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घर से 150 मीटर दूर क्लीनिक पर बैठे इनेलो नेता व जिला परिषद सदस्य के पिता को गोलियों से छलनी
Updated Mon, 30 Jul 2018 12:48 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। पुरानी रंजिश के चलते गांव अंजनथली में घर से करीब 150 मीटर दूर एक क्लीनिक पर बैठे इनेलो नेता और जिला परिषद की सदस्य के पिता सुरेश उर्फ बबली की कार सवार बदमाशों ने गोलियों से छलनी कर हत्या कर दी। इस दौरान साथ में बैठे एक अन्य व्यक्ति भी छर्रे लगने से घायल हो गया।
बदमाशों ने कुल 13 राउंड फायर किए, इनमें से पांच गोलियां बबली की छाती और सिर में दागी गईं। हथियारों से लैस बदमाश आई ट्वेंटी कार में सवार होकर मौके से फरार हो गए। परिजनों का आरोप है कि वारदात को जिले के मोस्ट वांटेड बदमाश कृष्ण दादुपुर और उसके साथियों ने दिया है। मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने आरोपियों को गिरफ्तारी तक शव उठाने से इंकार कर दिया। इस पर विधायक नीलोखेड़ी भगवानदास कबीरपंथी समेत अन्य ने आश्वासन दिया, लेकिन परिजन नहीं माने। बाद में एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया और एडीसी निशांत यादन ने परिजनों को दो दिन में बदमाशों की गिरफ्तारी और परिवार की सुरक्षा की बात कही तो परिजन मान गए। पुलिस ने मोस्टवांटेड कृष्ण दादूपुर सहित अन्य पांच व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
सुरेश उर्फ बबली इनेलो नेता तो था ही, उसकी पत्नी सुमन गांव की सरपंच रह चुकी है। मौजूदा समय में बबली की बेटी दीक्षा जिला परिषद् की सदस्य है। बताया जाता है कि बबली और उसके भाई नरेश का शराब का कारोबार है। बताया जाता है कि बदमाश कृष्ण दादुपुर और नरेश का पहले भी कई बार विवाद हो चुका है। इस कारण दोनों में रंजिश चल रही है। रविवार सुबह 10 बजे बबली अपने घर से दूसरी गली में एक क्लीनिक पर बैठा था। इसके साथ तीन व्यक्ति देशराज, सुभाष, प्रवीण बैठे बात कर रहे थे। अचानक हथियारों से लैस मोस्टवांटेड कृष्ण दादूपुर और अन्य ने बबली गोलियां दागनी शुरू कर दी। इस दौरान साथ बैठे सुभाष को भी छर्रे लगे हैं। सिर में गोलियां लगने के कारण बबली ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, बदमाश कार में सवार होकर फरार हो गए। उधर, बबली के मर्डर गांव में दहशत फैल गई।
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पुलिस को थी मोस्टवांटेड की भनक
एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया ने बताया कि वे बदमाश के नजदीक थे। किसी तरह सूचना लीक होने के कारण वह बदमाश उनके हाथों से निकल गया था। इससे पहले भी मोस्टवांटेड कृष्ण की एक बोलेरो गाड़ी में होने की सूचना मिली थी, लेकिन उस गाड़ी में वह नहीं मिला। बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित कर दी हैं, जल्द ही बदमाशों को काबू किया जाएगा।
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करनाल। पुरानी रंजिश के चलते गांव अंजनथली में घर से करीब 150 मीटर दूर एक क्लीनिक पर बैठे इनेलो नेता और जिला परिषद की सदस्य के पिता सुरेश उर्फ बबली की कार सवार बदमाशों ने गोलियों से छलनी कर हत्या कर दी। इस दौरान साथ में बैठे एक अन्य व्यक्ति भी छर्रे लगने से घायल हो गया।
बदमाशों ने कुल 13 राउंड फायर किए, इनमें से पांच गोलियां बबली की छाती और सिर में दागी गईं। हथियारों से लैस बदमाश आई ट्वेंटी कार में सवार होकर मौके से फरार हो गए। परिजनों का आरोप है कि वारदात को जिले के मोस्ट वांटेड बदमाश कृष्ण दादुपुर और उसके साथियों ने दिया है। मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने आरोपियों को गिरफ्तारी तक शव उठाने से इंकार कर दिया। इस पर विधायक नीलोखेड़ी भगवानदास कबीरपंथी समेत अन्य ने आश्वासन दिया, लेकिन परिजन नहीं माने। बाद में एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया और एडीसी निशांत यादन ने परिजनों को दो दिन में बदमाशों की गिरफ्तारी और परिवार की सुरक्षा की बात कही तो परिजन मान गए। पुलिस ने मोस्टवांटेड कृष्ण दादूपुर सहित अन्य पांच व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
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सुरेश उर्फ बबली इनेलो नेता तो था ही, उसकी पत्नी सुमन गांव की सरपंच रह चुकी है। मौजूदा समय में बबली की बेटी दीक्षा जिला परिषद् की सदस्य है। बताया जाता है कि बबली और उसके भाई नरेश का शराब का कारोबार है। बताया जाता है कि बदमाश कृष्ण दादुपुर और नरेश का पहले भी कई बार विवाद हो चुका है। इस कारण दोनों में रंजिश चल रही है। रविवार सुबह 10 बजे बबली अपने घर से दूसरी गली में एक क्लीनिक पर बैठा था। इसके साथ तीन व्यक्ति देशराज, सुभाष, प्रवीण बैठे बात कर रहे थे। अचानक हथियारों से लैस मोस्टवांटेड कृष्ण दादूपुर और अन्य ने बबली गोलियां दागनी शुरू कर दी। इस दौरान साथ बैठे सुभाष को भी छर्रे लगे हैं। सिर में गोलियां लगने के कारण बबली ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, बदमाश कार में सवार होकर फरार हो गए। उधर, बबली के मर्डर गांव में दहशत फैल गई।
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पुलिस को थी मोस्टवांटेड की भनक
एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया ने बताया कि वे बदमाश के नजदीक थे। किसी तरह सूचना लीक होने के कारण वह बदमाश उनके हाथों से निकल गया था। इससे पहले भी मोस्टवांटेड कृष्ण की एक बोलेरो गाड़ी में होने की सूचना मिली थी, लेकिन उस गाड़ी में वह नहीं मिला। बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित कर दी हैं, जल्द ही बदमाशों को काबू किया जाएगा।