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Karnal News: क्लाइमेट स्मार्ट तकनीक से करना होगा डेयरी उद्योग विकसित

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 25 Apr 2023 02:57 AM IST
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Dairy industry will have to be developed with climate smart technology
माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि पंजाब और हरियाणा के किसानों ने हरित क्रांति के साथ-साथ श्वेत क्रांति में भी अहम योगदान दिया है। लिहाजा दोनों सूबों के किसानों को मैं नमन करती हूं। अब हमें क्लाइमेट स्मार्ट तकनीक अपनाकर डेयरी उद्योग का विकास करना चाहिए।

राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान में पहुंचीं राष्ट्रपति ने कहा कि कृषि आधारित हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुधन आजीविका का एक प्रमुख साधन भी है। डेयरी उद्योग खाद्य एवं पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के साथ-साथ उनकी आर्थिक स्थिति में बदलाव लाने के लिए डेयरी सेक्टर महत्वपूर्ण रहा है। आबादी के साथ देश में दूध की मांग भी बढ़ती जा रही है। इस सेक्टर में जलवायु परिवर्तन, अच्छे चारे का प्रबंधन, पशुओं में बीमारियां आदि कई चुनौतियां हैं, जिसका समाधान निकालने की जिम्मेदारी सरकार सहित सभी हित धारकों की है। हम सभी का दायित्व है कि पशु कल्याण को ध्यान में रखते हुए पर्यावरण अनुकूल और क्लाइमेट स्मार्ट टेक्नोलॉजी को अपनाकर डेयरी उद्योग का विकास करें।
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राष्ट्रपति ने युवाओं से आह्वान किया कि वे सदैव नया सीखने के लिए प्रयत्नशील रहें तथा जनकल्याण के लिए कार्य करें। मैं चाहती हूं कि डेयरी सेक्टर से जुड़े कुछ विद्यार्थी रोजगार प्रदाता व उद्यमी जरूर बनें। इस उद्योग में विकास की असीम संभावनाएं हैं और आपको इन संभावनाओं का लाभ उठाना चाहिए। मुझे बताया गया है कि एनडीआरआई द्वारा देश के विभिन्न भागों में डेयरी सेक्टर में उद्यमिता और स्टार्ट अप को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं। मुझे उम्मीद है आप इसका व सरकार की अन्य योजनाओं का लाभ लेते हुए उद्यमी के रूप में शुरूआत करेंगे।
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‘दूध दही का खाणा, म्हारा देस हरियाणा’
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हरियाणा को वीरों की भूमि बताते हुए कहा कि यहां तो लोग कहते हैं कि ‘दूध दही का खाणा, म्हारा देस हरियाणा’। गाय व पशुधन भारत की संस्कृति और परंपराओं का अभिन्न अंग हैं। हमारे यहां तो बुजुर्ग दूधो नहाव-पूतो फलो, का आशीर्वाद देते हैं। दूध को पवित्र माना जाता है, दूध से देवी देवताओं को अभिषेक किया जाता है। राष्ट्रपति ने एक संस्कृत का श्लोक सुनाकर दूध की महिमा बताते हुए कहा कि दूध मां के दूध के समान अमृत होता है। जो रोगों को भी दूर करता है। भारतीय परंपराओं में गाय को समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। गाय के प्रति भगवान श्रीकृष्ण का प्रेम, भगवान शिव व नंदी की कहानियां सदियों से हमारी संस्कृति का हिस्सा रही हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भी उन्हें बताया कि हरियाणा के युवाओं का देश की सेनाओं, खेलों में अहम योगदान है। हरियाणा में दुग्ध उत्पादन काफी बेहतर है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और एनडीआरआई का इसमें विशेष योगदान है। इसके लिए एनडीआरआई के निदेशक व उनकी पूरी टीम को बधाई देती हूं। उन्हें बताया गया कि एनडीआरआई ने जलवायु परिवर्तन के बीच दुग्ध की उत्पादकता को बनाए रखने के लिए परियोजनाओं पर काम शुरू किया है।
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