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Karnal News: डेडलाइन खत्म, अब तक केवल दो ही आश्रय स्थल बना पाया निगम

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 13 Dec 2025 01:45 AM IST
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Deadline is over, so far the corporation has been able to build only two shelters.
माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। लावारिस आक्रामक कुत्तों के लिए आश्रय स्थल बनाने के लिए दी गई सुप्रीम कोर्ट की डेडलाइन पूरी हो चुकी है लेकिन निगम की तैयारियां अधूरी हैं। निगम 4 में से केवल 2 ही आश्रय बना पाया है। इनमें से भी एक आश्रय स्थल वह है जहां कुत्तों की नसबंदी का काम चल रहा है। ऊंचाना में दूसरा आश्रय स्थल बनाने का दावा किया जा रहा है। दाहा गांव में तीसरा शेल्टर के निर्माणाधीन होने का निगम अधिकारी दावा कर रहे हैं। जबकि चौथे शेल्टर के लिए निगम अब तक जगह तक फाइनल नहीं कर पाया है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शहरी स्थानीय निकाय ने नगर निगम करनाल के अधिकारियों को 10 दिसंबर तक लावारिस आक्रामक कुत्तों के लिए शेल्टर बनाने के निर्देश दिए थे। अधिकारी कागजी कार्रवाई में ही उलझे रहे। नतीजा ये है कि शहर के सार्वजनिक स्थलों से लावारिस कुत्ते हटाए नहीं गए हैं। शुक्रवार को भी आवारा कुत्ते नागरिक अस्पताल से लेकर रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और पार्कों में घूमते रहे। शुक्रवार को भी 12 लोगों को कुत्तों ने काटा। ये लोग जिला नागरिक अस्पताल, कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में ईआरवी लगवाने पहुंचे।
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सार्वजनिक स्थलों पर कुत्तों की शिकायत नहीं
अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने निगम की ओर से एक टोल फ्री नंबर 18001802700 जारी किया है। इस पर लोग लावारिस कुत्तों की शिकायत दे सकते हैं। निगम की ओर से एजेंसी कर्मचारी इनको हटाएंगे। नसबंदी के बाद उनको आश्रय स्थल में रखा जाएगा। टोल फ्री नंबर पर शिकायते मिलने के बारे में उन्होंने हामी भरी लेकिन ये कितनी और कहां से आईं, इन पर क्या कार्रवाई की गई, नहीं बता पाए। यह जरूर बताया कि ये सभी शिकायतें कॉलोनियों और आसपास के क्षेत्र की हैं। शहर के सार्वजनिक स्थलों पर लावारिस कुत्तों की निगम को शिकायत नहीं मिली है। हालांकि टीम सार्वजनिक स्थानों से भी कुत्ते हटाने का काम करेगी।
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शेल्टर में रखे जाएंगे केवल आक्रामक कुत्ते
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, नए बनने वाले चार आश्रय स्थलों में केवल आक्रामक और संक्रमित कुत्तों को ही रखा जाएगा। बाकी सामान्य कुत्तों की नसबंदी करवाने के बाद वापस उसी जगह छोड़ दिया जाएगा जहां से उनको उठाया जाएगा। नगर निगम ने अब तक सिर्फ 5 हजार लावारिस कुत्तों की नसबंदी की। नसबंदी के बाद कुत्तों को वापस उसी स्थान पर छोड़ दिया जाता है। क्योंकि उनको रखने के लिए निगम के पास अब तक शेल्टर नहीं है। नगर निगम के आकलन के अनुसार शहर में लावारिस कुत्तों की संख्या 20000 से अधिक है।


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फिलहाल घोघड़ीपुर में वर्तमान में चल रहा कुत्तों की नसबंदी केंद्र ही पहले चरण में शेल्टर के रूप में विकसित किया है। ऊंचाना में एक नया बनाया गया है। दाहा में निर्माणाधीन और सिरसी के पास बनाए जाने की योजना है। - मदन मोहन गर्ग, एमई, नगर निगम
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