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Karnal News: खामियों से बढ़े सड़क हादसे पर सतर्कता से घटी मौत की दर
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- आईआरएडी की रिपोर्ट में 22 हादसे बढ़े, लेकिन मौत की दर 22 फीसदी कम हुई
- 2022 में 760 हादसों में 434 की मौत, 2023 में 782 हादसों ने ली 338 जान
- 2024 में हादसों में कमी लाने के लिए पुलिस करेगी सख्ती, जनवरी में 13177 चालान हुए
गगन तलवार
करनाल। कोई सड़क पूरी तरह उखड़ी है तो कहीं सुरक्षा मानक अधूरे हैं, यह खामियां राहगीरों पर भारी पड़ रही है। इससे जिले में सड़क हादसे की संख्या बढ़ी है। हालांकि सतर्कता से हादसों में मौत की दर पहले से कुछ घटी है। यह बात आईआरएडी की वार्षिक रिपोर्ट में सामने आई है। जिसके अनुसार, 2022 की तुलना में वर्ष 2023 में सड़क हादसों की संख्या 22 बढ़ी है, राहत यह है कि इन हादसों में मौत की दर 22 फीसदी तक कम हुई है।
आंकड़ों पर नजर डालें तो आईआरएडी (इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डाटाबेस) की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2022 में 760 सड़क हादसे हुए, इनमें 434 लोगों की मौत हुई। जबकि वर्ष 2023 में 782 सड़क हादसों में 338 की जान गई। अब 2024 में मौत के साथ-साथ हादसों के आंकड़े को भी कम किया जा सके, इसके लिए यातायात पुलिस पहले से ज्यादा सख्ती करेगी। इसकी शुरुआत हो चुकी है, जनवरी माह में यातायात पुलिस ने 13177 वाहनों के चालान करके 42.39 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। जबकि चालानिंग का यह मासिक आंकड़ा 2023 में कम था।
आईआरएडी की परियोजना प्रबंधक का कहना है कि नेशनल हाईवे समेत अन्य राजमार्गों पर कई ऐसी जगह हैं, जहां ज्यादा हादसे होते हैं। इनकी पहचान करके सुधार के प्रयास करने होंगे। उखड़ी सड़कें, टूटे डिवाइडर, स्ट्रीट लाइटें बंद रहने समेत कई खामियां हादसों की वजह हैं।
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हादसों के मामले में प्रदेश में दूसरे नंबर पर करनाल
सड़क हादसों में मौत का आंकड़ा भले ही घटा हो, लेकिन प्रदेश में सर्वाधिक हादसों वाले जिलों की संख्या में करनाल का नाम आगे है। अब तक तीसरे व चौथे स्थान पर रहने वाला करनाल 2023 में सड़क हादसों के मामले में प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहा। 782 हादसों में 304 गंभीर हादसे हुए। जबकि प्रदेश में पहले पायदान पर रहने वाले गुरुग्राम जिले में 933 हादसों में से 322 गंभीर हादसे हुए।
इस वर्ष 22 हादसे बढ़े और मौत की संख्या 96 घटी
महीना
हादसे
मौत
वर्ष 2022/2023 2022/2023
जनवरी 47/61 24/23
फरवरी 53/74 37/42
मार्च 73/50 43/32
अप्रैल 67/58 40/25
मई 53/76 41/36
जून 69/83 40/24
जुलाई 66/65 31/24
अगस्त 61/55 31/21
सितंबर 47/51 29/22
अक्तूबर 85/86 42/33
नवंबर 61/52 34/27
दिसंबर 78/71 42/29
कुल 760/782 434/338
सड़क हादसों और हादसों में मौत के आंकड़े को कम करने के लिए हमारे प्रयास जारी हैं। संबंधित विभागों के अधिकारियों को सड़कें दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। यातायात पुलिस ने भी चालानिंग बढ़ाई है। तेज रफ्तार, नशे की हालत में वाहन चलाने वालों और गलत दिशा में वाहन चलाने पर सख्ती बढ़ा रहे हैं।
