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Karnal News: पार्षदों को आई नियमितीकरण की राह देख रहे कॉलोनियों की याद
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। पार्षदों को अब उन कॉलोनियों की याद आ गई है, जो 70 से 95 प्रतिशत तक विकसित होने के बावजूद नियमितीकरण की राह देख रही हैं। यहां के बाशिंदे अवैध कॉलोनी का दंश तो झेल ही रहे हैं, साथ ही निगम द्वारा प्रदत्त मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित हैं। पार्षदों ने कॉलोनियों के नाम, खसरा नंबर और वहां की 11-11 सदस्यों वाली आरडब्ल्यूए गठित करा निगम को सौंप दिए हैं, ताकि 28 मार्च को होने वाली वित्त वर्ष की अंतिम और बजटीय बैठक में कॉलोनियों को नियमित करने का प्रस्ताव पारित हो सके। ऐसी कॉलोनियों की संख्या 100 से अधिक बताई जा रही है।
करीब सात महीने के बाद 20 मार्च को सदन में एजेंडे में शामिल 63 कॉलोनियों के नियमितीकरण का प्रस्ताव सामने आया तो कॉलोनियों का नाम देखकर पार्षद भड़क गए, क्योंकि इनमें अधिकतर वही कॉलोनियां थी, जिन्हें नियमित कराने के लिए कॉलोनाइजरों व आरडब्ल्यूए ने आवेदन किया था, वह कॉलोनियां नदारद थी, जो वर्षो से 70 से 95 प्रतिशत तक विकसित हैं लेकिन अवैध हैं। इन कॉलोनियों के मतदाताओं की नाराजगी को भांपते हुए पार्षद भड़के तो सदन ने प्रस्ताव को अगली बैठक के लिए टाल दिया। अब एक बार फिर 28 मार्च को बजटीय बैठक तय की गई है। जिसमें बजट तो पारित होगा ही, पार्षदों का मुख्य ध्यान अपने क्षेत्र की अवैध कॉलोनियों पर नियमितीकरण के लिए सदन की मुहर लगवाने पर रहेगा। सदन ने पार्षदों से कहा था कि नियमितीकरण के लिए कॉलोनी के नाम के साथ-साथ उसका खसरा नंबर और वहां की आरडब्ल्यूए की ओर से आवेदन भी होना चाहिए।
इन कॉलोनियों के भी दिए नाम
वार्ड-छह में आंबेडकर कॉलोनी, रामदेव कॉलोनी, मंगल कॉलोनी पार्ट दो व तीन, चांद सराय, ढेहा वाली बस्ती। वार्ड-चार की कर्ण विहार, बागवानी कॉलोनी, शहीद भगत सिंह नगर, कर्ण विहार पार्ट-2 में गली 23 से नगर तक, पार्ट-3 में गली 16बी व 20सी, पृथ्वी विहार, सूरजनगर, दुर्गा कॉलोनी, उत्तमनगर, भट्ठा कॉलोनी, वार्ड-20 से उंचाना में लाल डोरा का 20 एकड़ क्षेत्र, विजय नगर काछवा रोड, सेठी कॉलोनी, पालमनगर पार्ट-2, नसीबपुरम, 11 किले कॉलोनी, स्कूल के पीछे सैनी कॉलोनी, नियरखेड़ा सैदपुर। वार्ड तीन से बलराम कॉलोनी, नरेंद्र कॉलोनी, विकास कॉलोनी पार्ट-2, वार्ड 17 की शास्त्री नगर, महावीर कॉलोनी,, गुरुनानक कॉलोनी, शिव कॉलोनी पार्ट-2, न्यू एकता कॉलोनी, आनंद विहार सीमा, शांति नगर (आंशिक) आदि करीब 100 कॉलोनियों के प्रस्ताव रखे जाने की संभावना है।
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वार्ड चार की पार्षद नीलम नोतना व उनके प्रतिनिधि भूपेंद्र नोतना ने बताया कि अधिकतर पार्षदों ने ऐसी अवैध कॉलोनियां जो 70 से 95 प्रतिशत तक विकसित हो चुकी हैं, कई साल पुरानी भी हैं, उनके खसरा नंबर सहित नाम और उनकी 11-11 सदस्यों की रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) का गठन सहित नगर निगम को दे दिया है। जिससे इन अवैध कॉलोनियों को नियमित कराने के लिए 28 मार्च को प्रस्तावित सदन की बैठक में रखकर प्रस्ताव पारित कराया जा सके।
