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Karnal News: पेराई, भुगतान में सहकारी चीनी मिल करनाल प्रदेश में अव्वल
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चीनी मिल ने कैंटीन में किसानों के लिए लगाए हीटर
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। दि करनाल सहकारी चीनी मिल करनाल 19 दिसंबर तक खरीदे गए गन्ने का भुगतान करके भुगतान के मामले में हरियाणा में नंबर वन पर है। साथ ही किसानों को सर्दी से बचाने के लिए मिल प्रबंधन ने कैंटीन में हीटरों की व्यवस्था की है। प्रबंध निदेशक हितेंद्र कुमार ने बताया कि सहकारी चीनी मिल करनाल में 3500 टीसीडी के नए प्लांट का तीसरा पेराई सत्र 14 नवंबर को शुरू हुआ था। जो अपनी पूरी क्षमता से पेराई कर रहा है। चीनी मिल इस पेराई सत्र में अब तक पेराई व भुगतान के मामले में पूरे राज्य में अव्वल है। चीनी मिल अब समय तक 11.37 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर चुकी है और 10.35 प्रतिशत रिकवरी के साथ 93520 क्विंटल चीनी का उत्पादन कर लिया है। मिल अपने स्तर पर 18 केवी बिजली का उत्पादन भी कर रहा है।
उत्तर हरियाणा विकास निगम को 2642448 केडब्ल्यूएच यूनिट सप्लाई करके 1.12 करोड़ रुपये अर्जित कर चुका है। ये मिल की वित्तीय स्थिति सुधारने में मिल का पत्थर साबित हो रहा है। आने वाले गन्ना पिराई सत्र मे मिल द्वारा इथेनॉल का प्लांट स्थापित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि चीनी मिल में गन्ना लाने वाले किसानों के लिए रात्रि मे ठहरने व जलपान के लिए किसान कैंटीन की व्यवस्था की गई है। जिसकी सफाई व पार्को का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। कैंटीन के अंदर सर्दी के मौसम को ध्यान में रखते हुए किसानों के लिए हीटरों की भी व्यवस्था की गई है। गन्ने पेराई सत्र के प्रारंभर से ऑनलाईन टोकन सिस्टम लागू है। इससे किसान अपने घर बैठे हुए अपना अग्रिम टोकन लगा रहे हैं। पहले किसानों को मिल गन्ना सप्लाई करते समय 10 से 12 घंटे का समय लगता था जो कि अब मात्र एक से तीन घंटे में किसान मिल मे अपना गन्ना डालकर वापस अपने घर चले जाते हैं।
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। दि करनाल सहकारी चीनी मिल करनाल 19 दिसंबर तक खरीदे गए गन्ने का भुगतान करके भुगतान के मामले में हरियाणा में नंबर वन पर है। साथ ही किसानों को सर्दी से बचाने के लिए मिल प्रबंधन ने कैंटीन में हीटरों की व्यवस्था की है। प्रबंध निदेशक हितेंद्र कुमार ने बताया कि सहकारी चीनी मिल करनाल में 3500 टीसीडी के नए प्लांट का तीसरा पेराई सत्र 14 नवंबर को शुरू हुआ था। जो अपनी पूरी क्षमता से पेराई कर रहा है। चीनी मिल इस पेराई सत्र में अब तक पेराई व भुगतान के मामले में पूरे राज्य में अव्वल है। चीनी मिल अब समय तक 11.37 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर चुकी है और 10.35 प्रतिशत रिकवरी के साथ 93520 क्विंटल चीनी का उत्पादन कर लिया है। मिल अपने स्तर पर 18 केवी बिजली का उत्पादन भी कर रहा है।
उत्तर हरियाणा विकास निगम को 2642448 केडब्ल्यूएच यूनिट सप्लाई करके 1.12 करोड़ रुपये अर्जित कर चुका है। ये मिल की वित्तीय स्थिति सुधारने में मिल का पत्थर साबित हो रहा है। आने वाले गन्ना पिराई सत्र मे मिल द्वारा इथेनॉल का प्लांट स्थापित किया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि चीनी मिल में गन्ना लाने वाले किसानों के लिए रात्रि मे ठहरने व जलपान के लिए किसान कैंटीन की व्यवस्था की गई है। जिसकी सफाई व पार्को का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। कैंटीन के अंदर सर्दी के मौसम को ध्यान में रखते हुए किसानों के लिए हीटरों की भी व्यवस्था की गई है। गन्ने पेराई सत्र के प्रारंभर से ऑनलाईन टोकन सिस्टम लागू है। इससे किसान अपने घर बैठे हुए अपना अग्रिम टोकन लगा रहे हैं। पहले किसानों को मिल गन्ना सप्लाई करते समय 10 से 12 घंटे का समय लगता था जो कि अब मात्र एक से तीन घंटे में किसान मिल मे अपना गन्ना डालकर वापस अपने घर चले जाते हैं।
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