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Karnal News: गोगा नवमीं मेले में श्रद्धालुओं ने चढ़ाए झंडे निशान
Thu, 04 Sep 2025 02:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Thu, 04 Sep 2025 02:05 AM IST
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19....ऊँ शिव गोरक्ष गोगा मंदिर में आयोजित हवन में आहुतियां डालते श्रद्धालु। स्वयं
- फोटो : samvad
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। ऊँ शिव गोरक्ष गोगा मंदिर यूआर ट्रस्ट की ओर से पुंडरक गांव में बुधवार को गोगा नवमीं मेला लगाया गया। करनाल और आसपास के जिलों व अन्य राज्यों से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने झंडे निशान चढ़ाए। श्रद्धालुओं ने हवन में आहुतियां डाल विश्व शांति और परिवारों में सुख-समृद्धि की कामना की। गुरु माता ऊषा देवी और भक्त राजपाल ने भक्तों के लिए उज्जवल भविष्य की कामना की। ब्राह्मणों, कन्याओं व जोगियों को भोजन परोसने के बाद विशाल भंडारा लगाकर प्रसाद वितरण किया गया।
गुरु माता ने कहा कि नवमी वाले दिन श्रद्धालु दूरदराज के क्षेत्रों से ऊँ शिव गोरक्ष गोगा मंदिर में आते हैं। जाहरवीर गोगा जी के समक्ष जोत जलाने तथा भगवा और केसरिया वस्त्र अर्पित करने से मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। भंडारे में प्रसाद ग्रहण करने और जल सेवन से शरीर की सभी दिक्कतें दूर हो जाती हैं। गुरु माता बचपन से ही बाबा गोरखनाथ और जाहवीर गोगा जी को शरणागत होकर पूजा-अर्चना करती आ रही हैं। मां संतोषी की भी उन पर विशेष कृपा है। पिछले 21 वर्षो से हर साल गोगा नवमी मेला लगाया जाता है। वर्ष 2005 से यह परंपरा चली आ रही है। गुरु माता ने दो महीने व्रत रखकर भक्तों पर बाबा गोरखनाथ व जाहरवीर गोगा की कृपा की कामना की। इस अवसर पर रोहित कंकरवाल, अशोक भारद्वाज, कंवरपाल, श्याम सिंह, सतबीर, बलबीर, महावीर, निर्देश, राघव, पार्षद सुधीर यादव, राजेश, सुरेंद्र और अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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करनाल। ऊँ शिव गोरक्ष गोगा मंदिर यूआर ट्रस्ट की ओर से पुंडरक गांव में बुधवार को गोगा नवमीं मेला लगाया गया। करनाल और आसपास के जिलों व अन्य राज्यों से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने झंडे निशान चढ़ाए। श्रद्धालुओं ने हवन में आहुतियां डाल विश्व शांति और परिवारों में सुख-समृद्धि की कामना की। गुरु माता ऊषा देवी और भक्त राजपाल ने भक्तों के लिए उज्जवल भविष्य की कामना की। ब्राह्मणों, कन्याओं व जोगियों को भोजन परोसने के बाद विशाल भंडारा लगाकर प्रसाद वितरण किया गया।
गुरु माता ने कहा कि नवमी वाले दिन श्रद्धालु दूरदराज के क्षेत्रों से ऊँ शिव गोरक्ष गोगा मंदिर में आते हैं। जाहरवीर गोगा जी के समक्ष जोत जलाने तथा भगवा और केसरिया वस्त्र अर्पित करने से मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। भंडारे में प्रसाद ग्रहण करने और जल सेवन से शरीर की सभी दिक्कतें दूर हो जाती हैं। गुरु माता बचपन से ही बाबा गोरखनाथ और जाहवीर गोगा जी को शरणागत होकर पूजा-अर्चना करती आ रही हैं। मां संतोषी की भी उन पर विशेष कृपा है। पिछले 21 वर्षो से हर साल गोगा नवमी मेला लगाया जाता है। वर्ष 2005 से यह परंपरा चली आ रही है। गुरु माता ने दो महीने व्रत रखकर भक्तों पर बाबा गोरखनाथ व जाहरवीर गोगा की कृपा की कामना की। इस अवसर पर रोहित कंकरवाल, अशोक भारद्वाज, कंवरपाल, श्याम सिंह, सतबीर, बलबीर, महावीर, निर्देश, राघव, पार्षद सुधीर यादव, राजेश, सुरेंद्र और अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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