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Karnal News: फर्जी बिल आने से उपभोक्ता परेशान
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कैथल। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम लोगों को फर्जी रीडिंग के आधार पर बिल भेज रहा है। उपभोक्ता परेशान हैं कि बिल अदा करें या शिकायत करके बिल दुरूस्त करवाएं। बार बार शिकायत करने के बाद भी दोबारा उन्हें फर्जी रीडिंग के आधार पर ही बिल थमाया जा रहा है।
उपभोक्ता नहर विभाग के एसडीओ लेखराम ने बताया कि उनकी पत्नी विद्या शारदा के नाम बिजली का मीटर है। उन्हें बिजली निगम ने 9 सितंबर को 13275 का बिल थमा दिया। जो बिल उन्हें दिया गया उसमें पुरानी रीडिंग 15836 यूनिट व नई 10630 यूनिट दिखाई गई थी। जिसकी शिकायत उन्होंने बिजली विभाग को करते हुए बताया कि दोनों जगह रीडिंग गलत दिखाई गई है, क्योंकि पुरानी रीडिंग से नई रीडिंग से कम नहीं हो सकती है। शिकायत के बाद जब कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने दोबारा ऑन लाइन अपनी आपत्ति दर्ज करवाई। इसके बाद बिजली विभाग के अधिकारी हरकत में आए और उन्हें दोबारा नया बिल थमा दिया गया। जो पूरी तरह से गलत था।
नए बिल में पुरानी रीडिंग तो जस की तस थी लेकिन नई रीडिंग शून्य थी और बिल 12051 रुपए का था। सोचने वाली बात यह है कि उपभोक्ता दोनों में से किस बिल का यकीन करे। अब मजेदार बात यह थी कि लेखराम ने जब अपने मीटर की रीडिंग देखी और उसका चित्र लिया तो रीडिंग कुल 18122 यूनिट थी। अब उपभोक्ता परेशान है कि बिल विभाग शायद उन्हें लाखों का बिल ना भेज दें।बिजली निगम के एसडीओ केशव ने कहा कि बिल की पुन: जांच की जाएगी। हो सकता है कि प्रोविजनल बिल जनरेट हो गया हो। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता पुन: उन्हें मिल सकते हैं बिल ठीक करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह प्रोविजनल बिल सिस्टम ने जरनेट कर दिया।
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उपभोक्ता नहर विभाग के एसडीओ लेखराम ने बताया कि उनकी पत्नी विद्या शारदा के नाम बिजली का मीटर है। उन्हें बिजली निगम ने 9 सितंबर को 13275 का बिल थमा दिया। जो बिल उन्हें दिया गया उसमें पुरानी रीडिंग 15836 यूनिट व नई 10630 यूनिट दिखाई गई थी। जिसकी शिकायत उन्होंने बिजली विभाग को करते हुए बताया कि दोनों जगह रीडिंग गलत दिखाई गई है, क्योंकि पुरानी रीडिंग से नई रीडिंग से कम नहीं हो सकती है। शिकायत के बाद जब कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने दोबारा ऑन लाइन अपनी आपत्ति दर्ज करवाई। इसके बाद बिजली विभाग के अधिकारी हरकत में आए और उन्हें दोबारा नया बिल थमा दिया गया। जो पूरी तरह से गलत था।
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नए बिल में पुरानी रीडिंग तो जस की तस थी लेकिन नई रीडिंग शून्य थी और बिल 12051 रुपए का था। सोचने वाली बात यह है कि उपभोक्ता दोनों में से किस बिल का यकीन करे। अब मजेदार बात यह थी कि लेखराम ने जब अपने मीटर की रीडिंग देखी और उसका चित्र लिया तो रीडिंग कुल 18122 यूनिट थी। अब उपभोक्ता परेशान है कि बिल विभाग शायद उन्हें लाखों का बिल ना भेज दें।बिजली निगम के एसडीओ केशव ने कहा कि बिल की पुन: जांच की जाएगी। हो सकता है कि प्रोविजनल बिल जनरेट हो गया हो। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता पुन: उन्हें मिल सकते हैं बिल ठीक करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह प्रोविजनल बिल सिस्टम ने जरनेट कर दिया।
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