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Karnal News: संगठन गठन की बैठक में नहीं बुलाने पर भिड़े कांग्रेसी, चले लात-घूसे

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 06 Sep 2023 02:51 AM IST
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Congressmen clashed over not being invited to the organization formation meeting, kicked and punched
संगठन गठन की बैठक में नहीं बुलाने पर भिड़े कांग्रेसी, चले लात-घूसे
- किरण, सैलजा और सुरजेवाला गुट के कार्यकर्ताओं को नहीं दी गई थी संगठन गठन की जानकारी
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- हुड्डा गुट से इंद्री के पूर्व विधायक के लाउड स्पीकर चलाने पर बिगड़ी स्थिति, जमकर हुआ हंगामा
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। कांग्रेस की करनाल इकाई के गठन को लेकर लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में मंगलवार को बुलाई गई बैठक में कांग्रेस की गुटबाजी सामने आ गई। जिला स्तरीय बैठक में जिला अध्यक्ष के गठन के दौरान हुड्डा गुट के समर्थकों और सुरजेवाला, सैलजा एवं किरण चौधरी गुट के समर्थकों में लात-घूसे चल गए। मामला यह था कि सुरजेवाला, सैलजा एवं किरण चौधरी गुट के समर्थक बैठक में नहीं बुलाए जाने पर नारेबाजी कर रहे थे, जिस पर हुड्डा गुट के एक पूर्व विधायक ने नारों की आवाज दबाने के लिए लाउड स्पीकर लाकर गाने चला दिए। जिस पर हंगामा हो गया।
जिले में कांग्रेस संगठन के गठन और जिला अध्यक्ष पद के लिए योग्य उम्मीदवार के लिए राय ली जानी थी। जिसके लिए लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के समन्वयक योगराज भदौरिया, हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के समन्वयक जरनैल सिंह और एसएल शर्मा पहुंचे थे। हर एक कार्यकर्ता को बुलाकर जिला अध्यक्ष के लिए योग्य उम्मीदवार के बारे में उनका सुझाव लिया जा रहा था। इसी वक्त राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कुमारी सैलजा और विधायक किरण चौधरी के समर्थक पहुंच गए। उन्होंने पर्यवेक्षक के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। समर्थक नारा लगा रहे थे कि नकली समर्थक वापस जाओ। इनका आरोप था कि उन्हें संगठन के गठन के लिए बैठक की कोई सूचना ही नहीं दी गई। सुबह समाचार पत्रों के माध्यम से उन्हें संगठन गठन की जानकारी मिली।
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इस नारेबाजी को देखते हुए हुड्डा गुट से इंद्री से पूर्व विधायक रहे राकेश कंबोज आ गए। उन्हें एक कार पर लगे लाउड स्पीकर को शुरू कर उसमें तेज आवाज में संगीत बजाना शुरू कर दिया, जिस पर नारेबाजी कर रहे समर्थक भड़क गए। इतने में वहां पर कांग्रेस से पूर्व जिला अध्यक्ष रहे ओमप्रकाश सलूजा आ गए। उन्होंने लाउड स्पीकर कार से उखाड़ लिया। जिसे रोकने के लिए राकेश कांबोज समेत अन्य कार्यकर्ता आगे आए तो हाथापाई हो गई। हाथापाई में सलूजा का चश्मा टूट गया, लेकिन उन्होंने लाउड स्पीकर नहीं छोड़ा और जमीन पर पटक कर तोड़ दिया। इसके साथ ही दोनों गुटों के कार्यकर्ता भिड़ गए। उनके बीच जमकर लात-घूंसे चले। करीब 15 मिनट तक हंगामा चला। फिर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने बीच बचाव कर हंगामा शांत कराया। हुड्डा गुट के समर्थक संगठन गठन की प्रक्रिया में भाग लेने के लिए विश्राम गृह के अंदर चले गए और बाहर दूसरे गुट के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर पर्यवेक्षक, प्रदेश अध्यक्ष उदयभान, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, राज्य सभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा के खिलाफ नारेबाजी जारी रखी।
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उदयभान और हुड्डा गुट पर अनुशासन बिगाड़ने का आरोप

सुरजेवाला, सैलजा एवं किरण चौधरी गुट के समर्थकों ने प्रदेश अध्यक्ष उदयभान और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा व दीपेंद्र हुड्डा पर कांग्रेस पार्टी का अनुशासन बिगाड़ने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेता जयपाल मान ने आरोप लगाया कि पार्टी का अनुशासन तब बिगड़ता है, प्रदेश अध्यक्ष उदयभान संगठन बनाने के लिए सिर्फ अपने ही जानकारों को नियुक्त करते हैं। जबकि कांग्रेस का 75 फीसदी कार्यकर्ता सुरजेवाला, सैलजा एवं किरण चौधरी का समर्थक है। इन तीन नेताओं के समर्थक कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संगठन की बैठक में बैठने का मौका ही नहीं दिया गया। जानकारी ही नहीं दी गई।

धक्के से आवाज को दबाने की कोशिश की जाती है

लाउड स्पीकर को तोड़ने वाले कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष ओम प्रकाश सलूजा ने आरोप लगाया कि हमारी बात सुनी ही नहीं जाती है। हम आपसे बात कर रहे हैं, लेकिन आप लाउड स्पीकर बीच में लेकर आ गए। यही तो बात है कि हमारी सुनी ही नहीं जाती है। धक्के से हमारी आवाज को दबाने की कोशिश की जाती है।

करनाल में कांग्रेस से एकमात्र विधायक को भी बैठक की नहीं थी जानकारी
करनाल में कांग्रेस के एकमात्र विधायक असंध विधानसभा क्षेत्र से शमशेर सिंह गोगी हैं। उन्हें भी जिला संगठन के गठन की कोई जानकारी नहीं थी। वह चंडीगढ़ में थे। शमशेर सिंह गोगी कुमारी सैलजा गुट से हैं और प्रदेश अध्यक्ष उदयभान की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए विरोध जताते रहे हैं।


विरोध का यह तरीका सही नहीं : त्रिलोचन
कांग्रेस के जिला संयोजक त्रिलोचन सिंह ने कहा कि यह हमारे परिवार की बात है। भाईयों के बीच की बात है, लेकिन इस तरह से विरोध करने का तरीका ठीक नहीं है। मौके पर पूर्व विधायक सुमिता सिंह ने कहा कि जिला अध्यक्ष के चुनाव के लिए सभी कार्यकर्ताओं से सुझाव लिए जा रहे हैं। पूरे मामले में उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए। मौके पर विरोध कर रहे सुरजेवाला, सैलजा एवं किरण चौधरी गुट के समर्थकों ने आरोप लगाया कि एक ही गुट से पर्यवेक्षक बना लिए गए हैं। पर्यवेक्षक को कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच से ही बनाया जाना चाहिए। पर्यवेक्षक को थोपा जा रहा है। मौके पर विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं ने बापू-बेटे की नहीं चलेगी, नकली आब्जर्वर वापस जाओ और नकली कार्यकर्ता मुर्दाबाद के नारे लगाए।
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