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शहर में दहशत के पांच घंटे : उत्पातियों ने जो चाहा वही किया, पुलिस थाने को भी नहीं बचा पाई
Updated Sat, 12 May 2018 01:20 AM IST
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पांच घंटे उत्पातियों ने जो चाहा वही किया, पुलिस थाने को भी नहीं बचा पाई
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। पुलिस की हिरासत में हुई मौत के मामले में जैसे ही परिजनों को सूचना मिली तो वे आक्रोशित हो गए। लाठी और डंडों से लैस होकर सुबह परिजनों व समर्थकों ने बाजार स्थित ट्रैफिक पुलिस चौकी व सिटी थाने में धावा बोल दिया। यहां भी पुलिस बैकफुट पर नजर आई। हवाई फ ायर करके पुलिस कर्मचारियों ने उत्पातियों को खेदड़ा। इसके बाद भी पुलिस अलर्ट नहीं हुई और मृतक के समर्थक बाजार से होते हुए मेडिकल कॉलेज पहुंचे और वहां पर भी जमकर बवाल काटा। इस पूरे प्रकरण में जहां बाजार समेत शहर में सरेआम लाठी डंडे लेकर घूम रहे लोगों से दहशत फैली रही। दूसरी ओर पुलिस की खूफिया व सिक्योरिटी ब्रांच पूरी तरह से फेल नजर आई। हिरासत में मौत होने के बाद भी न तो सिटी थाना पुलिस के बाहर पुलिस तैनात की गई और न ही डेड बॉडी मेडिकल कॉलेज में रखने के बाद वहां पर पुलिस कर्मचारी तैनात किये गए। पुलिस की इस घोर लापरवाही की फायदा प्रदर्शनकारियों ने उठाया और जो चाहा वही किया।
शुक्रवार को सुबह के 6 से 11 बजे तक शहर दहशत में रहा। मृतक के परिजनों ने ट्रैफिक चौकी व सिटी थाना में तोड़फोड़ की, लेकिन उन्हें रोकने के लिए कोई पुलिस कर्मचारी सामने नहीं आया, बल्कि सिटी थाना में खुद पुलिस कर्मचारियों ने अपनी जान बजाने के लिए हवाई फायर किया। इत ना ही नहीं इस घटना के बाद शहरवासियों को सुरक्षा देने की बजाए अन्य पुलिस थाना के कर्मचारियों ने अपने थाने के गेट बंद कर लिए। किसी को शहर के लोगों की कोई चिंता नहीं थी। परिजन शहर में कुछ भी कर सकते थे उन्हों रोकने वाला कोई नहीं था। इस पूरी घटना में जिला पुलिस तो परिजनों के सामने फेल रही तो वहीं पुलिस के सिक्योरिटी ब्रांच और गुप्तचर विभाग भी फेल रहा। क्योंकि सिटी थाना में मंगल कॉलोनी वासी करीब 54 वर्षीय जेबा सिंह की मौत साढ़े दस बजे के करीब हुई और रात 11 बजे के बाद उसके परिजनों ने रोष जताना शुरू कर दिया था। इस बारे में पुलिस को भी पता था। इसके बावजूद भी पुलिस की सिक्योरिटी ब्रांच व गुप्तचर विभाग ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। यही कारण रहा परिजन सुबह 6 बजे कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में लाठी-डंडों के साथ एकत्रित हुए।
वीडियो बनाने लगे तो लठ लेकर पीछे भागे परिजन
मृतक के परिजन जब ट्रैफिक पुलिस चौकी व सिटी थाना में गाड़ियों, बाइकों को तोड़ रहे थे, तो उस दौरान आम लोगों ने उनकी वीडियो बनानी चाही तो वे लाठी-डंडे लेकर उसके पीछे दौड़ पड़े। जिस देख अन्य व्यक्ति भी किसी की दुकान तो किसी के घर में दोबक गए। लोगों ने अपने घरों के दरवाजे व खिड़कियां बंद कर ली। दोपहर तक शहरवासी डरे रहे।
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मेडिकल कॉलेज में शव रखकर किया प्रदर्शन
