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नहर में कूदने से पहले पिता को किया फोन, मैं ते नवनीत दोंवे नहर चे छलांग लगान चल्ले हां, बच्चयां दा ख्याल रखना
Updated Sun, 12 Aug 2018 12:50 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। गांव नडाना के गुरुद्वारे में श्रद्धालुओं को ज्ञान देने वाला ग्रंथी जसविंद्र सिंह ने दो दिन पहले अपनी पत्नी नवनीत कौर के साथ नहर में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। इससे पहले, वीरवार की सुबह करीब 11 बजे जसविंद्र सिंह ने अपने पिता कुलदीप सिंह को फोन करके कहा कि, मैं ते नवनीत दोंवे नहर च छलांग लगान चल्ले हा, मेरे बच्चयां दा ख्याल रखना। वह बाइक पर नहर की ओर जा रहा है और उसकी बाइक नहर के किनारे ही मिलेगी।
इतना सुनते ही कुलदीप सिंह अपने अन्य बेटों के साथ जसविंद्र सिंह को बचाने के लिए दौड़ पड़ा, लेकिन जब वह नहर पर पहुंचे तो वहां जसविंद्र की बाइक ही खड़ी मिली। दो दिन तक जसविंद्र के परिजन नहर के किनारे दोनों के शवों की तलाश करते रहे। शनिवार को दोनों पति-पत्नी का शव काछवा रोड के समीप नहर में मिले। तरावड़ी थाना पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिए हैं। जसविंद्र के परिजनों ने चार व्यक्तियों पर आरोप लगाया कि रुपयों को लेकर दबाव बनाने का आरोप लगाया है, इसी कारण जसविंद्र ने अपनी पत्नी के साथ आत्महत्या की है। पुलिस मामले की तफ्तीश कर रही है।
कमेटी डालता था, था 15 से 20 लाख का कर्ज
मृतक के भाई सौंकड़ा निवासी सुखजिंद्र ने बताया कि उसका करीब 12 साल से नडाना गांव के गुरुद्वारे में ग्रंथी था। उसके छोटे भाई जसविंद्र सिंह पर 15 से 20 लाख रुपये का कर्ज था। वह कमेटी डालने का काम भी करता था, जिसमें उसे घाटा हो गया। नडाना गांव के कुछ लोग रुपयों के लिए लगातार दबाव बना रहे थे। नडाना निवासी करतार सिंह और उसका भाई और हरभजन सिंह के अलावा तरावड़ी का एक व्यक्ति रोजाना सुबह शाम घर आकर रुपये की मांग कर रहे थे। इन्हीं से परेशान आकार उसके भाई व भाभी ने यह कदम उठाया है। दोनों पति-पत्नी का शव करीब 51 घंटे बाद नहर से बरामद हुए।
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मृतक जसविंद्र सिंह के परिजनों की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। दोनों शवों का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
-दीवान सिंह, एसएचओ, तरावड़ी।
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करनाल। गांव नडाना के गुरुद्वारे में श्रद्धालुओं को ज्ञान देने वाला ग्रंथी जसविंद्र सिंह ने दो दिन पहले अपनी पत्नी नवनीत कौर के साथ नहर में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। इससे पहले, वीरवार की सुबह करीब 11 बजे जसविंद्र सिंह ने अपने पिता कुलदीप सिंह को फोन करके कहा कि, मैं ते नवनीत दोंवे नहर च छलांग लगान चल्ले हा, मेरे बच्चयां दा ख्याल रखना। वह बाइक पर नहर की ओर जा रहा है और उसकी बाइक नहर के किनारे ही मिलेगी।
इतना सुनते ही कुलदीप सिंह अपने अन्य बेटों के साथ जसविंद्र सिंह को बचाने के लिए दौड़ पड़ा, लेकिन जब वह नहर पर पहुंचे तो वहां जसविंद्र की बाइक ही खड़ी मिली। दो दिन तक जसविंद्र के परिजन नहर के किनारे दोनों के शवों की तलाश करते रहे। शनिवार को दोनों पति-पत्नी का शव काछवा रोड के समीप नहर में मिले। तरावड़ी थाना पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिए हैं। जसविंद्र के परिजनों ने चार व्यक्तियों पर आरोप लगाया कि रुपयों को लेकर दबाव बनाने का आरोप लगाया है, इसी कारण जसविंद्र ने अपनी पत्नी के साथ आत्महत्या की है। पुलिस मामले की तफ्तीश कर रही है।
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कमेटी डालता था, था 15 से 20 लाख का कर्ज
मृतक के भाई सौंकड़ा निवासी सुखजिंद्र ने बताया कि उसका करीब 12 साल से नडाना गांव के गुरुद्वारे में ग्रंथी था। उसके छोटे भाई जसविंद्र सिंह पर 15 से 20 लाख रुपये का कर्ज था। वह कमेटी डालने का काम भी करता था, जिसमें उसे घाटा हो गया। नडाना गांव के कुछ लोग रुपयों के लिए लगातार दबाव बना रहे थे। नडाना निवासी करतार सिंह और उसका भाई और हरभजन सिंह के अलावा तरावड़ी का एक व्यक्ति रोजाना सुबह शाम घर आकर रुपये की मांग कर रहे थे। इन्हीं से परेशान आकार उसके भाई व भाभी ने यह कदम उठाया है। दोनों पति-पत्नी का शव करीब 51 घंटे बाद नहर से बरामद हुए।
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मृतक जसविंद्र सिंह के परिजनों की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। दोनों शवों का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
-दीवान सिंह, एसएचओ, तरावड़ी।