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100 बेड का बनेगा ईएएसआईसी अस्पताल, हजारों श्रमिकों को होगा लाभ
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राकेश चौहान
करनाल। कर्णनगरी में जल्द 100 बेड का ईएएसआईसी अस्पताल का निर्माण किया जाएगा। यह घोषणा मुख्यामंत्री मनोहर लाल ने बजट के माध्यम से की है। इससे जिले में 32256 ईएसआईसी धारकों को लाभ मिलेगा। इस अस्पताल के निर्माण से श्रमिकों को जल्द इलाज मिलेगा, क्योंकि फिलहाल सेक्टर-13 में ईएसआईसी की डिस्पेंसरी चल रही है। जिसमें मरीजों को खांसी, जुकाम व बुखार सहित छोटी बीमारियों की दी दवा मिलती है।
इससे अलग बीमारी होने पर मरीज को निजी अस्पताल में रेफर कर दिया जाता है लेकिन इस दौरान दस्तावेजों की प्रक्रिया में व्यक्ति उलझ जाता है। अस्पताल के निर्माण से मरीज को बेहतर इलाज मिलेगा। वहीं जिले की सीएचसी व पीएचसी को भारतीय जन स्वास्थ्य मानकों के अनुसार अपग्रेड किया जाएगा। इसके अलावा 40 किलोमीटर की दूरी वाले सीएचसी केंद्रों को ऑक्सीजन युक्त कर 100 बेड का किया जाएगा।
घरौंडा में खुलेगी ईएसआईसी डिस्पेंसरी
करनाल सहित घरौंडा में भी ईएसआईसी औषधालयों का निर्माण किया जाएगा। जिनमें एक्स रे मशीन, लैब सुविधाएं, उपकरण, जैसे सेल काउंटर, ऑटो एनालाइजर, दूरबीन माइक्रोस्कोप की सुविधा मिलेगी। वहीं दंत चिकित्सा भी होगा ताकि मरीज को औषधालय में भी बेहतर इलाज मिल सके।
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नए अस्पताल भवन की टूटी आस
शहर वासियों को नागरिक अस्पताल के नए भवन की आस थी लेकिन यह आस टूट गई। सेक्टर 32 में 13 एकड़ में नागरिक अस्पताल का नया भवन बनना है, क्योंकि फिलहाल नागरिक अस्पताल कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज की पुरानी बिल्डिंग में चल रहा है। जगह कम होने के कारण नागरिक अस्पताल में कई स्वास्थ्य सुविधाएं मरीजों को नहीं मिल पा रही हैं।
मरीजों के परिजनों के लिए बनेगा रेस्तरां
अस्पताल में मरीजों के सहायकों के लिए बोर्डिंग लोजिंग की पर्याप्त सुविधाओं की कमी है। जिसके चलते नागरिक अस्पताल व मेडिकल कॉलेज के अस्पतालों में रेस्तरां सुविधाओं सहित कमरे और डोरमेट्री वाली विश्राम सराय का निर्माण किया जाएगा। वहीं सालाना 1.80 लाख रुपये से कम आए वाले लोगों को आयुष्मान भारत योजना में जोड़ा जाएगा। टीबी के मरीजों के लिए हर खंड में मॉलिक्यूलर टेस्टिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
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करनाल। कर्णनगरी में जल्द 100 बेड का ईएएसआईसी अस्पताल का निर्माण किया जाएगा। यह घोषणा मुख्यामंत्री मनोहर लाल ने बजट के माध्यम से की है। इससे जिले में 32256 ईएसआईसी धारकों को लाभ मिलेगा। इस अस्पताल के निर्माण से श्रमिकों को जल्द इलाज मिलेगा, क्योंकि फिलहाल सेक्टर-13 में ईएसआईसी की डिस्पेंसरी चल रही है। जिसमें मरीजों को खांसी, जुकाम व बुखार सहित छोटी बीमारियों की दी दवा मिलती है।
इससे अलग बीमारी होने पर मरीज को निजी अस्पताल में रेफर कर दिया जाता है लेकिन इस दौरान दस्तावेजों की प्रक्रिया में व्यक्ति उलझ जाता है। अस्पताल के निर्माण से मरीज को बेहतर इलाज मिलेगा। वहीं जिले की सीएचसी व पीएचसी को भारतीय जन स्वास्थ्य मानकों के अनुसार अपग्रेड किया जाएगा। इसके अलावा 40 किलोमीटर की दूरी वाले सीएचसी केंद्रों को ऑक्सीजन युक्त कर 100 बेड का किया जाएगा।
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घरौंडा में खुलेगी ईएसआईसी डिस्पेंसरी
करनाल सहित घरौंडा में भी ईएसआईसी औषधालयों का निर्माण किया जाएगा। जिनमें एक्स रे मशीन, लैब सुविधाएं, उपकरण, जैसे सेल काउंटर, ऑटो एनालाइजर, दूरबीन माइक्रोस्कोप की सुविधा मिलेगी। वहीं दंत चिकित्सा भी होगा ताकि मरीज को औषधालय में भी बेहतर इलाज मिल सके।
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नए अस्पताल भवन की टूटी आस
शहर वासियों को नागरिक अस्पताल के नए भवन की आस थी लेकिन यह आस टूट गई। सेक्टर 32 में 13 एकड़ में नागरिक अस्पताल का नया भवन बनना है, क्योंकि फिलहाल नागरिक अस्पताल कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज की पुरानी बिल्डिंग में चल रहा है। जगह कम होने के कारण नागरिक अस्पताल में कई स्वास्थ्य सुविधाएं मरीजों को नहीं मिल पा रही हैं।
मरीजों के परिजनों के लिए बनेगा रेस्तरां
अस्पताल में मरीजों के सहायकों के लिए बोर्डिंग लोजिंग की पर्याप्त सुविधाओं की कमी है। जिसके चलते नागरिक अस्पताल व मेडिकल कॉलेज के अस्पतालों में रेस्तरां सुविधाओं सहित कमरे और डोरमेट्री वाली विश्राम सराय का निर्माण किया जाएगा। वहीं सालाना 1.80 लाख रुपये से कम आए वाले लोगों को आयुष्मान भारत योजना में जोड़ा जाएगा। टीबी के मरीजों के लिए हर खंड में मॉलिक्यूलर टेस्टिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।