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अन्नपूर्णा उत्सव में लापरवाही पर डीएफएससी निशांत राठी निलंबित
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 18 व 19 अगस्त को अन्नपूर्णा उत्सव में लापरवाही करनाल के डीएफएससी निशांत राठी को भारी पड़ गई है। जिले में कई डिपो पर सड़ा गला गेहूं वितरित करने पर उन्हें निलंबित कर दिया गया है। निलंबन की अवधि के दौरान उन्हें मुख्यालय से संबंद्ध किया गया है।
हरियाणा सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने करनाल के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले नियंत्रक (डीएफएससी) करनाल निशांत राठी को निलंबित करने का आदेश जारी किया है। हालांकि आदेश में निलंबित किए जाने का कारण तो स्पष्ट नहीं किया गया लेकिन विभागीय सूत्र बताते हैं कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में लापरवाही मुख्य कारण रही है।
करनाल मुख्यमंत्री मनोहर लाल का विधान सभा क्षेत्र है। योजना के तहत केंद्र सरकार ने देशभर में 18 व 19 अगस्त को अन्नपूर्णा उत्सव मनाया था। सरकार ने इसे विशेष योजना के तहत प्रचारित किया था। डिपो को सजाया गया था, उपभोक्ताओं के लिए खानपान की भी व्यवस्था की गई थी। जिसमें प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के चित्र वाले विशेष थैलों में राशन वितरण कराया गया था। गरीबों को वितरण के लिए डिपो पर साफ शुद्ध राशन पहुंचे, इसकी पूरी जिम्मेदारी डीएफएससी निशांत राठी की थी। लेकिन इसके बावजूद इंद्री के नौ डिपो सहित शहर व ग्रामीण इलाकों के कई राशन डिपो पर खराब गेहूं वितरण किया गया।
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मुख्यमंत्री उड़न दस्ते ने की थी छापेमारी
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने भी जब छापामारी की थी तो उसमें भी कई डिपो पर अन्य खाद्यान्न व तेल आदि कम पाया गया था। यह मामले सुर्खियों में आए तो सरकार की फजीहत हुई। जांच हुई तो इसमें कई डिपो की आपूर्ति रोक दी गई थी, एक निरीक्षक नवीन को निलंबित कर दिया गया था। इसके अलावा भी नीलोखेड़ी क्षेत्र के एक राइस मिल ने 12.44 करोड़ रुपये के चावल को गायब कर दिया था। इससे पहले भी सीएमआर को लेकर कई तरह की गड़बड़ियां सामने आती रहीं लेकिन इसके बावजूद उन्हीं राइस मिलों को दोबारा से सीएमआर के लिए धान दिया गया आदि मामले सरकार में संज्ञान आते रहे हैं। इन सभी की जिम्मेदारी डीएफएससी की ही थी। जिससे सरकार की नाराजगी की गाज उन पर गिरी है।
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करनाल। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 18 व 19 अगस्त को अन्नपूर्णा उत्सव में लापरवाही करनाल के डीएफएससी निशांत राठी को भारी पड़ गई है। जिले में कई डिपो पर सड़ा गला गेहूं वितरित करने पर उन्हें निलंबित कर दिया गया है। निलंबन की अवधि के दौरान उन्हें मुख्यालय से संबंद्ध किया गया है।
हरियाणा सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने करनाल के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले नियंत्रक (डीएफएससी) करनाल निशांत राठी को निलंबित करने का आदेश जारी किया है। हालांकि आदेश में निलंबित किए जाने का कारण तो स्पष्ट नहीं किया गया लेकिन विभागीय सूत्र बताते हैं कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में लापरवाही मुख्य कारण रही है।
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करनाल मुख्यमंत्री मनोहर लाल का विधान सभा क्षेत्र है। योजना के तहत केंद्र सरकार ने देशभर में 18 व 19 अगस्त को अन्नपूर्णा उत्सव मनाया था। सरकार ने इसे विशेष योजना के तहत प्रचारित किया था। डिपो को सजाया गया था, उपभोक्ताओं के लिए खानपान की भी व्यवस्था की गई थी। जिसमें प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के चित्र वाले विशेष थैलों में राशन वितरण कराया गया था। गरीबों को वितरण के लिए डिपो पर साफ शुद्ध राशन पहुंचे, इसकी पूरी जिम्मेदारी डीएफएससी निशांत राठी की थी। लेकिन इसके बावजूद इंद्री के नौ डिपो सहित शहर व ग्रामीण इलाकों के कई राशन डिपो पर खराब गेहूं वितरण किया गया।
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मुख्यमंत्री उड़न दस्ते ने की थी छापेमारी
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने भी जब छापामारी की थी तो उसमें भी कई डिपो पर अन्य खाद्यान्न व तेल आदि कम पाया गया था। यह मामले सुर्खियों में आए तो सरकार की फजीहत हुई। जांच हुई तो इसमें कई डिपो की आपूर्ति रोक दी गई थी, एक निरीक्षक नवीन को निलंबित कर दिया गया था। इसके अलावा भी नीलोखेड़ी क्षेत्र के एक राइस मिल ने 12.44 करोड़ रुपये के चावल को गायब कर दिया था। इससे पहले भी सीएमआर को लेकर कई तरह की गड़बड़ियां सामने आती रहीं लेकिन इसके बावजूद उन्हीं राइस मिलों को दोबारा से सीएमआर के लिए धान दिया गया आदि मामले सरकार में संज्ञान आते रहे हैं। इन सभी की जिम्मेदारी डीएफएससी की ही थी। जिससे सरकार की नाराजगी की गाज उन पर गिरी है।