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पिता-पुत्र के शव को रिफाइनरी के गेट पर रख ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
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अमर उजाला ब्यूरो
घरौंडा (करनाल)। कुताना चौक पर टैंकर में वेल्डिंग करते समय हुए विस्फोट में बाप-बेटे की मौत के मामले में कुताना-ददलाना और अन्य गांवों सैकड़ों ग्रामीणों ने दोपहर के समय रिफाइनरी गेट पर दोनों शवों को रखकर धरना-प्रदर्शन करते हुए रिफाइनरी अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
ग्रामीणों ने रिफाइनरी के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच करने व परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की। ग्रामीणों पर उग्र रूप देखकर रिफाइनरी भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। देर शाम तक ग्रामीण मांगों को लेकर रिफाइनरी गेट पर डटे रहे। देर शाम को पुलिस के आला अधिकारी द्वारा विभागीय अधिकारियों के खिलाफ और ठेकेदारों के प्रतिनिधिमंडल द्वारा आर्थिक सहायता की मांग पूरी करने का आश्वासन देने पर ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
बता दें कि शुक्रवार को दोपहर बाद करीब डेढ़ बजे कुताना चौक पर सुरजीत इंजीनियरिंग की दुकान पर दुकान मालिक सुरजीत और उसका पुत्र सोनू इंडियन ऑयल रिफाइनरी से आए एक ऑयल टैंकर की वेल्डिंग से टैंकर की रिपेयर कर रहे थे। रिपेयर करते समय टैंकर में लगी आग से ब्लास्ट हो गया। हादसे में दुकान मालिक कुताना निवासी सुरजीत और उसके पुत्र सोनू की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि रजापूर निवासी स्वर्ण सिंह व बालपबाना निवासी अजय घायल हो गए थे। आगजनी और विस्फोट की इस घटना मेें दुकान की सभी मशीनें और बाहर खड़ी दो बाइकें भी आग की भेंट चढ़ गईं थीं। पुुलिस ने शनिवार को बाप और बेटे के शव का पोस्टमार्टम कराकर वारिसों को सौंप दिया। परिजन सैकड़ों महिला-पुरूषों सहित दोनों शवों को लेकर रिफाइनरी गेट पर पहुंच गए और गेट पर शव रखकर रिफाइनरी अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी।
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कमेटी के सामने रिफाइनरी अधिकारियों ने खड़े किए हाथ
तीन घंटे बीत जाने के बाद जब कोई बड़ा अधिकारी प्रदर्शनकारियों से मिलने बाहर नहीं आया तो डीएसपी बिजेंद्र सिंह ने मध्यस्थता करते हुए ग्रामीणों को रिफाइनरी अधिकारियों से अंदर जाकर मिलने की बात कही। ग्रामीणों ने सात सदस्यीय कमेटी बनाई। इनमें कुताना के सरपंच बलवान, पूर्व सरपंच जोगा सिंह, ददलाना पूर्व सरपंच नरेंद्र राणा, सिठाना के सरपंच सतपाल, समाजसेवी यशपाल राणा व मृतकों का रिश्तेदार शामिल हुआ। अंदर जाकर रिफाइनरी अधिकारियों से मिला और अपना आक्रोश प्रकट किया व मामले में लापरवाही बरत रहे रिफाइनरी के तीन अधिकारी पीके सिन्हा, मनोज कुमार व नामदेव के खिलाफ कार्रवाई करते हुए परिवार को आर्थिक सहायता देने की बात कही।
रिफाइनरी अधिकारियों की मिलीभगत से होती है चोरी
कमेटी के सदस्य सरपंच बलवान और अन्य ने बताया कि तीनों अधिकारियों की मिलीभगत से रिफाइनरी से इस प्रकार का विस्फोटक पदार्थ चोरी-छुपे बाहर भेजा जाता है। अगर टैंकर में यह विस्फोटक पदार्थ नहीं होता तो शायद सुरजीत व सोनू की जान बच सकती थी। रिफाइनरी अधिकारी गिगोई से दो घंटे तक बातचीत हुई। इसमें अधिकारी ने पूरे मामले से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि हादसा रिफाइनरी के बाहर को है। रिफाइनरी अधिकारियों की बात सुनकर कमेटी के सदस्य बाहर आ गए और ग्रामीणों ने फिर अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी।
ठेकेदारों के प्रतिनिधिमंडल ने दिया आर्थिक सहायता का आश्वासन
रिफाइनरी अधिकारियों व आर्थिक सहायता की मांग को लेकर ग्रामीण गेट पर अड़े रहे। पांच घंटे तक प्रदर्शनकारी गेट से नही हिले। तब जाकर ठेकेदारों को प्रतिनिधिमंडल ग्रामीणों से और उन्होंने मृतकों व घायलों के परिजनों को आर्थिक सहायता का आश्वासन दिया। डीएसपी बिजेंद्र सिंह ने बताया कि टैंकर विस्फोटक मामले में पिता-पुत्र की मौत को लेकर ग्रामीण धरने पर बैठे हैं और उन्होंने रिफाइनरी के कुछ अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। शिकायत मिलते ही कार्रवाई कर दी जाएगी।
