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Karnal News: रोटरी अस्पताल में कर्मचारी और आईटी इंजीनियर ने किया पौने दो करोड़ का गबन
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अंबाला। रोटरी अंबाला कैंसर एवं जनरल अस्पताल के प्रशासनिक प्रभारी व आईटी कंपनी के इंजीनियर द्वारा 1 करोड़ 72 लाख 78 हजार 725 रुपये गबन का मामला सामने आया है। अस्पताल के संचालन निदेशक पुनीत गुप्ता ने थाने में शिकायत देकर पूरे मामले का खुलासा किया है। आरोप है कि अस्पताल का लेनदेन एचएमएस सॉफ्टवेयर के जरिए होता है। ऐसे में कंपनी के आईटी इंजीनियर बंटी और अस्पताल के प्रशासनिक प्रभारी गुरचरण ने मिली भगत कर 2020 से अभी तक करोड़ों रुपये का गबन किया। दावा किया है कि आरोपियों ने पहले महज 10 लाख रुपये गबन करने की बात कहीं थी और राशि लौटा दी थी। दोनों कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया था। जब अपने स्तर पर जांच की तो यह राशि बढ़ती चली गई। अंबाला कैंट पुलिस ने मामला दर्ज कर मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी।
एचएमएस सॉफ्टवेयर से होता था लेनदेन
शिकायतकर्ता अस्पताल के संचालन निदेशक पुनीत गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में रोजाना 400 से अधिक मरीज आते हैं। अस्पताल का प्रबंधन सॉफ्टवेयर अस्पताल मैनेजमेंट सिस्टम (एचएमएस) की ओर से किया जाता है। इसको बंटी और एक अन्य सहयोगी ने विकसित किया था। अस्पताल प्रबंधन आरोपी और उनकी कंपनी एडवांस माइक्रो डिवाइसिस प्राइवेट लिमिटेड को लगभग 2016 से जानता था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने एक अलग कंपनी भी बना रखी है और मरीजों से जुड़े डाटा का इस्तेमाल किया है।
कुछ मरीजों के केस जांचने पर हुआ खुलासा
शिकायतकर्ता ने बताया कि अस्पताल में मरीजों से कई काउंटरों पर राशि ली जाती थी। लैब की अलग और इंडोर मरीजों की अलग। इसी तरह से दवाओं के भी तीन काउंटर थे। अस्पताल के 101 रूम में इंडोर मरीजों की राशि जमा की जाती है। ऐसे में प्रशासनिक प्रभारी गुरचरण पर पेमेंट लेने का जिम्मा था और आईटी इंजीनियर बंटी पर सॉफ्टवेयर का। इस तरह से दोनों ने 2020 से हेराफेरी करना शुरू कर दिया था। एक ने कैश की बिलिंग में तो दूसरे ने साॅफ्टवेयर में एंट्री में बदलाव करके पैसे हड़पे। शिकायतकर्ता ने बताया कि इस बात की जानकारी 16 मरीजों के केस उठाने पर चली। एक के बाद एक गड़बड़ी सामने आती रही।
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छह माह पहले कबूली थी गबन की बात
शिकायतकर्ता का दावा है कि उसके बाद एक ऑडियो रिकॉर्डिंग है, जिसमें करीब छह माह पहले दोनों आरोपियों ने पकड़ने जाने के बाद गबन करने की बात कबूली थी। उस समय दोनों ने पांच-पांच लाख दोनों दे दिए थे। अपने स्तर पर जांच करने पर करोड़ों का हेरफेर सामने आया। शिकायतकर्ता ने बताया कि इसके बाद सीनियर सॉफ्टवेयर बंटी नौकरी छोड़ चुका था और गुरचरण को अस्पताल ने बाहर कर दिया था।
वर्जन
रोटरी अंबाला कैंसर और जनरल अस्पताल से शिकायत मिली है और पौने दो करोड़ के गबन की बात कही जा रही है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को काबू किया जाएगा।
विनोद कुमार, सब इंस्पेक्टर, हाउसिंग बोर्ड चौकी प्रभारी
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एचएमएस सॉफ्टवेयर से होता था लेनदेन
शिकायतकर्ता अस्पताल के संचालन निदेशक पुनीत गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में रोजाना 400 से अधिक मरीज आते हैं। अस्पताल का प्रबंधन सॉफ्टवेयर अस्पताल मैनेजमेंट सिस्टम (एचएमएस) की ओर से किया जाता है। इसको बंटी और एक अन्य सहयोगी ने विकसित किया था। अस्पताल प्रबंधन आरोपी और उनकी कंपनी एडवांस माइक्रो डिवाइसिस प्राइवेट लिमिटेड को लगभग 2016 से जानता था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने एक अलग कंपनी भी बना रखी है और मरीजों से जुड़े डाटा का इस्तेमाल किया है।
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कुछ मरीजों के केस जांचने पर हुआ खुलासा
शिकायतकर्ता ने बताया कि अस्पताल में मरीजों से कई काउंटरों पर राशि ली जाती थी। लैब की अलग और इंडोर मरीजों की अलग। इसी तरह से दवाओं के भी तीन काउंटर थे। अस्पताल के 101 रूम में इंडोर मरीजों की राशि जमा की जाती है। ऐसे में प्रशासनिक प्रभारी गुरचरण पर पेमेंट लेने का जिम्मा था और आईटी इंजीनियर बंटी पर सॉफ्टवेयर का। इस तरह से दोनों ने 2020 से हेराफेरी करना शुरू कर दिया था। एक ने कैश की बिलिंग में तो दूसरे ने साॅफ्टवेयर में एंट्री में बदलाव करके पैसे हड़पे। शिकायतकर्ता ने बताया कि इस बात की जानकारी 16 मरीजों के केस उठाने पर चली। एक के बाद एक गड़बड़ी सामने आती रही।
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छह माह पहले कबूली थी गबन की बात
शिकायतकर्ता का दावा है कि उसके बाद एक ऑडियो रिकॉर्डिंग है, जिसमें करीब छह माह पहले दोनों आरोपियों ने पकड़ने जाने के बाद गबन करने की बात कबूली थी। उस समय दोनों ने पांच-पांच लाख दोनों दे दिए थे। अपने स्तर पर जांच करने पर करोड़ों का हेरफेर सामने आया। शिकायतकर्ता ने बताया कि इसके बाद सीनियर सॉफ्टवेयर बंटी नौकरी छोड़ चुका था और गुरचरण को अस्पताल ने बाहर कर दिया था।
वर्जन
रोटरी अंबाला कैंसर और जनरल अस्पताल से शिकायत मिली है और पौने दो करोड़ के गबन की बात कही जा रही है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को काबू किया जाएगा।
विनोद कुमार, सब इंस्पेक्टर, हाउसिंग बोर्ड चौकी प्रभारी