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करनाल रिश्वत कांड: भ्रष्टाचार का आरोपी डीटीपी विक्रम निलंबित, तीन दिन बढ़ी रिमांड, तहसीलदार की संपत्ति जांचेगी विजिलेंस
Wed, 16 Mar 2022 01:40 AM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Wed, 16 Mar 2022 01:40 AM IST
सार
विजिलेंस का खुलासा किया कि तहसीलदार ने डीटीपी को तीन करोड़ रुपये दिए थे। तहसीलदार को एक दिन और डीटीपी को दोबारा तीन दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। वहीं एक मामले में जिला पुलिस ने नगर निगम करनाल के अधीक्षक अभियंता (एसई) दीपक किग्गर और उसके पीए विकास शर्मा पर भी भ्रष्टाचार के मामले में केस दर्ज किया है।
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आरोपी डीटीपी को कोर्ट में पेश कर लेकर जाती टीम।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी (फाइल फोटो )
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विस्तार
हरियाणा के करनाल में पांच लाख रुपये की रिश्वत के साथ पकड़े गए डीटीपी विक्रम को हरियाणा सरकार ने निलंबित कर दिया है। गिरफ्तारी के बाद उनके खिलाफ यह कार्रवाई अमल में लाई गई है। दूसरी ओर, इसी मामले में भ्रष्टाचार की जद में तहसीलदार राजबख्श पर भी निलंबन की तलवार लटक गई है।
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उधर, विजिलेंस की टीम ने रिमांड के बाद डीटीपी को मंगलवार को फिर से अदालत में पेश किया, जहां से उसे तीन दिन की और रिमांड पर ले लिया गया है। तहसीलदार से भी पूछताछ के लिए दस दिन का रिमांड मांगा गया था मगर अदालत ने एक ही दिन का रिमांड मंजूर किया। पांच हजार रिश्वत लेने में फंसा डीटीपी का ड्राइवर को अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
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पूछताछ के दौरान विजिलेंस ने एक और खुलासा किया है। विजिलेंस सूत्रों के अनुसार तहसीलदार राजबख्श ने डीटीपी को तीन करोड़ रुपये दिए थे। यह रुपये एक डील के रूप में दिए गए थे, यह डील किस लिए हुई थी, विजिलेंस ने अभी इसका खुलासा नहीं किया है। उधर, यह पूरी रकम भी अभी तक आरोपियों से बरामद नहीं की गई है।
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विदित हो कि आरोपी डीटीपी विक्रम अवैध कॉलोनियों में रजिस्ट्री करवाने का खेल तहसीलदार राजबख्श के माध्यम से ही कराता था। वहीं, तहसीलदार राजबख्श डीटीपी विक्रम के माध्यम से ही अवैध कॉलोनियों की एनओसी जारी करवाता था। इसके लिए दोनों आरोपी कॉलोनाइजरों से मोटी रिश्वत लेते थे और फिर आपस में बंटवारा करते थे।
इससे पहले डीटीपी विक्रम के घर सेक्टर-6 से जो रिश्वत के 78.64 लाख रुपये बरामद हुए थे, उनमें से 14.50 लाख रुपये तहसीलदार राजबख्श ने ही उसेे दिए थे। डीटीपी के वकील राजीव शर्मा का कहना है कि उन्होंने एक कार भी बरामद कराई है। आरोप है कि वह रिश्वत की रकम से खरीदी गई है, हालांकि विजिलेंस का कहना है कि उन्होंने अभी कोई कार बरामदगी नहीं की है मगर जल्द इस मामले में रिकवरी हो सकती है।
उपायुक्त अनीश यादव ने बताया कि विभाग की ओर से डीटीपी को निलंबित करने के आदेश प्राप्त हो गए हैं। तहसीलदार पर विभागीय कार्रवाई की फिलहाल उनके पास कोई जानकारी नहीं है।