मृतक जेबा सिंह के परिजनों ने कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के पोस्टमार्टम हाउस से डेड बॉडी निकाल ली और सड़क पर रखकर जाम लगाने के लिए चल पड़े। लेकिन वहां पुलिस मौके पर पहुंच गई तो परिजनों ने मेडिकल कॉलेज में ही शव रखकर प्रदर्शन किया।
मेडिकल कॉलेज में भी रहा दहशत का माहौल
दोपहर तक मेडिकल कॉलेज में ओपीडी ब्लॉक के समीप पार्क में गुस्साए परिजनों को शांत करने का सिलसिला चलता रहा। मेडिकल कॉलेज के बार पीसीआर लाइन में लगी रही, वहीं मेडिकल कॉलेज के गेट पर भी भारी पुलिस बल तैनात रहा। जिन्हें देख मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीज डरते-डरते ओपीडी में इलाज कराने के लिए घुसे। पुलिस को देख मरीज डरे रहे।
9 करोड़ रुपये के सीसीसीवी का भी लाभ नहीं ले पाई पुलिस
बता दें कि नगर निगम की ओर से पूरे शहर में करीब 9 करोड़ रुपये की लागत से सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं और इसका कंट्रोल रूम लघु सचिवालय स्थित पुलिस कंट्रोल रूम के पास है। सुबह 6 बजे ही मृतक के परिजन सैकड़ों की संख्या में एकजुट हो गए और शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए बाजार पहुंचे और बाद में सिटी थाना। इसके बावजूद भी पुलिस अलर्ट नहीं सकी। परिजनों ने सुबह सुबह ही थाने पर हमला बोल दिया और बाद में मेडिकल कॉलेज से डेड बॉडी उठा ली। इस पूरे प्रकरण में एसपी सिक्योरिटी ऑफिस की पूरी तरह से लापरवाही सामने आई है। होना ये चाहिए था कि मामले में पहले से ही सिटी थाना समेत मेडिकल कालेज में पुलिस कर्मचारी तैनात किये जाने थे, लेकिन सिक्योरिटी इंचार्ज मामले की गंभीरता को नहीं भांप पाए और शहर पांच घंटे तक पुलिस की लापरवाही के कारण दहशत में रहा। अब पुलिस दावा कर रही है कि पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरों में कैद है, उसकी जांच की जा रही है।
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। पुलिस की हिरासत में हुई मौत के मामले में जैसे ही परिजनों को सूचना मिली तो वे आक्रोशित हो गए। लाठी और डंडों से लैस होकर सुबह परिजनों व समर्थकों ने बाजार स्थित ट्रैफिक पुलिस चौकी व सिटी थाने में धावा बोल दिया। यहां भी पुलिस बैकफुट पर नजर आई। हवाई फ ायर करके पुलिस कर्मचारियों ने उत्पातियों को खेदड़ा। इसके बाद भी पुलिस अलर्ट नहीं हुई और मृतक के समर्थक बाजार से होते हुए मेडिकल कॉलेज पहुंचे और वहां पर भी जमकर बवाल काटा। इस पूरे प्रकरण में जहां बाजार समेत शहर में सरेआम लाठी डंडे लेकर घूम रहे लोगों से दहशत फैली रही। दूसरी ओर पुलिस की खूफिया व सिक्योरिटी ब्रांच पूरी तरह से फेल नजर आई। हिरासत में मौत होने के बाद भी न तो सिटी थाना पुलिस के बाहर पुलिस तैनात की गई और न ही डेड बॉडी मेडिकल कॉलेज में रखने के बाद वहां पर पुलिस कर्मचारी तैनात किये गए। पुलिस की इस घोर लापरवाही की फायदा प्रदर्शनकारियों ने उठाया और जो चाहा वही किया।
