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Karnal News: गीतों से किया भाव विभोर
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय सेक्टर सात सेवा केंद्र में नव वर्ष के स्वागत में ब्रह्माकुमारीज एवं आर्ट एंड क्लचर विंग की ओर से वैश्विक संस्कृति, प्रेम, शांति व सदभावना विषय को लेकर विशाल आध्यात्मिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। माऊंट आबु से आए वर्सेटाइल सिंगर व मिमिक्री आर्टिस्ट राजयोगी भ्राता बीके नितिन ने जनसमूह को अपने सुंदर गीतों से भाव विभाेर कर दिया और जीव जन्तुओं की मिमिक्री करके खूब तालियां बटोरी।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक योगेंद्र राणा पहुंचे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हम सब भक्ति मार्ग में अपने-अपने ढंग से परमात्मा को मानते हैं। परमात्मा हमारी इच्छाओं को पूर्ण भी करते हैं, लेकिन परमात्मा का सत्य ज्ञान पाना है तो उसका स्थान केवल ब्रह्माकुमारीज विद्यालय है। यहां आकर मन को शांति मिलती है। उन्होंने कहा कि मुझे यहां आकर बहुत अच्छा लगा है। आर्ट एंड कल्चर विंग की संयोजिका एवं सेवा केंद्र की संचालिका प्रेम दीदी ने कहा कि हमारी संस्कृति शांति, प्रेम, सदभावना की रही है, परंतु आज प्रेम का स्थान ईर्ष्या, घृणा व दुर्भावना ने ले लिया है। हमारी संस्कृति मुल्यनिष्ठ संस्कृति रही है। वसुधैव कुटुम्बकम, अतिथि देवो भव, सवै भवन्तु सुखिन: की सस्कृति दातापन की संस्कृति रही है परंतु आज यह संस्कृति प्राय: लोप है। अगर फिर से इस संस्कृति को भारत में लाना है तो हमें आध्यात्मिकता से जुडना होगा। इस मौके पर बीके निर्मल बहन ने कहा कि आज हम सांसारिक साधनों व धन के पीछे भागने को बुद्धिमता समझ रहे हैं। यद्यपि यह सब विनाशी है असली धन तो ज्ञान, गुणों का धन है। नन्हीं बालिका शावी और रितिका ने सुंदर स्वागत नृत्य से सबको भाव विभोर कर दिया। पूर्व मेयर रेणु बाला गुप्ता तथा पूर्व ओएसडी संजय बठला ने भी अपने विचार रखे। ब्रह्माकुमारी संगीता बहन नीलोखेड़ी ने सभी का धन्यवाद प्रस्ताव रखा। ब्रह्माकुमारी संगीता बहन सहारनपुर ने मंच संचालन किया।
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करनाल। प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय सेक्टर सात सेवा केंद्र में नव वर्ष के स्वागत में ब्रह्माकुमारीज एवं आर्ट एंड क्लचर विंग की ओर से वैश्विक संस्कृति, प्रेम, शांति व सदभावना विषय को लेकर विशाल आध्यात्मिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। माऊंट आबु से आए वर्सेटाइल सिंगर व मिमिक्री आर्टिस्ट राजयोगी भ्राता बीके नितिन ने जनसमूह को अपने सुंदर गीतों से भाव विभाेर कर दिया और जीव जन्तुओं की मिमिक्री करके खूब तालियां बटोरी।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक योगेंद्र राणा पहुंचे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हम सब भक्ति मार्ग में अपने-अपने ढंग से परमात्मा को मानते हैं। परमात्मा हमारी इच्छाओं को पूर्ण भी करते हैं, लेकिन परमात्मा का सत्य ज्ञान पाना है तो उसका स्थान केवल ब्रह्माकुमारीज विद्यालय है। यहां आकर मन को शांति मिलती है। उन्होंने कहा कि मुझे यहां आकर बहुत अच्छा लगा है। आर्ट एंड कल्चर विंग की संयोजिका एवं सेवा केंद्र की संचालिका प्रेम दीदी ने कहा कि हमारी संस्कृति शांति, प्रेम, सदभावना की रही है, परंतु आज प्रेम का स्थान ईर्ष्या, घृणा व दुर्भावना ने ले लिया है। हमारी संस्कृति मुल्यनिष्ठ संस्कृति रही है। वसुधैव कुटुम्बकम, अतिथि देवो भव, सवै भवन्तु सुखिन: की सस्कृति दातापन की संस्कृति रही है परंतु आज यह संस्कृति प्राय: लोप है। अगर फिर से इस संस्कृति को भारत में लाना है तो हमें आध्यात्मिकता से जुडना होगा। इस मौके पर बीके निर्मल बहन ने कहा कि आज हम सांसारिक साधनों व धन के पीछे भागने को बुद्धिमता समझ रहे हैं। यद्यपि यह सब विनाशी है असली धन तो ज्ञान, गुणों का धन है। नन्हीं बालिका शावी और रितिका ने सुंदर स्वागत नृत्य से सबको भाव विभोर कर दिया। पूर्व मेयर रेणु बाला गुप्ता तथा पूर्व ओएसडी संजय बठला ने भी अपने विचार रखे। ब्रह्माकुमारी संगीता बहन नीलोखेड़ी ने सभी का धन्यवाद प्रस्ताव रखा। ब्रह्माकुमारी संगीता बहन सहारनपुर ने मंच संचालन किया।
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