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389 गांवों के ड्रोन मैपिंग का कार्य पूरा, 15 सितंबर तक सभी होंगे लाल डोरा मुक्त
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करनाल। स्वामित्व योजना के तहत लाल डोरा मुक्त किए जाने वाले सभी 389 गांवों में ड्रोन मैपिंग का कार्य पूरा हो चुका है। 340 गांवों में से 24 गांवों का प्रथम नक्शा में खामी मिली है। इन्हें दुरुस्त करते हुए 15 सितंबर तक सभी गांव लाल डोरा मुक्त हो जाएंगे। इसके अलावा 94 गांवों में अब तक 516 पंचायती संपत्ति की भी पहचान हो चुकी है। योजना के तहत ऐसी संपत्ति की भी पहचान कर इनका रिकार्ड बनाया जाना है। यह रिपोर्ट डीसी निशांत कुमार यादव ने अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व विभाग) संजीव कौशल के समक्ष पेश की।
एसीएस शनिवार को चंडीगढ़ से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से योजना के तहत हुए कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने तय समय में तेजी से कार्य पूरा करने के अधिकारियों को निर्देश दिए। जिले में अब तक 94 गांव लाल डोरा मुक्त हो चुके हैं। जिनमें 10483 लोगों को डीड वितरित की जा चुकी है, शेष का कार्य जारी है। जिन गांवों का सर्वे ऑफ इंडिया की ओर से फाइनल नक्शा आ चुका है, उनमें प्रॉपर्टी पंजीकरण का कार्य जारी है।
पंजीकरण के बाद यहां भी डीड वितरण होगा। वहीं सरकार के आदेश पर गांवों में पंचायत की संपत्ति जैसे चौपाल, पंचायत घर, मंदिर और ओपन जमीन में तालाब, पार्क व खाली पड़ी जमीन की पहचान का कार्य भी चल रहा है। 94 गांवों में पंचायती संपत्ति के 516 स्थानों की पहचान की गई है जिनमें से 514 पंजीकृत हो चुके हैं।
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रोजाना छह हजार प्रॉपर्टी के पंजीकरण का लक्ष्य
वीसी के बाद डीसी ने जिला राजस्व अधिकारी श्याम लाल को निर्देश दिए कि वे प्रत्येक दिन पांच से छह हजार प्रॉपर्टी पंजीकरण तहसीलदारों से अवश्य करवाएं और इस कार्य की हर रोज की प्रगति रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय में भेजें। उन्होंने बताया कि 269 गांवों का द्वितीय नक्शा आ चुका है, जिनमें से 225 गांवों के दावे और आपत्ति प्राप्त करने की कार्यवाही भी पूरी हो चुकी है, शेष के दावे व आपत्ति जल्द प्राप्त किए जाएंगे। बैठक में योजना के नोडल अधिकारी एवं एसडीएम आयुष सिन्हा, इंद्री के एसडीएम सुमित सिहाग, डीडीपीओ राजबीर खुंडिया और तहसीलदार राजबख्श मौजूद रहे।
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एसीएस शनिवार को चंडीगढ़ से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से योजना के तहत हुए कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने तय समय में तेजी से कार्य पूरा करने के अधिकारियों को निर्देश दिए। जिले में अब तक 94 गांव लाल डोरा मुक्त हो चुके हैं। जिनमें 10483 लोगों को डीड वितरित की जा चुकी है, शेष का कार्य जारी है। जिन गांवों का सर्वे ऑफ इंडिया की ओर से फाइनल नक्शा आ चुका है, उनमें प्रॉपर्टी पंजीकरण का कार्य जारी है।
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पंजीकरण के बाद यहां भी डीड वितरण होगा। वहीं सरकार के आदेश पर गांवों में पंचायत की संपत्ति जैसे चौपाल, पंचायत घर, मंदिर और ओपन जमीन में तालाब, पार्क व खाली पड़ी जमीन की पहचान का कार्य भी चल रहा है। 94 गांवों में पंचायती संपत्ति के 516 स्थानों की पहचान की गई है जिनमें से 514 पंजीकृत हो चुके हैं।
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रोजाना छह हजार प्रॉपर्टी के पंजीकरण का लक्ष्य
वीसी के बाद डीसी ने जिला राजस्व अधिकारी श्याम लाल को निर्देश दिए कि वे प्रत्येक दिन पांच से छह हजार प्रॉपर्टी पंजीकरण तहसीलदारों से अवश्य करवाएं और इस कार्य की हर रोज की प्रगति रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय में भेजें। उन्होंने बताया कि 269 गांवों का द्वितीय नक्शा आ चुका है, जिनमें से 225 गांवों के दावे और आपत्ति प्राप्त करने की कार्यवाही भी पूरी हो चुकी है, शेष के दावे व आपत्ति जल्द प्राप्त किए जाएंगे। बैठक में योजना के नोडल अधिकारी एवं एसडीएम आयुष सिन्हा, इंद्री के एसडीएम सुमित सिहाग, डीडीपीओ राजबीर खुंडिया और तहसीलदार राजबख्श मौजूद रहे।