{"_id":"64921264556d6c05d00e3906","slug":"countrys-farmer-is-food-provider-now-he-should-become-energy-provider-nitin-gadkari-karnal-news-c-18-knl1031-154080-2023-06-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"देश का किसान अन्नदाता है, अब ऊर्जादाता बनना चाहिए : नितिन गडकरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देश का किसान अन्नदाता है, अब ऊर्जादाता बनना चाहिए : नितिन गडकरी
विज्ञापन
10..........ग्रीनफ़ील्ड 6 लेन रिंगरोड परियोजना का शुभारंभ करते केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग
देश का किसान अन्नदाता है, अब ऊर्जादाता बनना चाहिए : नितिन गडकरी
विदेशों से ईंधन का आयात पूरी तरह से बंद करने पर दिया जोर, बोले-किसानों को होगा बड़ा लाभ
पानीपत रिफाइनरी में जल्द ही बिटुमिन के बिना बायो एविएशन फ्यूल का शुरू होगा उत्पादन
करनाल में भारतमाला परियोजना के तहत छह लेन रिंग रोड का शिलान्यास करने पहुंचे थे केंद्रीय मंत्री
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि देश का किसान अन्नदाता ताे है, लेकिन अब उसे ऊर्जादाता बनना चाहिए। गेहूं, चावल, मक्का और गन्ना उत्पादन से किसानों की गरीबी दूर नहीं हो सकती है। उन्होंने कहा कि अभी हम 16 लाख करोड़ रुपये का फॉसिल फ्यूल आयात करते हैं, जिसमें डीजल, पेट्रोल और गैस शामिल है। ऐसे में अगर किसान बायो सीएनजी, पीएनजी और हाइड्रोजन के उत्पादन में सहयोग देगा तो 10 लाख करोड़ किसानों के पास जाएंगे। उन्होंने मंगलवार को करनाल में भारतमाला परियोजना के तहत छह लेन रिंगरोड के शिलान्यास के दौरान उक्त विचार रखे। उन्होंने किसानों को ऊर्जादाता बनाने पर बल देते हुए मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री से भी इस दिशा में कदम उठाने का आग्रह किया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विदेशों से ईंधन का आयात पूरी तरह से बंद करना होगा। इसके लिए किसानों का ऊर्जादाता होना आवश्यक है। आज हम एथेनाॅल की दो लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था बनाने की ओर बढ़ रहे हैं। कहा जाता था कि पंजाब-हरियाणा में बड़े पैमाने पर पराली जलाने से दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण होता है, लेकिन आज खुशी की बात है कि किसानों के सहयोग से पराली से बायो फ्यूल बनाने की दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं। पानीपत स्थित इंडियन ऑयल की रिफाइनरी ने पराली से एक लाख टन बायो एथेनॉल और 150 टन बाॅयो बिटुमिन बनाने का उद्योग मेरे आग्रह पर शुरू किया है। इतना ही नहीं बिटुमिन के बिना बायो एविएशन फ्यूल का उत्पादन भी जल्द करने वाले हैं। विश्व में हवाई जहाज के ईंधन में दो प्रतिशत बायो एविएशन फ्यूल मिलाने का कानून बना है, जिसका फायदा किसानों को होगा। स्वाभाविक रूप से पराली से होने वाला यह एक बड़ा लाभ है।
- पराली से एथेनाॅल और बायो सीएनजी-पीएनजी बनाने के 135 प्रोजेक्ट प्रक्रिया में
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में पराली से एथेनॉल और बायो सीएनजी-पीएनजी बनाने के 135 प्रोजेक्ट प्रक्रिया में हैं जबकि 26 प्रोजेक्ट की शुरुआत हो चुकी है, इनमें से कुछ पूरे भी हो गए हैं। खुशी की बात यह है कि इनमें से ज्यादातर प्रोजेक्ट हरियाणा में हैं। पांच टन पराली से एक टन बायो सीएनजी तैयार हाेता है। इससे किसानों को सीधा फायदा है। देश में नए युग की शुरुआत हो रही है। आज चावल, मक्के, बांस और गन्ने के जूस से भी एथेनाल बनता है।
विज्ञापन
- अगस्त में फ्लैक्स इंजन देश में लॉन्च होंगे, अब लोग एथेनाॅल से चलने वाले वाहन ही लें
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मारुति सुजूकी एवं टोयोटा की कार, बजाज और हीरो के स्कूटर, बाइक और ऑटो में जल्द ही फ्लैक्स इंजन आने वाला है। टोयाटा की कैबरली कार एथेनाॅल से चलेगी। अगर एथेनॉल से वाहनों के संचालन पर कीमत की बात करें तो ईंधन का खर्च 15 रुपये प्रति लीटर पहुंच जाएगा। इन वाहनाें को इस वर्ष अगस्त में लॉन्च किया जाएगा। ऐसे में लोगों से आग्रह है कि फ्लैक्स इंजन वाले वाहन खरीदें, जो एथेनॉल से दौड़ेंगे। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में बाॅयो सीएनजी से चलने वाली एक स्कैनिया बस भी शुरू की गई है।
- भविष्य में तैयार करेंगे हाइड्रोजन, किसान ऊर्जा वाली खेती करें
