{"_id":"5b5cbf1f4f1c1b466d8b76fc","slug":"51532804895-karnal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांच गांवों के लोगों की फर्जी एफडी बनाकर दो करोड़ रुपए का गबन की अब स्टेट क्राइम ब्रांच करेगी जांच","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पांच गांवों के लोगों की फर्जी एफडी बनाकर दो करोड़ रुपए का गबन की अब स्टेट क्राइम ब्रांच करेगी जांच
Updated Sun, 29 Jul 2018 12:38 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। मंजूरा डाकघर में पांच गांवों के लोगों की फर्जी एफडी कर दो करोड़ रुपये का गबन करने के मामले की जांच अब स्टेट क्राइम ब्रांच करेगी। इतना ही नहीं वर्ष 2002 से लेकर 2018 तक मंजूरा डाकघर में जितने भी अधिकारी और कर्मचारियों की ड्यूटी रही है, उन सभी की गहनता से जांच की जाएगी। इस बारे में पीड़ित हुकम सिंह, नरेश कुमार, कमल, अमरजीत आदि से पुलिस ने शिकायत ले ली है।
बता दें यह मामला पिछले दो महीने से कष्ट निवारण समिति की बैठक में चल रहा है, लेकिन अभी तक जिला डाकखाना द्वारा इस मामले की जांच रिपोर्ट ही तैयार नहीं हुई। इसलिए कष्ट निवारण समिति की बैठक में श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस मामले की जांच स्टेट क्राइम ब्रांच से कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डाकखाने में फर्जी एफडी कराने के मामले अन्य जिले में भी हो सकते हैं। इस संबंध में जिला डाकघर के अधिकारियों को पूरे प्रदेशभर में यह मैसेज भेजने के लिए भी निर्देश दिए हैं, ताकि एफडी धारक अपनी एफडी चेक करा सकें। पंचायत भवन में हुई बैठक में कुल दस मामले रखे गए, इनमें से सात का समाधान किया, जबकि तीन पेंडिंग रखे गए।
ये है डाकखाने का मामला
मंजूरा डाकखाने में मंजूरा, हथलाना, जरीफाबाद, बजीदा रोडान, बुढ़नपुर इन पांच गांवों के लोगों की एफडी डाकखाने में बीपीएम पाला राम ने की थी। पाला राम ने इनकी सभी एफडी फर्जी कर दी और 16 जनवरी 2018 को आत्महत्या कर ली। 17 जनवरी को मंजूरा निवासी हुकम सिंह अपनी बेटी की शादी के लिए एफडी निकलवाने के लिए गया तो वह एफडी फर्जी बताई। इसके बाद वह जिला डाकघर करनाल में गया तो वहां भी वह एफडी फर्जी बताई। इसके बाद उसने मृतक पाला राम के खिलाफ निसिंग थाना में मामला दर्ज कराया। इसके बाद यह मामला कष्ट निवारण समिति में लिया गया।
विज्ञापन
निसिंग में भी हुआ साढ़े तीन करोड़ का गबन
शिकायत के अनुसार, मंजूरा डाकघर के बाद निसिंग डाकघर में भी फर्जी एफडी साढ़े तीन करोड़ रुपये का गबन करने का मामला सामने आया है। इस मामले में को भी बैठक में मंत्री के सामने सौंपा। यह मामला बैठक का पहला मामला था और 52 मिनट तक यही मामला मीटिंग में चलता रहा। क्योंकि इस मामले को लेकर डाकघर के सब इंस्पेक्टर राकेश आए हुए थे उनके पास एक ही जवाब था, अभी इस मामले की जांच की जा रही है। इस जवाब को सुनकर मंत्री ने यह मामला स्टेट क्राइम ब्रांच में भेजने का फैसला लिया। इससे अलग भी कुरलन, जमालपुर, सीतामाई, मोदीपुर और गंजोगढ़ी में भी फर्जी एफडी के नाम पर करोड़ों रुपये का पहले भी गबन हो चुका है।
कई सालों से करते हैं फर्जी एफडी कर गबन, ऐसे बच जाते हैं अधिकारी
डाकखाने में फर्जी एफडी कर करोड़ों रुपये गबन करने का यह कोई पहला मामला नहीं है। कई सालों से ये फर्जीवाड़ा डाकखाने में चल रहा है। जब इस फर्जीवाड़े के बारे में पीड़ित व्यक्ति शिकायत करता है तो जांच के नाम पर डाकघर के अधिकारी कुछ महीनों के लिए उस कर्मचारी को सस्पेंड कर देते हैं, फिर उसी कर्मचारी को कुछ महीने बाद दोबारा नौकरी पर रख लेते हैं और पीड़ित व्यक्ति को एक रुपया भी नहीं मिलता।
इन सात मामलों का ये किया समाधान
1. मंजूरा डाकखाने में फर्जी एफडी बनाकर दो करोड़ रुपये के गबन मामले की जांच स्टेट क्राइम ब्रांच को सौंपने के दिए निर्देश।