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करनाल। पार्षदों को अब उन कॉलोनियों की याद आ गई है, जो 70 से 95 प्रतिशत तक विकसित होने के बावजूद नियमितीकरण की राह देख रही हैं। यहां के बाशिंदे अवैध कॉलोनी का दंश तो झेल ही रहे हैं, साथ ही निगम द्वारा प्रदत्त मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित हैं। पार्षदों ने कॉलोनियों के नाम, खसरा नंबर और वहां की 11-11 सदस्यों वाली आरडब्ल्यूए गठित करा निगम को सौंप दिए हैं, ताकि 28 मार्च को होने वाली वित्त वर्ष की अंतिम और बजटीय बैठक में कॉलोनियों को नियमित करने का प्रस्ताव पारित हो सके। ऐसी कॉलोनियों की संख्या 100 से अधिक बताई जा रही है।
करीब सात महीने के बाद 20 मार्च को सदन में एजेंडे में शामिल 63 कॉलोनियों के नियमितीकरण का प्रस्ताव सामने आया तो कॉलोनियों का नाम देखकर पार्षद भड़क गए, क्योंकि इनमें अधिकतर वही कॉलोनियां थी, जिन्हें नियमित कराने के लिए कॉलोनाइजरों व आरडब्ल्यूए ने आवेदन किया था, वह कॉलोनियां नदारद थी, जो वर्षो से 70 से 95 प्रतिशत तक विकसित हैं लेकिन अवैध हैं। इन कॉलोनियों के मतदाताओं की नाराजगी को भांपते हुए पार्षद भड़के तो सदन ने प्रस्ताव को अगली बैठक के लिए टाल दिया। अब एक बार फिर 28 मार्च को बजटीय बैठक तय की गई है। जिसमें बजट तो पारित होगा ही, पार्षदों का मुख्य ध्यान अपने क्षेत्र की अवैध कॉलोनियों पर नियमितीकरण के लिए सदन की मुहर लगवाने पर रहेगा। सदन ने पार्षदों से कहा था कि नियमितीकरण के लिए कॉलोनी के नाम के साथ-साथ उसका खसरा नंबर और वहां की आरडब्ल्यूए की ओर से आवेदन भी होना चाहिए।
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इन कॉलोनियों के भी दिए नाम
वार्ड-छह में आंबेडकर कॉलोनी, रामदेव कॉलोनी, मंगल कॉलोनी पार्ट दो व तीन, चांद सराय, ढेहा वाली बस्ती। वार्ड-चार की कर्ण विहार, बागवानी कॉलोनी, शहीद भगत सिंह नगर, कर्ण विहार पार्ट-2 में गली 23 से नगर तक, पार्ट-3 में गली 16बी व 20सी, पृथ्वी विहार, सूरजनगर, दुर्गा कॉलोनी, उत्तमनगर, भट्ठा कॉलोनी, वार्ड-20 से उंचाना में लाल डोरा का 20 एकड़ क्षेत्र, विजय नगर काछवा रोड, सेठी कॉलोनी, पालमनगर पार्ट-2, नसीबपुरम, 11 किले कॉलोनी, स्कूल के पीछे सैनी कॉलोनी, नियरखेड़ा सैदपुर। वार्ड तीन से बलराम कॉलोनी, नरेंद्र कॉलोनी, विकास कॉलोनी पार्ट-2, वार्ड 17 की शास्त्री नगर, महावीर कॉलोनी,, गुरुनानक कॉलोनी, शिव कॉलोनी पार्ट-2, न्यू एकता कॉलोनी, आनंद विहार सीमा, शांति नगर (आंशिक) आदि करीब 100 कॉलोनियों के प्रस्ताव रखे जाने की संभावना है।
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वार्ड चार की पार्षद नीलम नोतना व उनके प्रतिनिधि भूपेंद्र नोतना ने बताया कि अधिकतर पार्षदों ने ऐसी अवैध कॉलोनियां जो 70 से 95 प्रतिशत तक विकसित हो चुकी हैं, कई साल पुरानी भी हैं, उनके खसरा नंबर सहित नाम और उनकी 11-11 सदस्यों की रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) का गठन सहित नगर निगम को दे दिया है। जिससे इन अवैध कॉलोनियों को नियमित कराने के लिए 28 मार्च को प्रस्तावित सदन की बैठक में रखकर प्रस्ताव पारित कराया जा सके।