पुलिस और कुख्यात बदमाशों में मुठभेड़, फायरिंग, चार काबू
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नमस्ते चौक के पास पुलिस और कुख्यात बदमाशों की आमने-सामने की मुठभेड़ हो गई। इस दौरान पुलिस और बदमाशों में आमने सामने फायरिंग हुई। मुठभेड़ में एक बदमाश के पैर में गोली लगी है, जबकि पुलिस की गाड़ी पर एक गोली लगी है। पुलिस ने चार कुख्यात बदमाशों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से हथियार भी बरामद किए गए हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस ने बताया कि ये एक बड़े लूट गिरोह के सदस्य हैं और राजस्थान समेत अन्य प्रदेशों में कई वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। पुलिस आरोपियों के कड़ी पूछताछ कर रही है।
एसपी पंकज नैन ने शनिवार को सीआईए वन कार्यालय में प्रेसवार्ता कर बताया कि शुक्रवार रात 11.15 बजे सीआईए-1 के इंस्पेक्टर दीपक कुमार को गुप्त सूचना मिली कि चार खतरनाक अपराधी जो दिल्ली, राजस्थान और भी अन्य कई राज्यों में उद्घोषित अपराधी हैं हथियारों से लैस होकर करनाल के सेक्टर-चार में एक ठेके को लूटने की फिराक में हैं। इंस्पेक्टर दीपक कुमार ने एक टीम का गठन किया और स्वयं इस टीम का संचालन करते हुए सेक्टर-4 ठेके के आसपास नाकाबंदी की गई। कुछ समय बाद चारों आरोपी मोटरसाइकिल पर आए जिनको पुलिस ने रुकने का इशारा किया। इसके बाद बदमाशों ने मोटरसाइकिल न रोक कर पुलिस पार्टी पर सीधा फायर कर दिया। गोली गाड़ी के शीशे पर लगी तो पुलिस ने भी अपने बचाव व उनको काबू करने के लिये जवाबी फायर किये। फायरिंग में एक बदमाश राकेश उर्फ दीपक वासी गुटा शाहपूर थाना बानसुर जिला अलवर जख्मी हो गया। मुठभेड़ के पश्चात पुलिस ने चारों आरोपियों को काबू कर लिया।
आरोपियों की शिनाख्त राकेश यादव उर्फ दीपक वासी गुटा शाहपुर थाना बानसुर जिला अलवर। आरोपी शाहरुख मोहम्मद वासी रूदापूर थाना सोराव जिला इलाहाबाद। निहाल सिंह उर्फ विशाल ठाकुर वासी रामगढ़ थाना रामगढ़, जिला अलवर राजस्थान और पवन वासी डुराना थाना गोहाना जिला सोनीपत के रूप में हुई है। आरोपियों के कब्जे से तीन देशी पिस्टल, नौ जिंदा राउंड और एक मोरसाइकिल भी बरामद की गई। बाइक भी करनाल से चोरी की गई है। सिटी थाना पुलिस ने हत्या के प्रयास सहित आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। एसपी पंकज नैन ने बताया कि यह गिरोह गोली मारकर वारदात को अंजाम देते थे। आरोपियों को रिमांड पर लिया जाएगा और अन्य वारदातों से भी पर्दा उठ सकता है।
आरोपियों ने कबूली कई वारदातें
एसपी पंकज नैन ने बताया कि आरोपियों ने पुलिस पूछताछ मेें हत्या, लूट, डकैती और चोरी की अनेक वारदातें कबूल की हैं। करीब डेढ़ साल पहले जयपुर में बिजली विभाग के कर्मचारियों से करीब 15 लाख रुपये लूटे थे। करीब एक साल पहले जयपुर से ही बिजली विभाग के कर्मचारियों से करीब 18 लाख रुपये लूटे थे। करीब आठ महीने पहले अलवर से ठेके के सेल्समैन को गोली मारकर करीब 90 हजार रुपये लूटे थे। जुलाई 2015 में बिजली विभाग के गार्ड की हत्या करके व कैशियर को भी गोली मारकर करीब 11 लाख रुपये लूटे थे। 28 फरवरी 2016 को बदरपुर टोल टैक्स दिल्ली पर गार्ड व कैशियर की हत्या करके कैश लुटने की कोशिश की थी। दिल्ली व राजस्थान समेत अन्य पुलिस इन आरोपियों की तलाशी में जुटी थी।
आरोपियों का निशाना भी सीधा माथे का
आरोपियों ने पुलिस की गाड़ी पर फायरिंग की। गाड़ी में कोई नहीं था। यदि गाड़ी में उस दौरान वहां कोई बैठा होता तो सीधे माथे पर गोली लग सकती थी। गोली शीशे को तोड़ते हुए सीधी अगली सीट में घुसी हुई है। दूसरी तरफ पुलिस बता रही है कि चार आरोपी एक बाइक पर थे। इस सवाल का जवाब भी पुलिस स्पष्ट तौर पर नहीं था। आरोपियों ने चोरी की जो बाइक लेकर लूट की वारदात करने की फिराक में थे उस बाइक के नंबर प्लेट पर नंबर नहीं लिखे थे।
पहले गोली मारना, फिर लूट
इंस्पेक्टर दीपक के अनुसार पकड़े गए चारों आरोपियों की पुरानी वारदातों से एक बात साफ है कि बदमाश वारदात से पहले वार करते थे। पहले गोली मारना और फिर वारदात को अंजाम देना यही इस गिरोह के लोगों की पहचान है। पुलिस ने बताया कि बदमाश राजस्थान समेत अन्य स्थानों पर भी कई बड़ी लूट की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। वहां पर भी उन्होंने पहले गोली चलाई और बाद में पैसे लूटे। यहां पर भी वे इस तरह की ही वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे।
पुलिस पर भी सवाल
पुलिस ने बताया है कि चारों आरोपी एक ही बाइक पर सवार थे, हालांकि, यह बड़ा मुश्किल है। सवाल यह है कि बदमाशों ने इससे पहले करनाल में रहकर ठेके की रेकी भी की होगी और उसके बाद ही वारदात को अंजाम देने की कोशिश की। आशंका जताई जा रही है कि बदमाश पिछले एक सप्ताह से करनाल में ही थे और इधर उधर रहकर रेकी कर रहे थे। दूसरा सवाल यह भी है कि वे करनाल कैसे पहुंचे और उनके कब्जे से केवल एक बाइक मिली है।