2. गांव सिंघड़ा और बालू के करीब 500 एकड़ में बरसात के दिनों में पानी जमा होने के मामले का किया समाधान।
3. गांव बडौता में अलग से 18 घंटे लाइट व तीन ट्रांसफार्मर रखने के मामले में बिजली निगम दो महीने में 24 घंटे लाइट देने के दिए निर्देश।
4. बुढनपुर खालसा में गली पर कब्जा करने के मामले का किया समाधान, अधिकारी डीसी को सौंपेंगे रिपोर्ट।
5. नीलोखेड़ी में वार्ड-6 में रविदास मंदिर से वाल्मीकि मंदिर के आगे नाले के निर्माण कार्य को एक महीने में करने और ठेकेदार पर जुर्माना लगाकर, डीसी को रिपोर्ट पेश करने के दिए निर्देश।
6. गोपी चंद आरके पुरम ने राशन कार्ड ऑनलाइन करने की शिकायत दी थी, उसका राशन कार्ड ऑन लाइन कर दिया गया है।
7. एनडीआरआई में राणा सिक्योरटी सर्विस रोहतक द्वारा मजदूरों को हरियाणा न्यूनतम मजदूरी के हिसाब से चार माह का वेतन दिलाने की शिकायत में, जांच कर डीसी को रिपोर्ट पेश करने के दिए निर्देश।
ये मामले रह गए पेंडिंग
1. झंझाड़ी गांव में दिग्विजय कि शिकायत फिरनी का 100 मीटर का हिस्सा लेवल सही न होने के मामले में दोबारा जांच कमेटी बनाई गई है और उसके आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी।
2. चांद सराय निवासी एक नाबालिग लड़की को भगाकर ले जाने वाले आरोपी के रिश्तेदारों से पूछताछ कर अगली मीटिंग तक आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए निर्देश।
3. गांव पस्ताना में रजवाहा की मरम्मत न करने के मामले में पूरा रिकार्ड अगली मीटिंग में पेश करने के दिए निर्देश।
मंत्री जी, मैं कार्रवाई, नाला बनवाना चाहता हूं
बीरू राम निवासी नीलोखेड़ी ने शिकायत दी थी कि नीलोखेड़ी वार्ड नंबर-6 में रविदास मंदिर से लेकर वाल्मीकि मंदिर से आगे तक गंदे नाले का निर्माण कार्य ठेकेदार नगरूप सिंह ने नहीं किया। इस मामले में मंत्री ने ठेकेदार पर एफआईआर दर्ज करने व जुर्माना लगाने के निर्देश दिए तो शिकायतकर्ता बोला, रहने दो मंत्री साहब ठेकेदार की पत्नी को पहले ही दो हार्ट अटैक हो चुका है, मैं ठेकेदार पर कोई कार्रवाई नहीं कराना जाता, बस वो नाला जल्दी से बनवा दो।
विज्ञापन
करनाल। मंजूरा डाकघर में पांच गांवों के लोगों की फर्जी एफडी कर दो करोड़ रुपये का गबन करने के मामले की जांच अब स्टेट क्राइम ब्रांच करेगी। इतना ही नहीं वर्ष 2002 से लेकर 2018 तक मंजूरा डाकघर में जितने भी अधिकारी और कर्मचारियों की ड्यूटी रही है, उन सभी की गहनता से जांच की जाएगी। इस बारे में पीड़ित हुकम सिंह, नरेश कुमार, कमल, अमरजीत आदि से पुलिस ने शिकायत ले ली है।
बता दें यह मामला पिछले दो महीने से कष्ट निवारण समिति की बैठक में चल रहा है, लेकिन अभी तक जिला डाकखाना द्वारा इस मामले की जांच रिपोर्ट ही तैयार नहीं हुई। इसलिए कष्ट निवारण समिति की बैठक में श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस मामले की जांच स्टेट क्राइम ब्रांच से कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डाकखाने में फर्जी एफडी कराने के मामले अन्य जिले में भी हो सकते हैं। इस संबंध में जिला डाकघर के अधिकारियों को पूरे प्रदेशभर में यह मैसेज भेजने के लिए भी निर्देश दिए हैं, ताकि एफडी धारक अपनी एफडी चेक करा सकें। पंचायत भवन में हुई बैठक में कुल दस मामले रखे गए, इनमें से सात का समाधान किया, जबकि तीन पेंडिंग रखे गए।
विज्ञापन
ये है डाकखाने का मामला
मंजूरा डाकखाने में मंजूरा, हथलाना, जरीफाबाद, बजीदा रोडान, बुढ़नपुर इन पांच गांवों के लोगों की एफडी डाकखाने में बीपीएम पाला राम ने की थी। पाला राम ने इनकी सभी एफडी फर्जी कर दी और 16 जनवरी 2018 को आत्महत्या कर ली। 17 जनवरी को मंजूरा निवासी हुकम सिंह अपनी बेटी की शादी के लिए एफडी निकलवाने के लिए गया तो वह एफडी फर्जी बताई। इसके बाद वह जिला डाकघर करनाल में गया तो वहां भी वह एफडी फर्जी बताई। इसके बाद उसने मृतक पाला राम के खिलाफ निसिंग थाना में मामला दर्ज कराया। इसके बाद यह मामला कष्ट निवारण समिति में लिया गया।
