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Karnal News: कर्णनगरी को मिली आठ तीर्थ परियोजनाओं की सौगात
Sun, 04 Jun 2023 02:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sun, 04 Jun 2023 02:10 AM IST
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करनाल। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दो दिवसीय दौरे के पहले दिन शनिवार को जिले वासियों को आठ तीर्थ परियोजनाओं की सौगात दी। जिले के तीर्थों को 11.77 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग के रेस्ट हाउस में मुख्यमंत्री ने सभी तीर्थ परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 164 तीर्थों के महत्व को समझते हुए तीर्थ परिक्रमा विकसित करने का निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने गांव बस्तली में व्यास स्थली तीर्थ, गांव सीतामाई में वेदवती तीर्थ, गांव अंजनथली में अंजनी तीर्थ, असंध में धनक्षेत्र तीर्थ की पार्किंग, मुख्य द्वार एवं महिमा पट, गांव पतनपुरी में प्रोक्षणी तीर्थ, गांव बालू में पृथ्वी तीर्थ, गांव ओंगद में रघुवेंद्र दशरथ तीर्थ का शिलान्यास किया। शिलान्यास के बाद उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड अभी तक सिर्फ कुरुक्षेत्र के तीर्थों की ही देखभाल करता था, लेकिन भाजपा की सरकार आने के बाद से गीता जयंती अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाई जाने लगी।
धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र के प्रसिद्ध तीर्थ के अंतर्गत 48 कोस की परिधि में स्थापित 164 तीर्थों के महत्व को समझते हुए उनका जीर्णोद्धार किया जा रहा है। विकास बोर्ड ने तीर्थ परिक्रमा को विकसित करने का भी निर्णय लिया है, ताकि तीर्थों पर स्थानीय लोगाें के साथ ही बाहर से भी लोग दर्शन के लिए आएं। इससे पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी और रोजगार भी मिलेगा।
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धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र विश्व प्रसिद्ध तीर्थ है, वहां भगवान श्री कृष्ण ने मानवता की भलाई के लिए गीता का उपदेश दिया था। इस मौके पर नीलोखेड़ी के विधायक धर्मपाल गोंदर, भाजपा के प्रदेश महामंत्री एडवोकेट वेदपाल, जिलाध्यक्ष योगेंद्र राणा, महापौर रेनू बाला गुप्ता, मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि संजय बठला आदि मौजूद रहे।
50 तीर्थों का काम पूरे, 50 पर काम जारी
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा ने बताया कि धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र की 48 कोस की परिधि में कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल, पानीपत और जींद आता है। इन जिलों में 164 तीर्थ स्थापित हैं। प्रथम चरण के तहत 50 तीर्थों का कार्य पूरा हो चुका है और 50 तीर्थों का कार्य प्रगति पर है। बाकी 64 तीर्थों का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इसके साथ ही सात तीर्थों की परिक्रमा विकसित करने का निर्णय लिया गया है।
रखरखाव के लिए गांव स्तर पर बनेगी समिति
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास बोर्ड के साथ ही स्थानीय लोगों का भी दायित्व है कि तीर्थों का रखरखाव करने में सहयोग दें। इसके लिए ग्रामीणों की ओर से गांव स्तर पर एक समिति बनाई जाएगी, जो तीर्थों का रखरखाव करेगी।
तीर्थों के जीर्णोद्धार का बजट
