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Karnal News: बिजली निगम का 1.15 लाख का बिल उपभोक्ता आयोग ने किया रद्द

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 09 Dec 2025 02:05 AM IST
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Consumer Commission cancels electricity bill of Rs 1.15 lakh
संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने उपभोक्ता को राहत देते हुए एक लाख 15 हजार 886 रुपये का बिजली का बिल रद्द कर दिया है। आयोग ने पाया कि हरियाणा बिजली वितरण निगम की बिल जारी करने की प्रक्रिया में कमी थी। बिल की राशि बिजली अधिनियम, 2003 की धारा 56(2) के तहत निर्धारित दो साल की सीमा अवधि के पहले की थी। उपभोक्ता को बिल नहीं अदा करना होगा। कोई राशि जमा करवाई है तो उसे आगे के बिल में समायोजित किया जाएगा।

शिकायतकर्ता एकनाम भिंडर ने जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में शिकायत दी कि उनके घर में उनके दादा के नाम से बिजली कनेक्शन था। अब वह उसका उपयोग कर रहे हैं। बिजली निगम ने 15 दिसंबर, 2023 को एक लाख 15 हजार 886 रुपये बिजली का बिल दिया। इस राशि में से एक लाख सात हजार 167 रुपये एसओपी शुल्क के बकाया के रूप में दर्शाए गए। शिकायतकर्ता एकनाम ने पक्ष रखा कि वह नियमित रूप से बिल का भुगतान कर रहे हैं और कोई बकाया नहीं है। उन्होंने इस बिल को ठीक करने की मांग की थी। लेकिन बिजली निगम ने ठीक नहीं किया।
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आयोग के समक्ष बिजली निगम ने पक्ष रखा कि उपभोक्ता का मीटर खराब हो गया था और 3 मार्च, 2017 से 3 मार्च, 2021 तक (1670 दिन) रीडिंग प्रदर्शित नहीं कर रहा था। मीटर को जांच के लिए भेजा गया लेकिन वहां भी रीडिंग प्राप्त नहीं हुई थी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद आयोग ने इलेक्ट्रिसिटी एक्ट, 2003 की धारा 56(2) का उल्लेख करते हुए कहा कि 2 साल की अवधि के बाद उपभोक्ता से कोई भी राशि वसूली नहीं की जा सकती। आयोग ने पाया कि विवादित बिल 23 मार्च, 2016 से लेकर 3 मार्च 2017 की अवधि के लिए जारी किया गया था। यह समय 2 साल की अवधि से बाहर था। इसलिए आयोग ने बिल को रद्द करने का निर्णय दिया।
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आयोग ने फैसला दिया है कि उपभोक्ता ने विवादित बिल की कोई भी राशि जमा की है, तो उसे वापस किया जाए या बाद के बिलों में समायोजित किया जाए। इस आदेश का अनुपालन आदेश की प्रति प्राप्त होने के 45 दिनों के भीतर किया जाना है।
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