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Karnal News: दादा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल जाए...
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श्री घंटाकर्ण तीर्थस्थान पर आयोजित किया गया भक्ति संगम
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। इंद्री रोड स्थित श्री घंटाकर्ण महावीर तीर्थस्थान पर विशेष कृपा दिवस आयोजित किया गया। महासाध्वी प्रमिला महाराज ने कहा कि महाप्रभावी घंटाकर्ण देवता के भक्तों का कोई विपत्ति कुछ बिगाड़ नहीं पाती। इससे पूर्व यहां साध्वी जागृति ने, दादा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल जाए; सच कहता हूं मेरी तकदीर बदल जाए भजन गाकर सभी को भक्ति में सराबोर कर दिया।
तीर्थ स्थल पर सबसे पहले श्री घंटाकर्ण बीजमंत्र का सामूहिक जाप कर सभी के कल्याण की कामना की गई। साध्वी जागृति, कर्मवीर, जयपाल सिंह, अनिता जैन, निशा जैन, पुष्पा गोयल, सुधा जैन ने भक्तिगीतों से समा बांधा। इसमें इंद्री वाले की मैंने जब से पकड़ी है बांह, बदली है तकदीर और बदले हालात और तू प्यार का सागर है और भक्तों का रहबर है। जहां ले चलोगे वहीं मैं चलूंगा, यह जीवन समर्पण चरण में तुम्हारे सहित कई भजन गाए गए।
महासाध्वी प्रमिला महाराज ने कहा कि श्री घंटाकर्ण जी बावन वीरों में तीसवें वीर शिरोमणि तथा वीरों की परिषद में सेनापति का गौरवमयी स्थान प्राप्त प्रभावशाली देवता हैं, जिन्हें जैन, हिंदू तथा बौद्ध तीनों परंपराओं में पूजा जाता है। जैन परंपरा में इन्हें 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर का शासनरक्षक देव माना जाता है। वैदिक परंपरा में इन्हें बद्रीनाथ तीर्थ का क्षेत्रपाल देवता, शिवजी का गण तथा उनके पुत्र कार्तिकेय का अभिन्न सहयोगी माना जाता है। उन्होंने कहा कि दैवी शक्तियों में अलौकिक क्षमताओं से संपन्न होने के कारण भक्तजनों के अभावों को दूर करने और उनके लिए शुभ तथा मंगल सुनिश्चित करने की अपूर्व शक्ति रहती है।
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करनाल। इंद्री रोड स्थित श्री घंटाकर्ण महावीर तीर्थस्थान पर विशेष कृपा दिवस आयोजित किया गया। महासाध्वी प्रमिला महाराज ने कहा कि महाप्रभावी घंटाकर्ण देवता के भक्तों का कोई विपत्ति कुछ बिगाड़ नहीं पाती। इससे पूर्व यहां साध्वी जागृति ने, दादा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल जाए
तीर्थ स्थल पर सबसे पहले श्री घंटाकर्ण बीजमंत्र का सामूहिक जाप कर सभी के कल्याण की कामना की गई। साध्वी जागृति, कर्मवीर, जयपाल सिंह, अनिता जैन, निशा जैन, पुष्पा गोयल, सुधा जैन ने भक्तिगीतों से समा बांधा। इसमें इंद्री वाले की मैंने जब से पकड़ी है बांह, बदली है तकदीर और बदले हालात और तू प्यार का सागर है और भक्तों का रहबर है। जहां ले चलोगे वहीं मैं चलूंगा, यह जीवन समर्पण चरण में तुम्हारे सहित कई भजन गाए गए।
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महासाध्वी प्रमिला महाराज ने कहा कि श्री घंटाकर्ण जी बावन वीरों में तीसवें वीर शिरोमणि तथा वीरों की परिषद में सेनापति का गौरवमयी स्थान प्राप्त प्रभावशाली देवता हैं, जिन्हें जैन, हिंदू तथा बौद्ध तीनों परंपराओं में पूजा जाता है। जैन परंपरा में इन्हें 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर का शासनरक्षक देव माना जाता है। वैदिक परंपरा में इन्हें बद्रीनाथ तीर्थ का क्षेत्रपाल देवता, शिवजी का गण तथा उनके पुत्र कार्तिकेय का अभिन्न सहयोगी माना जाता है। उन्होंने कहा कि दैवी शक्तियों में अलौकिक क्षमताओं से संपन्न होने के कारण भक्तजनों के अभावों को दूर करने और उनके लिए शुभ तथा मंगल सुनिश्चित करने की अपूर्व शक्ति रहती है।
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