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25 हजार रुपये रिश्वत लेते दो क्लर्क काबू
ब्यूरो/अमर उजाला,करनाल
Updated Wed, 23 Dec 2015 12:29 AM IST
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सोनीपत की विजिलेंस टीम ने करनाल स्थित सिंचाई विभाग की अकाउंट्स ब्रांच के दो क्लर्कों को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए काबू किया है। विभाग में रिटायर होने वाले इलेक्ट्रीशियन से पेंशन संबंधित कागजात पास कराने के एवज में दोनों आरोपियों ने रिश्वत ली। भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत आरोपी क्लर्क ओमप्रकाश और सहायक क्लर्क विजेंद्र के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सोनीपत विजिलेंस के इंस्पेक्टर राजीव कुमार के नेतृत्व में रेड मारी गई। इस दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर करनाल के नायब तहसीलदार रामचंद्र रहे।
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विजिलेंस टीम के इंस्पेक्टर राजीव कुमार, एसआई रामेहर, एएसआई पवन, कांस्टेबल रोहित कुमार, सूरजीत ने जाल बिछाकर रेड मारी। इंस्पेक्टर राजीव कुमार ने बताया कि सिंचाई विभाग में इलेक्ट्रीशियन कृष्ण कुमार सोनीपत के गांव कैलाना का निवासी है। वो 31 दिसंबर 2015 को सेवानिवृत्त हो रहा हैं। उनकी पेंशन संबंधित कागजात की फाइल करनाल के सर्कल ऑफिस में अकाउंट्स ब्रांच में रोकी हुई है। कृष्ण की ड्यूटी नरेला में है। अगस्त 2015 से कृष्ण कुमार कागजात पूरे कराने के लिए धक्के खा रहा है।
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उसके कागजों में कमी निकाल देते हैं। फाइल को पास करने के लिए आरोपियों ने 25 हजार रुपये मांगे। इसकी शिकायत कृष्ण ने सोनीपत विजिलेंस को की। टीम ने करनाल में कार्रवाई करके क्लर्क ओमप्रकाश को 25 हजार रुपये लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। उससे पूछताछ की तो सहायक क्लर्क बिजेंद्र के पास फाइल मिली। पुलिस ने मौके से शिकायतकर्ता की सर्विस बुक व पेंशन संबंधित कागजात कब्जे में ले लिए हैं।
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सोनीपत की टीम के छापा मारने पर उठे सवाल
करनाल विजिलेंस में दो इंस्पेक्टर हैं और मंगलवार को रेड मारने के लिए सोनीपत विजिलेंस की टीम पहुंची। करनाल में दूसरे जिले की टीम द्वारा कार्रवाई करने से करनाल विजिलेंस पर सवाल उठने लगे हैं। मामला करनाल का रहा और सोनीपत की टीम द्वारा कार्रवाई की गई। शिकायतकर्ता ने भी करनाल की टीम पर विश्वास नहीं जताया और सोनीपत टीम से शिकायत करके कार्रवाई की अपील की।