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डीटीपी की आवाज और हैंड राइटिंग की होगी जांच
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। रिश्वत कांड में आरोपी डीटीपी विक्रम और तहसीलदार राजबख्श की संपत्ति की जांच ईडी और इनकम टैक्स विभाग भी करेगा। हरियाणा स्टेट विजिलेंस की टीम इन दोनों आरोपियों की संपत्ति की जांच रिपोर्ट ईडी और इनकम टैक्स विभाग के साथ साझा करेगी। ईडी और इनकम टैक्स की टीमें ही अब इन दोनों आरोपियों की खुल संपत्ति का खुलासा करेंगी। सोमवार को दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां विजिलेंस ने डीटीपी विक्रम की आवाज और उसकी हैंड राइटिंग के सैंपल लेकर जांच की मांग की, जिसे कोर्ट ने मंजूरी दे दी है। डीटीपी विक्रम की विजिलेंस के पास कुछ ऑडियो रिकॉर्डिंग हैं, जो शिकायतकर्ता ने विजिलेंस को सौंपी थी। साथ ही आरोपी की डायरी भी विजिलेंस के पास है। उसकी भी लेखनी का मिलान करना है, ताकि केस को मजबूती मिले। दोनों आरोपियों को दोबारा जेल भेज दिया है।
अन्य आरोपियों की नहीं हुई गिरफ्तारी
रिश्वत कांड में कॉलोनाइजरों, डीड राइटरों व अन्य कर्मचारियों के नाम सामने आए थे। इसके चलते कई कर्मचारी छुट्टी लेकर भी चले गए थे लेकिन लंबे समय बाद भी इस मामले में इनकी गिरफ्तारी न होने के कारण वे बेखौफ हैं। हालांकि विजिलेंस का कहना है कि इस मामले में जो जो आरोपी मिलेगा सभी की गिरफ्तारी होगी।
डीटीपी विक्रम और तहसीलदार राजबख्श को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट से डीटीपी विक्रम की आवाज और उसकी हैंड राइटिंग की जांच की अपील की गई थी, जिसे मंजूरी मिल गई है। वहीं, इन दोनों आरोपियों की संपत्ति की जानकारी ईडी और इनकम टैक्स को भी दी जाएगी। इससे अलग अभी मामलों की जांच जारी है।
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सचिन कुमार, निरीक्षक, हरियाणा स्टेट विजिलेंस करनाल
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करनाल। रिश्वत कांड में आरोपी डीटीपी विक्रम और तहसीलदार राजबख्श की संपत्ति की जांच ईडी और इनकम टैक्स विभाग भी करेगा। हरियाणा स्टेट विजिलेंस की टीम इन दोनों आरोपियों की संपत्ति की जांच रिपोर्ट ईडी और इनकम टैक्स विभाग के साथ साझा करेगी। ईडी और इनकम टैक्स की टीमें ही अब इन दोनों आरोपियों की खुल संपत्ति का खुलासा करेंगी। सोमवार को दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां विजिलेंस ने डीटीपी विक्रम की आवाज और उसकी हैंड राइटिंग के सैंपल लेकर जांच की मांग की, जिसे कोर्ट ने मंजूरी दे दी है। डीटीपी विक्रम की विजिलेंस के पास कुछ ऑडियो रिकॉर्डिंग हैं, जो शिकायतकर्ता ने विजिलेंस को सौंपी थी। साथ ही आरोपी की डायरी भी विजिलेंस के पास है। उसकी भी लेखनी का मिलान करना है, ताकि केस को मजबूती मिले। दोनों आरोपियों को दोबारा जेल भेज दिया है।
अन्य आरोपियों की नहीं हुई गिरफ्तारी
रिश्वत कांड में कॉलोनाइजरों, डीड राइटरों व अन्य कर्मचारियों के नाम सामने आए थे। इसके चलते कई कर्मचारी छुट्टी लेकर भी चले गए थे लेकिन लंबे समय बाद भी इस मामले में इनकी गिरफ्तारी न होने के कारण वे बेखौफ हैं। हालांकि विजिलेंस का कहना है कि इस मामले में जो जो आरोपी मिलेगा सभी की गिरफ्तारी होगी।
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डीटीपी विक्रम और तहसीलदार राजबख्श को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट से डीटीपी विक्रम की आवाज और उसकी हैंड राइटिंग की जांच की अपील की गई थी, जिसे मंजूरी मिल गई है। वहीं, इन दोनों आरोपियों की संपत्ति की जानकारी ईडी और इनकम टैक्स को भी दी जाएगी। इससे अलग अभी मामलों की जांच जारी है।
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सचिन कुमार, निरीक्षक, हरियाणा स्टेट विजिलेंस करनाल