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चार एकड़ में साठी धान की तहस नहस
करनाल
Updated Tue, 13 May 2014 12:24 AM IST
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साठी धान की रोपाई को रोकने के लिए जिला प्रशासन सख्त हो गया है। इसी कड़ी
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में उप कृषि निदेशक डॉ. पवन शर्मा ने कृषि अधिकारियों को साथ लेकर इंद्री
क्षेत्र के गांव सैयद छपरा में करीब चार एकड़ में लगी साठी धान को स्प्रे
कर नष्ट किया है।
डॉ. पवन शर्मा ने कहा कि उपायुक्त बलराज सिंह के निर्देश पर भूमि जल संरक्षण अधिनियम 2009 की अनुपालना में सोमवार को इंद्री क्षेत्र के गांव में पहुंचकर किसान अली अब्बास पुत्र आले हसन व केसर अब्बास पुत्र नाजीर हसन को समझा और उनकी सहमति से करीब चार एकड़ भूमि पर लगी साठी धान को स्प्रे करके नष्ट किया है।
उन्होंने बताया कि इन किसानों को पहले कृषि विभाग की ओर से नोटिस जारी किए गए थे, इसके बावजूद उन्होंने साठी धान को नष्ट नहीं किया। इसलिए उनके खेत में लगी साठी धान को नष्ट किया गया है। किसानों को आग्रह किया है कि जो किसान साठी धान की बिजाई करेगा प्रशासन उनसे सख्ती से निपटेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार ने साठी धान की रोपाई पर 15 जून से पहले रोपाई करने पर पूर्णत: प्रतिबंध लगाया हुआ है, जो किसान सरकार के इस अधिनियम का उल्लंघन करेगा उनके खिलाफ कानूनी करवाई की जाएगी तथा जुर्माने के रूप में 10 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर लगातार तीन महीने तक वसूल किया जाएगा। इस मौके पर कृषि विभाग के एसडीओ सुनील, गुणवत्ता नियंत्रक डॉ. अनिल चौहान, खंड कृषि अधिकारी डॉ. राजेंद्र तोमर, एडीओ डॉ. अश्विनी कुमार, डॉ. सुरेंद्र कुमार, डॉ. रतन सिंह सहित आसपास के किसान भी उपस्थित रहे।
डॉ. पवन शर्मा ने कहा कि उपायुक्त बलराज सिंह के निर्देश पर भूमि जल संरक्षण अधिनियम 2009 की अनुपालना में सोमवार को इंद्री क्षेत्र के गांव में पहुंचकर किसान अली अब्बास पुत्र आले हसन व केसर अब्बास पुत्र नाजीर हसन को समझा और उनकी सहमति से करीब चार एकड़ भूमि पर लगी साठी धान को स्प्रे करके नष्ट किया है।
उन्होंने बताया कि इन किसानों को पहले कृषि विभाग की ओर से नोटिस जारी किए गए थे, इसके बावजूद उन्होंने साठी धान को नष्ट नहीं किया। इसलिए उनके खेत में लगी साठी धान को नष्ट किया गया है। किसानों को आग्रह किया है कि जो किसान साठी धान की बिजाई करेगा प्रशासन उनसे सख्ती से निपटेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार ने साठी धान की रोपाई पर 15 जून से पहले रोपाई करने पर पूर्णत: प्रतिबंध लगाया हुआ है, जो किसान सरकार के इस अधिनियम का उल्लंघन करेगा उनके खिलाफ कानूनी करवाई की जाएगी तथा जुर्माने के रूप में 10 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर लगातार तीन महीने तक वसूल किया जाएगा। इस मौके पर कृषि विभाग के एसडीओ सुनील, गुणवत्ता नियंत्रक डॉ. अनिल चौहान, खंड कृषि अधिकारी डॉ. राजेंद्र तोमर, एडीओ डॉ. अश्विनी कुमार, डॉ. सुरेंद्र कुमार, डॉ. रतन सिंह सहित आसपास के किसान भी उपस्थित रहे।