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल से आग्रह किया कि किसानों को ऊर्जा वाली खेती करने के लिए प्रेरित करें। गेहूं, चावल और गन्रे की खेती के साथ ही एनर्जी क्राॅप भी लगाएं, जिससे बायो सीएनसी, बायो पीएनजी तैयार किया जा सके। इसके साथ ही नैपियर घास की भी खेती करेंगे। इस घास के जरिए हाइड्रोजन बनता है। मेरे पास हाइड्रोजन से चलने वाली कार है, जिसमें धुआं नहीं है, आवाज भी नहीं होती है। इसमें मैं और मुख्यमंत्री मनोहर लाल बैठे भी हैं। हाइड्रोजन से चलने वाली इस कार का नाम भविष्य है। हम किसानों के सहयोग से हाइड्रोजन गैस भी तैयार करेंगे।
विज्ञापन
विदेशों से ईंधन का आयात पूरी तरह से बंद करने पर दिया जोर, बोले-किसानों को होगा बड़ा लाभ
पानीपत रिफाइनरी में जल्द ही बिटुमिन के बिना बायो एविएशन फ्यूल का शुरू होगा उत्पादन
करनाल में भारतमाला परियोजना के तहत छह लेन रिंग रोड का शिलान्यास करने पहुंचे थे केंद्रीय मंत्री
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि देश का किसान अन्नदाता ताे है, लेकिन अब उसे ऊर्जादाता बनना चाहिए। गेहूं, चावल, मक्का और गन्ना उत्पादन से किसानों की गरीबी दूर नहीं हो सकती है। उन्होंने कहा कि अभी हम 16 लाख करोड़ रुपये का फॉसिल फ्यूल आयात करते हैं, जिसमें डीजल, पेट्रोल और गैस शामिल है। ऐसे में अगर किसान बायो सीएनजी, पीएनजी और हाइड्रोजन के उत्पादन में सहयोग देगा तो 10 लाख करोड़ किसानों के पास जाएंगे। उन्होंने मंगलवार को करनाल में भारतमाला परियोजना के तहत छह लेन रिंगरोड के शिलान्यास के दौरान उक्त विचार रखे। उन्होंने किसानों को ऊर्जादाता बनाने पर बल देते हुए मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री से भी इस दिशा में कदम उठाने का आग्रह किया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विदेशों से ईंधन का आयात पूरी तरह से बंद करना होगा। इसके लिए किसानों का ऊर्जादाता होना आवश्यक है। आज हम एथेनाॅल की दो लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था बनाने की ओर बढ़ रहे हैं। कहा जाता था कि पंजाब-हरियाणा में बड़े पैमाने पर पराली जलाने से दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण होता है, लेकिन आज खुशी की बात है कि किसानों के सहयोग से पराली से बायो फ्यूल बनाने की दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं। पानीपत स्थित इंडियन ऑयल की रिफाइनरी ने पराली से एक लाख टन बायो एथेनॉल और 150 टन बाॅयो बिटुमिन बनाने का उद्योग मेरे आग्रह पर शुरू किया है। इतना ही नहीं बिटुमिन के बिना बायो एविएशन फ्यूल का उत्पादन भी जल्द करने वाले हैं। विश्व में हवाई जहाज के ईंधन में दो प्रतिशत बायो एविएशन फ्यूल मिलाने का कानून बना है, जिसका फायदा किसानों को होगा। स्वाभाविक रूप से पराली से होने वाला यह एक बड़ा लाभ है।
विज्ञापन
- पराली से एथेनाॅल और बायो सीएनजी-पीएनजी बनाने के 135 प्रोजेक्ट प्रक्रिया में
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में पराली से एथेनॉल और बायो सीएनजी-पीएनजी बनाने के 135 प्रोजेक्ट प्रक्रिया में हैं जबकि 26 प्रोजेक्ट की शुरुआत हो चुकी है, इनमें से कुछ पूरे भी हो गए हैं। खुशी की बात यह है कि इनमें से ज्यादातर प्रोजेक्ट हरियाणा में हैं। पांच टन पराली से एक टन बायो सीएनजी तैयार हाेता है। इससे किसानों को सीधा फायदा है। देश में नए युग की शुरुआत हो रही है। आज चावल, मक्के, बांस और गन्ने के जूस से भी एथेनाल बनता है।
विज्ञापन
- अगस्त में फ्लैक्स इंजन देश में लॉन्च होंगे, अब लोग एथेनाॅल से चलने वाले वाहन ही लें
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मारुति सुजूकी एवं टोयोटा की कार, बजाज और हीरो के स्कूटर, बाइक और ऑटो में जल्द ही फ्लैक्स इंजन आने वाला है। टोयाटा की कैबरली कार एथेनाॅल से चलेगी। अगर एथेनॉल से वाहनों के संचालन पर कीमत की बात करें तो ईंधन का खर्च 15 रुपये प्रति लीटर पहुंच जाएगा। इन वाहनाें को इस वर्ष अगस्त में लॉन्च किया जाएगा। ऐसे में लोगों से आग्रह है कि फ्लैक्स इंजन वाले वाहन खरीदें, जो एथेनॉल से दौड़ेंगे। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में बाॅयो सीएनजी से चलने वाली एक स्कैनिया बस भी शुरू की गई है।
- भविष्य में तैयार करेंगे हाइड्रोजन, किसान ऊर्जा वाली खेती करें
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल से आग्रह किया कि किसानों को ऊर्जा वाली खेती करने के लिए प्रेरित करें। गेहूं, चावल और गन्रे की खेती के साथ ही एनर्जी क्राॅप भी लगाएं, जिससे बायो सीएनसी, बायो पीएनजी तैयार किया जा सके। इसके साथ ही नैपियर घास की भी खेती करेंगे। इस घास के जरिए हाइड्रोजन बनता है। मेरे पास हाइड्रोजन से चलने वाली कार है, जिसमें धुआं नहीं है, आवाज भी नहीं होती है। इसमें मैं और मुख्यमंत्री मनोहर लाल बैठे भी हैं। हाइड्रोजन से चलने वाली इस कार का नाम भविष्य है। हम किसानों के सहयोग से हाइड्रोजन गैस भी तैयार करेंगे।