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Karnal News: केंद्रीय पशुपालन आयुक्त को डॉ. अइया मेमोरियल अवार्ड

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 09 Mar 2024 02:53 AM IST
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Dr. Aiya Memorial Award to Central Animal Husbandry Commissioner
माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान के 15 मार्च को प्रस्तावित 20वें दीक्षांत समारोह के उपलक्ष्य में आयोजित की जा रहे शैक्षणिक पखवाड़े के तहत शुक्रवार को डॉ. केके अइया मेमोरियल व्याख्यान पुरस्कार समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान वर्ष 2023 का डॉ. केके अइया मेमोरियल अवार्ड, केंद्र सरकार के पशुपालन आयुक्त डॉ. अभिजीत मित्रा को दिया गया। उन्हें ये अवार्ड उन्हें पशु आनुवंशिकी एवं प्रजनन, आणविक आनुवंशिकी, जीनोमिक्स के साथ-साथ ट्रांसजेनेसिस में सराहनीय कार्य के लिए दिया गया।
डॉ. डी. सुंदरेसन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में एनडीआरआई के निदेशक और कुलपति डॉ. धीर सिंह ने अध्यक्षता करते हुए भारत सरकार के पशुपालन आयुक्त डॉ. अभिजीत मित्रा का स्वागत किया। साथ ही उन्हें वर्ष 2023 का डॉ. केके अइया मेमोरियल अवार्ड प्रदान करते हुए कहा कि डॉ. मित्रा, संस्थान के पूर्व छात्र और पशुपालन एवं आनुवंशिक अनुसंधान के क्षेत्र के प्रसिद्ध विशेषज्ञ हैं।
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वह दो आईसीएआर संस्थानों के निदेशक और कई प्रतिष्ठित समाजों के फेलो रहे हैं। उन्हें ये पुरस्कार पशु आनुवंशिकी एवं प्रजनन, आणविक आनुवंशिकी, जीनोमिक्स व ट्रांसजेनेसिस में सराहनीय कार्य के लिए दिया गया है। डॉ. अभिजीत मित्रा ने नेविगेटिंग सस्टेनेबल लाइवस्टॉक सिस्टम: इंडियन स्मॉलहोल्डर्स इन ए ग्लोबल कॉन्टेक्स्ट विषय पर ज्ञानवर्धक व्याख्यान दिया। डॉ. मित्रा ने पशुधन क्षेत्र के उल्लेखनीय परिवर्तन, देश की अर्थव्यवस्था में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला।
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उन्होंने कहा कि 2014-15 से 2021-22 तक 13.36 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) के साथ, पशुधन क्षेत्र एक आधारशिला के रूप में उभरा है, जो सकल मूल्य वर्धित (जीवीए) और कुल कृषि जीवीए में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि छोटी जोत वाले समुदायों को सशक्त बनाने में व राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान को पशुधन क्षेत्र के महत्व के रेखांकित किया है।
डॉ. मित्रा ने माना कि पशुधन क्षेत्र के सामने कई चुनौतिया हैं, जिनमें जलवायु परिवर्तन के प्रभाव, बीमारी की चपेट में आने से पशुओं का नुकसान और सीमित संसाधनों और बाज़ार. तक पहुंच मुख्य हैं। इसलिए परंपरा में निहित और आधुनिक चुनौतियों के अनुकूल स्थायी लघुधारक प्रणालियों की ओर परिवर्तन की तत्काल आवश्यकता है।

छोटे किसानों के सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान करने और क्षेत्र में सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए इ-हेल्प, पशुसखी और राष्ट्रीय पशुधन मिशन जैसी सरकारी पहलों को अपनाया जाना चाहिए। संयुक्त निदेशक (शैक्षणिक) डॉ. आशीष कुमार सिंह ने कहा कि एनडीआरआई डॉ. केके. अइया पुरस्कार हर साल प्रदान करता है। जो पूर्व निदेशक डॉ. केके अइया की स्मृति में होता है। इस पुरस्कार में एक स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति पत्र, स्क्रॉल और एक सम्मान राशि शामिल है।
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