवेट कंपनियों में अनुबंध पर लगे कर्मचारियों के पीएफ के पैसे में हेराफेरी की अक्सर शिकायतें आती रहती हैं। इसके समाधान के लिए ईपीएफओ ने एम्पलोयर पोर्टल लांच किया है। इस पोर्टल पर ठेकेदार द्वारा कर्मचारियों की पीएफ राशि के संबंध में पूरा ब्योरा हर माह अपडेट करना होगा। जिसे संबंधित संस्था के पदाधिकारी एक क्लिक पर देख सकेंगे। सरकारी और प्राइवेट कंपनियों में हजारों अनुबंध पर कर्मचारी लगे हैं। कई बार इनके पीएफ के पैसे में गड़बड़ी की शिकायतें ईपीएफओ के पास भी आई। इसके बाद ही विभाग ने यह निर्णय लिया है। अब यदि किसी कर्मचारी की पीएफ राशि में किसी तरह की दिक्कत आती है तो ठेकेदार पर शिकंजा कसा जा सकेगा। सरकारी और प्राइवेट सभी संस्थाओं के पदाधिकारियों को पोर्टल के बारे में जानकारी दी जा रही है। ईपीएफओ के करनाल स्थित क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत करनाल समेत आठ जिले आते हैं। जिनमें सोनीपत, पानीपत, कैथल, कुरुक्षेत्र, अंबाला, पंचकूला व यमुनानगर शामिल हैं। इन जिलों से हजारों की संख्या में अनुबंधित कर्मचारी ईपीएफओ के पास पंजीकृत हैं।
ठेकेदार को वेतन का जिम्मा, इसलिए करते हैं गड़बड़ी
सरकारी या प्राइवेट सभी विभागों में कर्मचारियों को अनुबंध पर रखा जाता है। कर्मचारियों को वेतन आदि देने का जिम्मा ठेकेदार का होता है। कई बार कर्मचारियों की शिकायत रहती है कि ठेकेदार ने पीएफ का पूरा रुपया उन्हें नहीं दिया है, इस कारण कई बार कर्मचारी नौकरी छोड़ने को भी मजबूर हो जाता है। इस कारण संबंधित संस्था का कार्य पूरी तरह प्रभावित होता है। वहीं गड़बड़ी होने पर कर्मचारियों को भी विभाग का दरवाजा खटखटाना पड़ता है।
पोर्टल पर ऐसे देखें ब्योरा
-सबसे पहले एम्पलोयर पोर्टल पर लॉगिन करें।
-एस्टेबलिस टेब पर क्लिक करें
-कॉन्ट्रेक्ट पर क्लिक करें
-कॉन्ट्रेक्ट स्थापना का पीएफ कोड नंबर और टेंडर की अवधि डालें
-वर्क आर्डर अपलोड करें
-स्वीकृति उपरांत अब संबंधित कॉन्ट्रेक्ट के जमा किए चालान का विवरण देख सकते हैं।
वर्जन- फोटो--- 105 नंबर है।
विभाग के इस प्रयास से ठेकेदारों की मनमानी पर भी रोक लगेगी। कई बार कंपनियों के प्रमुख ठेकेदारों द्वारा कर्मचारियों के खाते में जमा कराई पीएफ राशि की जानकारी लेने के लिए पहुंचते हैं। पोर्टल शुरू होने से चक्कर काटने से भी निजात मिलेगी। वहीं कंपनियां ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर नजर भी रख सकती हैं।
विज्ञापन
-अमित सिंगला, क्षेत्रीय आयुक्त, ईपीएफओ करनाल
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-ईपीएफओ ने लांच किया एम्पलोयर पोर्टल, हर माह पूरा ब्योरा अपडेट करेंगे ठेकेदार, गड़बड़ी की तो कार्रवाई
-सरकारी और प्राइवेट कंपनियों में हजारों की संख्या में अनुबंध पर लगे हैं कर्मचारी, कई जगहों से शिकायतें मिलने के बाद ईपीएफओ ने लिया निर्णय
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। अब अनुबंधित कर्मचारियों के पीएफ में ठेकेदार हेराफेरी नहीं कर सकेंगे। सरकारी और प्राइवेट कंपनियों में अनुबंध पर लगे कर्मचारियों के पीएफ के पैसे में हेराफेरी की अक्सर शिकायतें आती रहती हैं। इसके समाधान के लिए ईपीएफओ ने एम्पलोयर पोर्टल लांच किया है। इस पोर्टल पर ठेकेदार द्वारा कर्मचारियों की पीएफ राशि के संबंध में पूरा ब्योरा हर माह अपडेट करना होगा। जिसे संबंधित संस्था के पदाधिकारी एक क्लिक पर देख सकेंगे। सरकारी और प्राइवेट कंपनियों में हजारों अनुबंध पर कर्मचारी लगे हैं। कई बार इनके पीएफ के पैसे में गड़बड़ी की शिकायतें ईपीएफओ के पास भी आई। इसके बाद ही विभाग ने यह निर्णय लिया है। अब यदि किसी कर्मचारी की पीएफ राशि में किसी तरह की दिक्कत आती है तो ठेकेदार पर शिकंजा कसा जा सकेगा। सरकारी और प्राइवेट सभी संस्थाओं के पदाधिकारियों को पोर्टल के बारे में जानकारी दी जा रही है। ईपीएफओ के करनाल स्थित क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत करनाल समेत आठ जिले आते हैं। जिनमें सोनीपत, पानीपत, कैथल, कुरुक्षेत्र, अंबाला, पंचकूला व यमुनानगर शामिल हैं। इन जिलों से हजारों की संख्या में अनुबंधित कर्मचारी ईपीएफओ के पास पंजीकृत हैं।
ठेकेदार को वेतन का जिम्मा, इसलिए करते हैं गड़बड़ी
सरकारी या प्राइवेट सभी विभागों में कर्मचारियों को अनुबंध पर रखा जाता है। कर्मचारियों को वेतन आदि देने का जिम्मा ठेकेदार का होता है। कई बार कर्मचारियों की शिकायत रहती है कि ठेकेदार ने पीएफ का पूरा रुपया उन्हें नहीं दिया है, इस कारण कई बार कर्मचारी नौकरी छोड़ने को भी मजबूर हो जाता है। इस कारण संबंधित संस्था का कार्य पूरी तरह प्रभावित होता है। वहीं गड़बड़ी होने पर कर्मचारियों को भी विभाग का दरवाजा खटखटाना पड़ता है।
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पोर्टल पर ऐसे देखें ब्योरा
-सबसे पहले एम्पलोयर पोर्टल पर लॉगिन करें।
-एस्टेबलिस टेब पर क्लिक करें
-कॉन्ट्रेक्ट पर क्लिक करें
-कॉन्ट्रेक्ट स्थापना का पीएफ कोड नंबर और टेंडर की अवधि डालें
-वर्क आर्डर अपलोड करें
-स्वीकृति उपरांत अब संबंधित कॉन्ट्रेक्ट के जमा किए चालान का विवरण देख सकते हैं।
वर्जन- फोटो--- 105 नंबर है।
विभाग के इस प्रयास से ठेकेदारों की मनमानी पर भी रोक लगेगी। कई बार कंपनियों के प्रमुख ठेकेदारों द्वारा कर्मचारियों के खाते में जमा कराई पीएफ राशि की जानकारी लेने के लिए पहुंचते हैं। पोर्टल शुरू होने से चक्कर काटने से भी निजात मिलेगी। वहीं कंपनियां ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर नजर भी रख सकती हैं।
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-अमित सिंगला, क्षेत्रीय आयुक्त, ईपीएफओ करनाल