शुक्रवार को सुबह के 6 से 11 बजे तक शहर दहशत में रहा। मृतक के परिजनों ने ट्रैफिक चौकी व सिटी थाना में तोड़फोड़ की, लेकिन उन्हें रोकने के लिए कोई पुलिस कर्मचारी सामने नहीं आया, बल्कि सिटी थाना में खुद पुलिस कर्मचारियों ने अपनी जान बजाने के लिए हवाई फायर किया। इत ना ही नहीं इस घटना के बाद शहरवासियों को सुरक्षा देने की बजाए अन्य पुलिस थाना के कर्मचारियों ने अपने थाने के गेट बंद कर लिए। किसी को शहर के लोगों की कोई चिंता नहीं थी। परिजन शहर में कुछ भी कर सकते थे उन्हों रोकने वाला कोई नहीं था। इस पूरी घटना में जिला पुलिस तो परिजनों के सामने फेल रही तो वहीं पुलिस के सिक्योरिटी ब्रांच और गुप्तचर विभाग भी फेल रहा। क्योंकि सिटी थाना में मंगल कॉलोनी वासी करीब 54 वर्षीय जेबा सिंह की मौत साढ़े दस बजे के करीब हुई और रात 11 बजे के बाद उसके परिजनों ने रोष जताना शुरू कर दिया था। इस बारे में पुलिस को भी पता था। इसके बावजूद भी पुलिस की सिक्योरिटी ब्रांच व गुप्तचर विभाग ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। यही कारण रहा परिजन सुबह 6 बजे कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में लाठी-डंडों के साथ एकत्रित हुए।
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वीडियो बनाने लगे तो लठ लेकर पीछे भागे परिजन
मृतक के परिजन जब ट्रैफिक पुलिस चौकी व सिटी थाना में गाड़ियों, बाइकों को तोड़ रहे थे, तो उस दौरान आम लोगों ने उनकी वीडियो बनानी चाही तो वे लाठी-डंडे लेकर उसके पीछे दौड़ पड़े। जिस देख अन्य व्यक्ति भी किसी की दुकान तो किसी के घर में दोबक गए। लोगों ने अपने घरों के दरवाजे व खिड़कियां बंद कर ली। दोपहर तक शहरवासी डरे रहे।
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मेडिकल कॉलेज में शव रखकर किया प्रदर्शन
मृतक जेबा सिंह के परिजनों ने कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के पोस्टमार्टम हाउस से डेड बॉडी निकाल ली और सड़क पर रखकर जाम लगाने के लिए चल पड़े। लेकिन वहां पुलिस मौके पर पहुंच गई तो परिजनों ने मेडिकल कॉलेज में ही शव रखकर प्रदर्शन किया।
मेडिकल कॉलेज में भी रहा दहशत का माहौल
दोपहर तक मेडिकल कॉलेज में ओपीडी ब्लॉक के समीप पार्क में गुस्साए परिजनों को शांत करने का सिलसिला चलता रहा। मेडिकल कॉलेज के बार पीसीआर लाइन में लगी रही, वहीं मेडिकल कॉलेज के गेट पर भी भारी पुलिस बल तैनात रहा। जिन्हें देख मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीज डरते-डरते ओपीडी में इलाज कराने के लिए घुसे। पुलिस को देख मरीज डरे रहे।
9 करोड़ रुपये के सीसीसीवी का भी लाभ नहीं ले पाई पुलिस
बता दें कि नगर निगम की ओर से पूरे शहर में करीब 9 करोड़ रुपये की लागत से सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं और इसका कंट्रोल रूम लघु सचिवालय स्थित पुलिस कंट्रोल रूम के पास है। सुबह 6 बजे ही मृतक के परिजन सैकड़ों की संख्या में एकजुट हो गए और शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए बाजार पहुंचे और बाद में सिटी थाना। इसके बावजूद भी पुलिस अलर्ट नहीं सकी। परिजनों ने सुबह सुबह ही थाने पर हमला बोल दिया और बाद में मेडिकल कॉलेज से डेड बॉडी उठा ली। इस पूरे प्रकरण में एसपी सिक्योरिटी ऑफिस की पूरी तरह से लापरवाही सामने आई है। होना ये चाहिए था कि मामले में पहले से ही सिटी थाना समेत मेडिकल कालेज में पुलिस कर्मचारी तैनात किये जाने थे, लेकिन सिक्योरिटी इंचार्ज मामले की गंभीरता को नहीं भांप पाए और शहर पांच घंटे तक पुलिस की लापरवाही के कारण दहशत में रहा। अब पुलिस दावा कर रही है कि पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरों में कैद है, उसकी जांच की जा रही है।