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Karnal News: बिगड़ी जीवनशैली से नाराज, युवाओं का हृदय हो रहा बीमार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 29 Sep 2025 01:32 AM IST
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Dissatisfied with the deteriorating lifestyle, the hearts of the youth are becoming sick.
संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। बदलती जीवनशैली हृदय पर भार बढ़ा रही है। युवा हृदय भी बीमार हो रहा है। जिला नागरिक अस्पताल की हृदय रोग ओपीडी में रोजाना 8 से 10 मरीज हृदय की बीमारियों से ग्रस्त आते हैं। इनमें 22 से 45 वर्ष उम्र के लोग बढ़े हैं। परामर्श के दौरान अधिकांश ने खराब खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी की समस्या बताई। उन्हें सलाह भी खानपान में सुधार और खेल व व्यायाम करने की दी गई। एक और बड़ा कारण तनाव है। डॉक्टर का कहना है खुश रहेंगे तो आपका हृदय भी नाराज नहीं होगा।
हृदय रोग विशेषज्ञ डाॅ. बीरेंद्र ने बताया कि पिछले चार सालों में हृदय रोगियों की संख्या काफी बढ़ी है। ओपीडी में दो तरह के मरीज सबसे अधिक आ रहे हैं। हृदय की नसों का ब्लॉक होने और हृदय फेल होने के। इनकी उम्र 35 से 40 तक होती है। इन मरीजों ने बीमारी के लक्षणों को नजरअंदाज किया होता है। इलाज नियमित नहीं कराने से खतरा और बढ़ जाता है। परामर्श के दौरान पता चलता है कि इन लोगों का खानपान अनियमित और बिगड़ा हुआ है। अधिकांश शारीरिक काम कम करते हैं। खेलते भी नहीं हैं।मोटापे के कारण युवाओं में हृदय संबंधी समस्या आ रही है। वसा युक्त व बासी खाने से परहेज करना चाहिए।
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सेवानिवृत्त सिविल सर्जन व हृदय विशेषज्ञ डाॅ. संजीव ग्रोवर ने बताया कि हृदय को खुश व स्वस्थ रखने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है स्वयं का खुश रहना। कोरोना काल के बाद युवाओं में हृदय की समस्या अधिक देखी जा रही है। उन्होंने बताया कि पहले हृदय का ब्लॉक होना और हार्ट अटैक जैसी समस्याएं 50 वर्ष के बाद देखी जाती थीं। शारीरिक गतिविधियां कम होने से युवाओं में ब्लड प्रेशर, मधुमेह और मोटापा बढ़ रहा है।
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मोबाइल ने और बिगाड़ दिया है काम
कोरोना काल के बाद मोबाइल फोन ने लोगों की जीवनशैली को और बिगाड़ दिया। शारीरिक गतिविधियां और कम हो गईं। इससे एक और गलत प्रभाव पड़ा। मोबाइल देखने के दौरान कुछ न कुछ खाने से हालात और बिगड़े। बदलते खानपान, खासकर फास्ट फूड से हृदय पर गंभीर असर डाला। युवा वर्ग पर इसका सबसे अधिक असर पड़ रहा है। बाहर का खाना भी युवा ही अधिक खाते हैं।
-सामान्य लक्षण
सीने में दर्द और जलन
भारीपन महसूस होना
बाएं हाथ, कंधे, पीठ या जबड़े में दर्द होना
अधिक सांस फूलना
हल्की सी गतिविधि पर थक जाना
दिल की धड़कन तेज होना
अधिक पसीना आना
ठंडा पसीना हार्ट अटैक का प्रमुख लक्षण
-गंभीर लक्षण
शरीर में अधिक सूजन आना
चक्कर आना
टखनों, पैर और पेट पर सूजन होना
-ये करें
जंक फूड से बचें
घर का बना खाना खाएं
तनाव व चिंता से दूर रहे
शारीरिक गतिविधियां करें
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बाहर का खाना खाया, 25 साल के युवक हृदयरोगी
25 साल के सेक्टर-12 निवासी युवक को एकाएक सीने में दर्द रहने लगा। पहले तो उसने गैस का दर्द समझा। लेकिन एक बार अधिक दर्द हुआ तो चिकित्सक के पास आए। हृदय रोग के लक्षण होने पर जांच कराई गई। धमनियों में ब्लाकेज की शिकायत पाई गई। उन्हें दवा दी गई। परामर्श के दौरान शारीरिक गतिविधि कम होने और बाहर का खाना अधिक खाने के बारे में पता चला। व्यायाम बताए गए और खानपान में सुधार के लिए कहा।

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दर्द नजरअंदाज किया, दवाओं के सहारे बीतेगी जिंदगी
पालम काॅलोनी 44 वर्षीय व्यक्ति को काफी समय से सीने में दर्द हो रहा था। वह सामान्य दर्द समझकर नजरअंदाज करते रहे। थोड़े से काम में ही सांस फूलने, जल्दी थक जाने और पैरों व टखनों में सूजन की समस्या बढ़ी तो डॉक्टर को दिखाया। परामर्श में पता चला कि उनको फास्ट फूड का शौक है। शारीरिक गतिविधियां भी कम हैं। अब उन्हें पूरी जिंदगी दवाओं का सेवन करना होगा। चिकित्सक ने टहलने के लिए कहा। खानपान में भी सावधानी बरतने की भी सलाह दी।
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