करनाल रिश्वत कांड: डीटीपी को तीसरी बार पुलिस ने लिया पांच दिन के रिमांड पर, तहसीलदार से भी रकम बरामदगी के प्रयास
विजिलेंस टीम के अनुसार पूछताछ के बाद जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है। पूछताछ में नए-नए खुलासे हो रहे हैं, लेकिन इसपर अफसर बोलने को तैयार नहीं है।
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हरियाणा के करनाल रिश्वत कांड मामले में हरियाणा स्टेट विजिलेंस की टीम ने तीसरी बार शुक्रवार को डीटीपी विक्रम को कोर्ट में पेश कर पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया। दूसरी ओर मामले में जांच के लिए विजिलेंस टीम तहसीलदार राजबख्श को अलग-अलग जगहों पर ले जा रही है, ताकि रिश्वत की शेष राशि बरामद की जा सके। विजिलेंस टीम का कहना है कि डीटीपी और तहसीलदार से पूछताछ में नए-नए खुलासे हो रहे हैं। यही कारण है कि जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है, हालांकि फिलहाल अधिकारी इस संबंध में कुछ बताने को तैयार नहीं हैं।
हरियाणा स्टेट विजिलेंस की टीम ने 11 मार्च को डीटीपी विक्रम को सेक्टर-6 स्थित उसके घर से पांच लाख रुपये की रिश्वत के साथ रंगे हाथों पकड़ा था। इस दौरान उसके ड्राइवर बलबीर को भी पांच हजार रुपये की रिश्वत के साथ पकड़ा गया था। तलाशी के दौरान डीटीपी के घर से 78.64 लाख रुपये भी बरामद किए गए थे।
दोनों आरोपियों को 12 मार्च को कोर्ट में पेश कर विजिलेंस की टीम ने तीन दिन के रिमांड पर लिया। पूछताछ के आधार पर मामले में 14 मार्च को विजिलेंस ने तहसीलदार राजबख्श को भी गिरफ्तार किया था। 15 मार्च को तहसीलदार राजबख्श और डीटीपी विक्रम को कोर्ट में पेश किया गया।
वहां से तहसीलदार को एक दिन और डीटीपी को दोबारा तीन दिन के रिमांड पर भेजा गया। 16 मार्च को दोबारा तहसीलदार को कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से उसे पांच दिन की रिमांड पर भेजा गया। वहीं तीन दिन का पुलिस रिमांड पूरा होने पर 18 मार्च को विजिलेंस की टीम ने डीटीपी विक्रम को दोबारा कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया।
एसई की गिरफ्तारी के लिए पुलिस कर रही छापामारी
करनाल। नगर निगम कार्यालय में रुपये लेते वीडियो वायरल होने के मामले में एसई दीपक किग्गर को सिविल लाइन थाना पुलिस अभी गिरफ्तार नहीं कर पाई है। पुलिस का दावा है कि वह अलग-अलग जगहों पर छापामारी कर रही है, आरोपी दीपक किग्गर फरार बताए जा रहे हैं। इससे पहले एडीसी योगेश कुमार की ओर से वायरल वीडियो की जांच के बाद मामले में आरोपी एसई और उसके पीए के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। साथ ही आरोपी पीए को गिरफ्तार किया गया।
एडीसी योगेश कुमार ने बताया कि मामले में उन्होंने 32 वीडियो की जांच की है, जिसमें यह सामने आया कि 70-80 हजार रुपये एक दिन में वसूली की जाती है। इसमें से पीए अपना हिस्सा रखने के बाद शेष रकम एसई को सौंप देता है। वायरल वीडियो में जेई और ठेकेदार रुपये देते हुए नजर आ रहे हैं।
इस मामले में सिविल लाइन थाना पुलिस ने एसई दीपक किग्गर के पीए विकास को गिरफ्तार कर लिया है और पुलिस रिमांड पर पूछताछ के बाद उसे जेल भी भेज दिया है, लेकिन उससे पुलिस कोई बरामदगी नहीं कर पाई है।