निसिंग ब्लॉक के गांव बालू में 86.89 लाख रुपये से पृथ्वी तीर्थ, गांव ओंगद में 1.12 कराेड़ रुपये की लागत से रघुवेंद्र दशरथ तीर्थ, निसिंग ग्रामीण में 1.59 करोड़ रुपये की लागत से मिश्रक तीर्थ, असंध में 40 लाख रपये की लागत से धनक्षेत्र तीर्थ, गांव अजंनथली में 2.30 करोड़ रुपये अजंनी तीर्थ, गांव पतनपुरी में 2.31 करोड़ रुपये की लागत से प्रोक्षणी तीर्थ, गांव सीतामाई में 1.35 करोड़ रुपये की लागत से वेदवती तीर्थ और गांव बस्तली में 1.83 कराेड़ रुपये की आलग से व्यास स्थल तीर्थ के विकास कार्यों का शिलान्यास किया गया।
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मुख्यमंत्री ने गांव बस्तली में व्यास स्थली तीर्थ, गांव सीतामाई में वेदवती तीर्थ, गांव अंजनथली में अंजनी तीर्थ, असंध में धनक्षेत्र तीर्थ की पार्किंग, मुख्य द्वार एवं महिमा पट, गांव पतनपुरी में प्रोक्षणी तीर्थ, गांव बालू में पृथ्वी तीर्थ, गांव ओंगद में रघुवेंद्र दशरथ तीर्थ का शिलान्यास किया। शिलान्यास के बाद उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड अभी तक सिर्फ कुरुक्षेत्र के तीर्थों की ही देखभाल करता था, लेकिन भाजपा की सरकार आने के बाद से गीता जयंती अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाई जाने लगी।
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धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र के प्रसिद्ध तीर्थ के अंतर्गत 48 कोस की परिधि में स्थापित 164 तीर्थों के महत्व को समझते हुए उनका जीर्णोद्धार किया जा रहा है। विकास बोर्ड ने तीर्थ परिक्रमा को विकसित करने का भी निर्णय लिया है, ताकि तीर्थों पर स्थानीय लोगाें के साथ ही बाहर से भी लोग दर्शन के लिए आएं। इससे पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी और रोजगार भी मिलेगा।
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धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र विश्व प्रसिद्ध तीर्थ है, वहां भगवान श्री कृष्ण ने मानवता की भलाई के लिए गीता का उपदेश दिया था। इस मौके पर नीलोखेड़ी के विधायक धर्मपाल गोंदर, भाजपा के प्रदेश महामंत्री एडवोकेट वेदपाल, जिलाध्यक्ष योगेंद्र राणा, महापौर रेनू बाला गुप्ता, मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि संजय बठला आदि मौजूद रहे।
50 तीर्थों का काम पूरे, 50 पर काम जारी
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा ने बताया कि धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र की 48 कोस की परिधि में कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल, पानीपत और जींद आता है। इन जिलों में 164 तीर्थ स्थापित हैं। प्रथम चरण के तहत 50 तीर्थों का कार्य पूरा हो चुका है और 50 तीर्थों का कार्य प्रगति पर है। बाकी 64 तीर्थों का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इसके साथ ही सात तीर्थों की परिक्रमा विकसित करने का निर्णय लिया गया है।
रखरखाव के लिए गांव स्तर पर बनेगी समिति
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास बोर्ड के साथ ही स्थानीय लोगों का भी दायित्व है कि तीर्थों का रखरखाव करने में सहयोग दें। इसके लिए ग्रामीणों की ओर से गांव स्तर पर एक समिति बनाई जाएगी, जो तीर्थों का रखरखाव करेगी।
तीर्थों के जीर्णोद्धार का बजट
निसिंग ब्लॉक के गांव बालू में 86.89 लाख रुपये से पृथ्वी तीर्थ, गांव ओंगद में 1.12 कराेड़ रुपये की लागत से रघुवेंद्र दशरथ तीर्थ, निसिंग ग्रामीण में 1.59 करोड़ रुपये की लागत से मिश्रक तीर्थ, असंध में 40 लाख रपये की लागत से धनक्षेत्र तीर्थ, गांव अजंनथली में 2.30 करोड़ रुपये अजंनी तीर्थ, गांव पतनपुरी में 2.31 करोड़ रुपये की लागत से प्रोक्षणी तीर्थ, गांव सीतामाई में 1.35 करोड़ रुपये की लागत से वेदवती तीर्थ और गांव बस्तली में 1.83 कराेड़ रुपये की आलग से व्यास स्थल तीर्थ के विकास कार्यों का शिलान्यास किया गया।