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Karnal News: निगम ने 16900 आवेदन किए रद्द, दोबारा ठीक करानी होगी त्रुटियां
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संपत्ति आईडी ठीक कराने के लिए फिर भागदौड़ करेंगे शहरवासी
- लाल डोरा क्षेत्र की भी संपत्ति आईडी तैयार, इसमें सुधार के लिए कुछ दिनों में शुरू होगी प्रक्रिया
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। संपत्ति आईडी की खामियों के कारण परेशान संपत्ति मालिकों को अब फिर त्रुटियों को ठीक कराने के लिए भागदौड़ करनी पड़ेगी। उनकी ओर से किए गए आवेदनों को नगर निगम ने खामी होने के कारण रद्द कर दिया है। ऐसे में अब दोबारा आवेदन करना होगा। निगम अधिकारियों के अनुसार, ऐसे करीब 16900 आवेदनों रद्द किया गया है। नए आवेदन में इन्हें सही दस्तावेज साथ लगाने होंगे।
विदित हो कि एनडीसी पोर्टल पर अब तक 76505 आपत्तियां डाली गईं, जिनमें से 57778 का समाधान हुआ। संपूर्ण दस्तावेज अपलोड न करने के कारण 1299 आपत्तियां रिवर्ट की गई हैं और 528 का समाधान किया जा रहा है। जबकि 16900 आपत्तियों के आवेदन को रिजेक्ट किया गया है। इन्हें सही दस्तावेजों के साथ दोबारा आपत्तियां डालने पर उनका भी समाधान किया जाएगा।
इधर, नगर निगम सीमा में लाल डोरा क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों की संपत्तियों की भी प्रॉपर्टी आईडी बनाई गई है। निगम आयुक्त के अनुसार, इसकी सूची एनडीसी पोर्टल व नगर निगम करनाल की वेबसाइट पर उपलब्ध है। संबंधित व्यक्ति इन्हें देखकर प्रॉपर्टी आईडी में दर्ज डाटा की जानकारी ले सकता हैं। जल्द इसमें त्रुटियों के सुधार के लिए निगम में आपत्तियां ली जाएंगी, इसके लिए कमेटी का गठन किया जा चुका है।
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एक चौथाई आईडी ही हो पाईं स्वप्रमाणित
शहर में अब तक 166222 में से 40407 संपत्ति आईडी स्व-प्रमाणित हुई हैं। जोकि कुल का महज एक चौथाई है। इन आंकड़ों में सुधार के लिए भी योजना बनाई जा रही है। उप निगम आयुक्त की ओर से इस कार्य के लिए रोजगार विभाग से सक्षम युवा लिए जाएंगे और उन्हें इस कार्य में लगाया जाए। शनिवार को हुई बैठक में निगमायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्य राइट टू सर्विस एक्ट के तहत तय समय सीमा में होना चाहिए। लोग रोजाना चक्कर न काटें, इसके लिए उन्हें यह भी बताएं कि किस कार्य में कितना समय लगेगा। भविष्य में क्षेत्रीय कराधान अधिकारी (जेडटीओ) इसकी साप्ताहिक रिपोर्ट पेश करेंगे।
संपत्ति कर न जमा कराने वालों को देंगे नोटिस
चालू वित्त वर्ष में 3.22 करोड़ रुपये संपत्ति कर के रूप में जमा हुए हैं। निगमायुक्त ने क्षेत्रीय कराधान अधिकारी और कर अधीक्षक को निर्देश दिए कि सरकार की ओर से संपूर्ण ब्याज माफी, एरियर में 15 प्रतिशत की छूट के अतिरिक्त कूड़ा एवं कचरा संग्रहण शुल्क भी माफ किए जा चुके हैं, ऐसे में संपत्ति कर अधिक जमा होना चाहिए। जो व्यक्ति संपत्ति कर जमा नहीं करवा रहे, उन्हें नोटिस जारी किए जाए और छूट की जानकारी भी दी जाए।
संपत्ति कर शाखा की बैठक लेकर उनके प्रभारियों को निर्देश दिए। एनडीसी पोर्टल पर जो भी आपत्तियां डाली जाती हैं, उन पर तत्काल रूप से कार्रवाई होनी चाहिए। व्यक्ति की ओर से आपत्ति में अपलोड किए गए दस्तावेजों की अच्छे से जांच की जाए, बिना वजह किसी की आपत्ति को रिवर्ट न करने के निर्देश दिए हैं।