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घरौंडा (करनाल)। कुताना चौक पर टैंकर में वेल्डिंग करते समय हुए विस्फोट में बाप-बेटे की मौत के मामले में कुताना-ददलाना और अन्य गांवों सैकड़ों ग्रामीणों ने दोपहर के समय रिफाइनरी गेट पर दोनों शवों को रखकर धरना-प्रदर्शन करते हुए रिफाइनरी अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
ग्रामीणों ने रिफाइनरी के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच करने व परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की। ग्रामीणों पर उग्र रूप देखकर रिफाइनरी भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। देर शाम तक ग्रामीण मांगों को लेकर रिफाइनरी गेट पर डटे रहे। देर शाम को पुलिस के आला अधिकारी द्वारा विभागीय अधिकारियों के खिलाफ और ठेकेदारों के प्रतिनिधिमंडल द्वारा आर्थिक सहायता की मांग पूरी करने का आश्वासन देने पर ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
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बता दें कि शुक्रवार को दोपहर बाद करीब डेढ़ बजे कुताना चौक पर सुरजीत इंजीनियरिंग की दुकान पर दुकान मालिक सुरजीत और उसका पुत्र सोनू इंडियन ऑयल रिफाइनरी से आए एक ऑयल टैंकर की वेल्डिंग से टैंकर की रिपेयर कर रहे थे। रिपेयर करते समय टैंकर में लगी आग से ब्लास्ट हो गया। हादसे में दुकान मालिक कुताना निवासी सुरजीत और उसके पुत्र सोनू की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि रजापूर निवासी स्वर्ण सिंह व बालपबाना निवासी अजय घायल हो गए थे। आगजनी और विस्फोट की इस घटना मेें दुकान की सभी मशीनें और बाहर खड़ी दो बाइकें भी आग की भेंट चढ़ गईं थीं। पुुलिस ने शनिवार को बाप और बेटे के शव का पोस्टमार्टम कराकर वारिसों को सौंप दिया। परिजन सैकड़ों महिला-पुरूषों सहित दोनों शवों को लेकर रिफाइनरी गेट पर पहुंच गए और गेट पर शव रखकर रिफाइनरी अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी।
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कमेटी के सामने रिफाइनरी अधिकारियों ने खड़े किए हाथ
तीन घंटे बीत जाने के बाद जब कोई बड़ा अधिकारी प्रदर्शनकारियों से मिलने बाहर नहीं आया तो डीएसपी बिजेंद्र सिंह ने मध्यस्थता करते हुए ग्रामीणों को रिफाइनरी अधिकारियों से अंदर जाकर मिलने की बात कही। ग्रामीणों ने सात सदस्यीय कमेटी बनाई। इनमें कुताना के सरपंच बलवान, पूर्व सरपंच जोगा सिंह, ददलाना पूर्व सरपंच नरेंद्र राणा, सिठाना के सरपंच सतपाल, समाजसेवी यशपाल राणा व मृतकों का रिश्तेदार शामिल हुआ। अंदर जाकर रिफाइनरी अधिकारियों से मिला और अपना आक्रोश प्रकट किया व मामले में लापरवाही बरत रहे रिफाइनरी के तीन अधिकारी पीके सिन्हा, मनोज कुमार व नामदेव के खिलाफ कार्रवाई करते हुए परिवार को आर्थिक सहायता देने की बात कही।
रिफाइनरी अधिकारियों की मिलीभगत से होती है चोरी
कमेटी के सदस्य सरपंच बलवान और अन्य ने बताया कि तीनों अधिकारियों की मिलीभगत से रिफाइनरी से इस प्रकार का विस्फोटक पदार्थ चोरी-छुपे बाहर भेजा जाता है। अगर टैंकर में यह विस्फोटक पदार्थ नहीं होता तो शायद सुरजीत व सोनू की जान बच सकती थी। रिफाइनरी अधिकारी गिगोई से दो घंटे तक बातचीत हुई। इसमें अधिकारी ने पूरे मामले से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि हादसा रिफाइनरी के बाहर को है। रिफाइनरी अधिकारियों की बात सुनकर कमेटी के सदस्य बाहर आ गए और ग्रामीणों ने फिर अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी।
ठेकेदारों के प्रतिनिधिमंडल ने दिया आर्थिक सहायता का आश्वासन
रिफाइनरी अधिकारियों व आर्थिक सहायता की मांग को लेकर ग्रामीण गेट पर अड़े रहे। पांच घंटे तक प्रदर्शनकारी गेट से नही हिले। तब जाकर ठेकेदारों को प्रतिनिधिमंडल ग्रामीणों से और उन्होंने मृतकों व घायलों के परिजनों को आर्थिक सहायता का आश्वासन दिया। डीएसपी बिजेंद्र सिंह ने बताया कि टैंकर विस्फोटक मामले में पिता-पुत्र की मौत को लेकर ग्रामीण धरने पर बैठे हैं और उन्होंने रिफाइनरी के कुछ अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। शिकायत मिलते ही कार्रवाई कर दी जाएगी।