तहसीलदार राजबख्श
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
तहसीलदार की संपत्ति जांचेगी विजिलेंस
डीटीपी विक्रम की तरह तहसीलदार राजबख्श की संपत्ति की भी जांच की जाएगी। उसके पास कितनी संपत्ति है। इसके साथ ही तहसीलदार से यह भी पूछताछ की जाएगी कि उसके साथ रिश्वत लेने में और कौन-कौन से अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार मामले की गहनता से जांच करने पर कालोनाइजरों से लेकर कई उच्चाधिकारियों के भी नाम उजागर हो सकते हैं।
ढाई महीने बाद निगम एसई के खिलाफ एफआईआर, पीए गिरफ्तार
करनाल। जिला पुलिस ने नगर निगम करनाल के अधीक्षक अभियंता (एसई) दीपक किग्गर और उसके पीए विकास शर्मा पर भी भ्रष्टाचार के मामले में केस दर्ज किया है। साथ ही आरोपी विकास शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अधीक्षक अभियंता फरार बताए जा रहे हैं।
बता दें करनाल नगर निगम एसई ने दो लोगों पर ब्लैकमेल करने के आरोप लगाए थे। पुलिस ने उन आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो पता चला कि आरोपी एसई के ही कार्यालय में कार्यरत था और उसने हिडेन कैमरे से करीब 32 वीडियो बनाई थी, जिसमें एसई दीपक किग्गर और उसका पीए विकास रुपये देते हुए नजर आ रहे हैं।
मामले में एसई दीपक किग्गर को उस दौरान सस्पेंड कर दिया गया था और 29 दिसंबर 2021 को निवर्तमान डीसी निशांत कुमार ने इस मामले की जांच एडीसी योगेश कुमार को सौंपी थी। करीब ढाई महीने जांच के बाद एडीसी योगेश की जांच रिपोर्ट पर नगर निगम एसई दीपक किग्गर व पीए विकास शर्मा के खिलाफ सिविल लाइन थाने में मामला दर्ज किया गया है।
डीटीपी विक्रम की तरह तहसीलदार राजबख्श की संपत्ति की भी जांच की जाएगी। उसके पास कितनी संपत्ति है। इसके साथ ही तहसीलदार से यह भी पूछताछ की जाएगी कि उसके साथ रिश्वत लेने में और कौन-कौन से अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार मामले की गहनता से जांच करने पर कालोनाइजरों से लेकर कई उच्चाधिकारियों के भी नाम उजागर हो सकते हैं।
ढाई महीने बाद निगम एसई के खिलाफ एफआईआर, पीए गिरफ्तार
करनाल। जिला पुलिस ने नगर निगम करनाल के अधीक्षक अभियंता (एसई) दीपक किग्गर और उसके पीए विकास शर्मा पर भी भ्रष्टाचार के मामले में केस दर्ज किया है। साथ ही आरोपी विकास शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अधीक्षक अभियंता फरार बताए जा रहे हैं।
बता दें करनाल नगर निगम एसई ने दो लोगों पर ब्लैकमेल करने के आरोप लगाए थे। पुलिस ने उन आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो पता चला कि आरोपी एसई के ही कार्यालय में कार्यरत था और उसने हिडेन कैमरे से करीब 32 वीडियो बनाई थी, जिसमें एसई दीपक किग्गर और उसका पीए विकास रुपये देते हुए नजर आ रहे हैं।
मामले में एसई दीपक किग्गर को उस दौरान सस्पेंड कर दिया गया था और 29 दिसंबर 2021 को निवर्तमान डीसी निशांत कुमार ने इस मामले की जांच एडीसी योगेश कुमार को सौंपी थी। करीब ढाई महीने जांच के बाद एडीसी योगेश की जांच रिपोर्ट पर नगर निगम एसई दीपक किग्गर व पीए विकास शर्मा के खिलाफ सिविल लाइन थाने में मामला दर्ज किया गया है।