- नीरज कादियान, आयुक्त
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- लाल डोरा क्षेत्र की भी संपत्ति आईडी तैयार, इसमें सुधार के लिए कुछ दिनों में शुरू होगी प्रक्रिया
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। संपत्ति आईडी की खामियों के कारण परेशान संपत्ति मालिकों को अब फिर त्रुटियों को ठीक कराने के लिए भागदौड़ करनी पड़ेगी। उनकी ओर से किए गए आवेदनों को नगर निगम ने खामी होने के कारण रद्द कर दिया है। ऐसे में अब दोबारा आवेदन करना होगा। निगम अधिकारियों के अनुसार, ऐसे करीब 16900 आवेदनों रद्द किया गया है। नए आवेदन में इन्हें सही दस्तावेज साथ लगाने होंगे।
विदित हो कि एनडीसी पोर्टल पर अब तक 76505 आपत्तियां डाली गईं, जिनमें से 57778 का समाधान हुआ। संपूर्ण दस्तावेज अपलोड न करने के कारण 1299 आपत्तियां रिवर्ट की गई हैं और 528 का समाधान किया जा रहा है। जबकि 16900 आपत्तियों के आवेदन को रिजेक्ट किया गया है। इन्हें सही दस्तावेजों के साथ दोबारा आपत्तियां डालने पर उनका भी समाधान किया जाएगा।
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इधर, नगर निगम सीमा में लाल डोरा क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों की संपत्तियों की भी प्रॉपर्टी आईडी बनाई गई है। निगम आयुक्त के अनुसार, इसकी सूची एनडीसी पोर्टल व नगर निगम करनाल की वेबसाइट पर उपलब्ध है। संबंधित व्यक्ति इन्हें देखकर प्रॉपर्टी आईडी में दर्ज डाटा की जानकारी ले सकता हैं। जल्द इसमें त्रुटियों के सुधार के लिए निगम में आपत्तियां ली जाएंगी, इसके लिए कमेटी का गठन किया जा चुका है।
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एक चौथाई आईडी ही हो पाईं स्वप्रमाणित
शहर में अब तक 166222 में से 40407 संपत्ति आईडी स्व-प्रमाणित हुई हैं। जोकि कुल का महज एक चौथाई है। इन आंकड़ों में सुधार के लिए भी योजना बनाई जा रही है। उप निगम आयुक्त की ओर से इस कार्य के लिए रोजगार विभाग से सक्षम युवा लिए जाएंगे और उन्हें इस कार्य में लगाया जाए। शनिवार को हुई बैठक में निगमायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्य राइट टू सर्विस एक्ट के तहत तय समय सीमा में होना चाहिए। लोग रोजाना चक्कर न काटें, इसके लिए उन्हें यह भी बताएं कि किस कार्य में कितना समय लगेगा। भविष्य में क्षेत्रीय कराधान अधिकारी (जेडटीओ) इसकी साप्ताहिक रिपोर्ट पेश करेंगे।
संपत्ति कर न जमा कराने वालों को देंगे नोटिस
चालू वित्त वर्ष में 3.22 करोड़ रुपये संपत्ति कर के रूप में जमा हुए हैं। निगमायुक्त ने क्षेत्रीय कराधान अधिकारी और कर अधीक्षक को निर्देश दिए कि सरकार की ओर से संपूर्ण ब्याज माफी, एरियर में 15 प्रतिशत की छूट के अतिरिक्त कूड़ा एवं कचरा संग्रहण शुल्क भी माफ किए जा चुके हैं, ऐसे में संपत्ति कर अधिक जमा होना चाहिए। जो व्यक्ति संपत्ति कर जमा नहीं करवा रहे, उन्हें नोटिस जारी किए जाए और छूट की जानकारी भी दी जाए।
संपत्ति कर शाखा की बैठक लेकर उनके प्रभारियों को निर्देश दिए। एनडीसी पोर्टल पर जो भी आपत्तियां डाली जाती हैं, उन पर तत्काल रूप से कार्रवाई होनी चाहिए। व्यक्ति की ओर से आपत्ति में अपलोड किए गए दस्तावेजों की अच्छे से जांच की जाए, बिना वजह किसी की आपत्ति को रिवर्ट न करने के निर्देश दिए हैं।
- नीरज कादियान, आयुक्त