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खुले दरबार में डीसी ने निपटाईं अस्सी समस्याएं
करनाल
Updated Wed, 30 Oct 2013 10:03 PM IST
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गांव चिड़ाव में प्रशासन की ओर से खुला दरबार लगाकर लोगों की समस्याएं सुनी गई। मौके पर आए फरियादियों में से पांच ऐसे पात्र व्यक्ति थे, जिनके पास पीला कार्ड और मकान बनाने के लिए 100 वर्ग गज का प्लॉट तो था, पर पैसा नहीं। डीसी ने मौके पर ही इन व्यक्तियों को सरकार की प्रियदर्शनी आवास योजना के फार्म दिलाकर उनका अनुदान स्वीकृत कर दिया।
उन्होंने बीडीपीओ निसिंग को निर्देश दिए कि वे गांव में आकर मकान के अनुदान की सारी औपचारिकताएं पूरी कर लें। खुले दरबार में ही खिलाड़ियाें की मांग पर उन्हें खेल का सामान जल्द मुहैया कराने की घोषणा की। इसके अतिरिक्त ग्राम पंचायत की मांग पर उपायुक्त ने घोषणा की कि गांव में सरकार की स्कीम से स्टेडियम बनवा दिया जाएगा, बशर्ते पंचायत को जमीन देनी होगी।
ग्रामीण क्षेत्र में आयोजित इस दरबार में उपायुक्त के समक्ष 80 शिकायतें आई। इनमें अधिकांश मकान अनुदान व बीपीएल कार्ड बनवाने से संबंधित थी। उपायुक्त ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि नए बीपीएल कार्ड तब बनेंगे, जब सरकार की ओर से सर्वे किया जाएगा। लोगों को बीपीएल कार्ड बनवाने के लिए अभी दफ्तरों के चक्कर काटकर परेशानी उठाने की जरूरत नहीं हैं।
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मकान अनुदान में भी उन्हीं पात्र व्यक्तियों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनके पास पीला कार्ड है और रहने के लिए पक्का मकान नहीं है। इसमें ऐसे बीपीएल भी कवर होंगे, जिनके पास 100 वर्ग गज का प्लॉट है लेकिन मकान बनाने के लिए धनराशि नहीं है। खुले दरबार में निसिंग के साथ लगते एक डेरे के निवासियों ने सरकार की ओर से डेरों के लिए चलाई जा रही अनेक योजनाओं का लाभ पाने की इच्छा डीसी से जताई। उन्होंने मांग की कि निसिंग से उनके डेरे तक जाने का रास्ता पक्का करा दिया जाए।
उपायुक्त ने इस मांग को पूरा करने के लिए बीडीपीओ को निर्देश दिए कि वे मौके पर जाकर मुआयना कर लें। दरबार में आए आवेदनों से जुडे़ लोगों की बात सुनने से पहले उपायुक्त ने पहले उपस्थित ग्रामीणों से बिजली व पानी की सप्लाई, इनके टाइम शेडयूल के लिए संवाद किया।
सरपंच जगन्नाथ नरवाल ने बताया कि पानी की सप्लाई ठीक है और इसमें किसी भी प्रकार की दिक्कत पेश नहीं आ रही है। कभी-कभी बिजली ट्रिप मार जाती है। उपायुक्त ने ग्रामीणों को समझाया वे सफाई रखें, पेयजल का सदुपयोग करें, गांव को साफ-सुथरा रखेंगे तो बीमारियां कम होंगी।
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उन्होंने बीडीपीओ निसिंग को निर्देश दिए कि वे गांव में आकर मकान के अनुदान की सारी औपचारिकताएं पूरी कर लें। खुले दरबार में ही खिलाड़ियाें की मांग पर उन्हें खेल का सामान जल्द मुहैया कराने की घोषणा की। इसके अतिरिक्त ग्राम पंचायत की मांग पर उपायुक्त ने घोषणा की कि गांव में सरकार की स्कीम से स्टेडियम बनवा दिया जाएगा, बशर्ते पंचायत को जमीन देनी होगी।
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ग्रामीण क्षेत्र में आयोजित इस दरबार में उपायुक्त के समक्ष 80 शिकायतें आई। इनमें अधिकांश मकान अनुदान व बीपीएल कार्ड बनवाने से संबंधित थी। उपायुक्त ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि नए बीपीएल कार्ड तब बनेंगे, जब सरकार की ओर से सर्वे किया जाएगा। लोगों को बीपीएल कार्ड बनवाने के लिए अभी दफ्तरों के चक्कर काटकर परेशानी उठाने की जरूरत नहीं हैं।
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मकान अनुदान में भी उन्हीं पात्र व्यक्तियों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनके पास पीला कार्ड है और रहने के लिए पक्का मकान नहीं है। इसमें ऐसे बीपीएल भी कवर होंगे, जिनके पास 100 वर्ग गज का प्लॉट है लेकिन मकान बनाने के लिए धनराशि नहीं है। खुले दरबार में निसिंग के साथ लगते एक डेरे के निवासियों ने सरकार की ओर से डेरों के लिए चलाई जा रही अनेक योजनाओं का लाभ पाने की इच्छा डीसी से जताई। उन्होंने मांग की कि निसिंग से उनके डेरे तक जाने का रास्ता पक्का करा दिया जाए।
उपायुक्त ने इस मांग को पूरा करने के लिए बीडीपीओ को निर्देश दिए कि वे मौके पर जाकर मुआयना कर लें। दरबार में आए आवेदनों से जुडे़ लोगों की बात सुनने से पहले उपायुक्त ने पहले उपस्थित ग्रामीणों से बिजली व पानी की सप्लाई, इनके टाइम शेडयूल के लिए संवाद किया।
सरपंच जगन्नाथ नरवाल ने बताया कि पानी की सप्लाई ठीक है और इसमें किसी भी प्रकार की दिक्कत पेश नहीं आ रही है। कभी-कभी बिजली ट्रिप मार जाती है। उपायुक्त ने ग्रामीणों को समझाया वे सफाई रखें, पेयजल का सदुपयोग करें, गांव को साफ-सुथरा रखेंगे तो बीमारियां कम होंगी।