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Karnal News: खामोश कातिल है बिगड़ती जीवनशैली... मोटापे, मधुमेह के बढ़ रहे मामले

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 21 Feb 2026 01:12 AM IST
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Deteriorating lifestyle is a silent killer... cases of obesity and diabetes are on the rise.
माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। बदलती दिनचर्या, अनियमित खानपान और तकनीक पर बढ़ती निर्भरता लोगों का स्वास्थ्य खराब कर रही है। सिविल अस्पताल के आंकड़े चिंताजनक तस्वीर पेश करते हैं। अस्पताल की ओपीडी में मोटापा, मधुमे, उच्च रक्तचाप और हृदय रोग से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। चिकित्सकों का कहना है कि बिगड़ती जीवनशैली अब खामोश कातिल के रूप में लोगों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर रही है। जंक फूड, देर रात तक जागना और शारीरिक गतिविधि की कमी इन समस्याओं का सबसे बड़ा कारण है।
अस्पताल की मेडिसन ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 250 से 300 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें करीब 35 से 40 प्रतिशत मरीज मधुमेह और उच्च रक्तचाप के हैं। 25 से 40 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं में इन बीमारियों के मामले पहले की तुलना में तेजी से बढ़े हैं। चिकित्सकों के अनुसार देर रात तक जागना, तनावपूर्ण दिनचर्या, शारीरिक श्रम की कमी और मोबाइल-लैपटॉप पर लंबे समय तक समय बिताना युवाओं के स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है। कई लोग नियमित स्वास्थ्य जांच से भी बचते हैं, जिससे बीमारी का पता देर से चलता है और जोखिम बढ़ जाता है।
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मोटापा बना कई बीमारियों की जड़

सिविल अस्पताल की मेडिसन विभाग की डॉ. प्रिय दलाल का कहना है कि जंक फूड, तली-भुनी चीजों और मीठे पेय पदार्थों का बढ़ता सेवन मोटापे की मुख्य वजह बन रहा है। मोटापा आगे चलकर डायबिटीज, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, फैटी लिवर, थायरॉइड असंतुलन और जोड़ों के दर्द जैसी समस्याओं को जन्म देता है। नियमित व्यायाम और संतुलित आहार अपनाकर इन बीमारियों से काफी हद तक बचाव संभव है लेकिन जागरूकता के बावजूद लोग अपनी जीवनशैली में बदलाव नहीं कर रहे।
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तनाव और नींद की कमी भी खतरा

मानसिक तनाव, अवसाद, चिंता और अनिद्रा जैसी समस्याएं भी तेजी से बढ़ रही हैं। प्रतिस्पर्धी माहौल, काम का दबाव और डिजिटल उपकरणों का अत्यधिक उपयोग मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है। पर्याप्त नींद न लेने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है और कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।


विशेषज्ञों की सलाह : दिनचर्या में बदलाव जरूरी

डॉ. प्रिया दलाल का मानना है कि छोटी-छोटी आदतों में सुधार कर गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। इसके लिए रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम या पैदल चलना, संतुलित आहार लेना, जंक फूड और मीठे पेय से दूरी बनाना, नियमित स्वास्थ्य जांच कराना, पर्याप्त नींद लेना और तनाव से दूर रहना बेहद जरूरी है।
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