- अनीश यादव, उपायुक्त
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- 2022 में 760 हादसों में 434 की मौत, 2023 में 782 हादसों ने ली 338 जान
- 2024 में हादसों में कमी लाने के लिए पुलिस करेगी सख्ती, जनवरी में 13177 चालान हुए
गगन तलवार
करनाल। कोई सड़क पूरी तरह उखड़ी है तो कहीं सुरक्षा मानक अधूरे हैं, यह खामियां राहगीरों पर भारी पड़ रही है। इससे जिले में सड़क हादसे की संख्या बढ़ी है। हालांकि सतर्कता से हादसों में मौत की दर पहले से कुछ घटी है। यह बात आईआरएडी की वार्षिक रिपोर्ट में सामने आई है। जिसके अनुसार, 2022 की तुलना में वर्ष 2023 में सड़क हादसों की संख्या 22 बढ़ी है, राहत यह है कि इन हादसों में मौत की दर 22 फीसदी तक कम हुई है।
आंकड़ों पर नजर डालें तो आईआरएडी (इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डाटाबेस) की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2022 में 760 सड़क हादसे हुए, इनमें 434 लोगों की मौत हुई। जबकि वर्ष 2023 में 782 सड़क हादसों में 338 की जान गई। अब 2024 में मौत के साथ-साथ हादसों के आंकड़े को भी कम किया जा सके, इसके लिए यातायात पुलिस पहले से ज्यादा सख्ती करेगी। इसकी शुरुआत हो चुकी है, जनवरी माह में यातायात पुलिस ने 13177 वाहनों के चालान करके 42.39 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। जबकि चालानिंग का यह मासिक आंकड़ा 2023 में कम था।
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आईआरएडी की परियोजना प्रबंधक का कहना है कि नेशनल हाईवे समेत अन्य राजमार्गों पर कई ऐसी जगह हैं, जहां ज्यादा हादसे होते हैं। इनकी पहचान करके सुधार के प्रयास करने होंगे। उखड़ी सड़कें, टूटे डिवाइडर, स्ट्रीट लाइटें बंद रहने समेत कई खामियां हादसों की वजह हैं।
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हादसों के मामले में प्रदेश में दूसरे नंबर पर करनाल
सड़क हादसों में मौत का आंकड़ा भले ही घटा हो, लेकिन प्रदेश में सर्वाधिक हादसों वाले जिलों की संख्या में करनाल का नाम आगे है। अब तक तीसरे व चौथे स्थान पर रहने वाला करनाल 2023 में सड़क हादसों के मामले में प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहा। 782 हादसों में 304 गंभीर हादसे हुए। जबकि प्रदेश में पहले पायदान पर रहने वाले गुरुग्राम जिले में 933 हादसों में से 322 गंभीर हादसे हुए।
इस वर्ष 22 हादसे बढ़े और मौत की संख्या 96 घटी
महीना
हादसे
मौत
वर्ष 2022/2023 2022/2023
जनवरी 47/61 24/23
फरवरी 53/74 37/42
मार्च 73/50 43/32
अप्रैल 67/58 40/25
मई 53/76 41/36
जून 69/83 40/24
जुलाई 66/65 31/24
अगस्त 61/55 31/21
सितंबर 47/51 29/22
अक्तूबर 85/86 42/33
नवंबर 61/52 34/27
दिसंबर 78/71 42/29
कुल 760/782 434/338
सड़क हादसों और हादसों में मौत के आंकड़े को कम करने के लिए हमारे प्रयास जारी हैं। संबंधित विभागों के अधिकारियों को सड़कें दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। यातायात पुलिस ने भी चालानिंग बढ़ाई है। तेज रफ्तार, नशे की हालत में वाहन चलाने वालों और गलत दिशा में वाहन चलाने पर सख्ती बढ़ा रहे हैं।
- अनीश यादव, उपायुक्त