विज्ञापन
निसिंग में भी हुआ साढ़े तीन करोड़ का गबन
शिकायत के अनुसार, मंजूरा डाकघर के बाद निसिंग डाकघर में भी फर्जी एफडी साढ़े तीन करोड़ रुपये का गबन करने का मामला सामने आया है। इस मामले में को भी बैठक में मंत्री के सामने सौंपा। यह मामला बैठक का पहला मामला था और 52 मिनट तक यही मामला मीटिंग में चलता रहा। क्योंकि इस मामले को लेकर डाकघर के सब इंस्पेक्टर राकेश आए हुए थे उनके पास एक ही जवाब था, अभी इस मामले की जांच की जा रही है। इस जवाब को सुनकर मंत्री ने यह मामला स्टेट क्राइम ब्रांच में भेजने का फैसला लिया। इससे अलग भी कुरलन, जमालपुर, सीतामाई, मोदीपुर और गंजोगढ़ी में भी फर्जी एफडी के नाम पर करोड़ों रुपये का पहले भी गबन हो चुका है।
कई सालों से करते हैं फर्जी एफडी कर गबन, ऐसे बच जाते हैं अधिकारी
डाकखाने में फर्जी एफडी कर करोड़ों रुपये गबन करने का यह कोई पहला मामला नहीं है। कई सालों से ये फर्जीवाड़ा डाकखाने में चल रहा है। जब इस फर्जीवाड़े के बारे में पीड़ित व्यक्ति शिकायत करता है तो जांच के नाम पर डाकघर के अधिकारी कुछ महीनों के लिए उस कर्मचारी को सस्पेंड कर देते हैं, फिर उसी कर्मचारी को कुछ महीने बाद दोबारा नौकरी पर रख लेते हैं और पीड़ित व्यक्ति को एक रुपया भी नहीं मिलता।
इन सात मामलों का ये किया समाधान
1. मंजूरा डाकखाने में फर्जी एफडी बनाकर दो करोड़ रुपये के गबन मामले की जांच स्टेट क्राइम ब्रांच को सौंपने के दिए निर्देश।
2. गांव सिंघड़ा और बालू के करीब 500 एकड़ में बरसात के दिनों में पानी जमा होने के मामले का किया समाधान।
3. गांव बडौता में अलग से 18 घंटे लाइट व तीन ट्रांसफार्मर रखने के मामले में बिजली निगम दो महीने में 24 घंटे लाइट देने के दिए निर्देश।
4. बुढनपुर खालसा में गली पर कब्जा करने के मामले का किया समाधान, अधिकारी डीसी को सौंपेंगे रिपोर्ट।
5. नीलोखेड़ी में वार्ड-6 में रविदास मंदिर से वाल्मीकि मंदिर के आगे नाले के निर्माण कार्य को एक महीने में करने और ठेकेदार पर जुर्माना लगाकर, डीसी को रिपोर्ट पेश करने के दिए निर्देश।
6. गोपी चंद आरके पुरम ने राशन कार्ड ऑनलाइन करने की शिकायत दी थी, उसका राशन कार्ड ऑन लाइन कर दिया गया है।
7. एनडीआरआई में राणा सिक्योरटी सर्विस रोहतक द्वारा मजदूरों को हरियाणा न्यूनतम मजदूरी के हिसाब से चार माह का वेतन दिलाने की शिकायत में, जांच कर डीसी को रिपोर्ट पेश करने के दिए निर्देश।
ये मामले रह गए पेंडिंग
1. झंझाड़ी गांव में दिग्विजय कि शिकायत फिरनी का 100 मीटर का हिस्सा लेवल सही न होने के मामले में दोबारा जांच कमेटी बनाई गई है और उसके आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी।
2. चांद सराय निवासी एक नाबालिग लड़की को भगाकर ले जाने वाले आरोपी के रिश्तेदारों से पूछताछ कर अगली मीटिंग तक आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए निर्देश।
3. गांव पस्ताना में रजवाहा की मरम्मत न करने के मामले में पूरा रिकार्ड अगली मीटिंग में पेश करने के दिए निर्देश।
मंत्री जी, मैं कार्रवाई, नाला बनवाना चाहता हूं
बीरू राम निवासी नीलोखेड़ी ने शिकायत दी थी कि नीलोखेड़ी वार्ड नंबर-6 में रविदास मंदिर से लेकर वाल्मीकि मंदिर से आगे तक गंदे नाले का निर्माण कार्य ठेकेदार नगरूप सिंह ने नहीं किया। इस मामले में मंत्री ने ठेकेदार पर एफआईआर दर्ज करने व जुर्माना लगाने के निर्देश दिए तो शिकायतकर्ता बोला, रहने दो मंत्री साहब ठेकेदार की पत्नी को पहले ही दो हार्ट अटैक हो चुका है, मैं ठेकेदार पर कोई कार्रवाई नहीं कराना जाता, बस वो नाला जल्दी से बनवा दो।