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Karnal News: कैदी चला रहे पेट्रोल पंप पर जल्द मिलेगी सीएनजी
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- डीजीपी जेल मोहम्मद अकील ने किया निरीक्षण, जांची व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। हरियाणा के डीजीपी जेल मोहम्मद अकील ने रविवार को जेल विभाग की ओर से संचालित इंडियन ऑयल के पेट्रोल पंप का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि जेल विभाग की ओ से सबसे पहला पेट्रोल पंप कुरुक्षेत्र में स्थापित किया गया था, जिसका सकारात्मक परिणाम रहा। उसी तर्ज पर करनाल, अंबाला, यमुनानगर, हिसार व सोनीपत में चालू किए गए हैं। अब विभाग की फरीदाबाद, नूंह, सिरसा, जींद, नारनौल व भिवानी में भी नए पंपों को संचालित करने की तैयारी है। इस पंप पर पेट्रोल व डीजल के साथ-साथ जल्दी सीएनजी भी उपलब्ध होगी।
डीजीपी (जेल) ने पेट्रोल पंपों पर दी जाने वाली सुविधाओं व व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने पंप पर काम कर रहे कैदियों से भी बातचीत की। उन्होंने बताया कि अगर आने वाले समय में लोगों की डिमांड आई तो इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग की व्यवस्था की जाएगी। पंप का संचालन 24 घंटे होगा। पेट्रोल पंप की जो भी आय होती है, वह सीधा सरकारी खजाने में जाती है। उन्होंने बताया कि सरकार के पास कैदियों के खाने व सुविधाओं से संबंधित फंड की कमी नहीं है। इस दौरान उनके साथ जिला जेल पुलिस अधीक्षक लखबीर सिंह व डीएसपी जेल विवेक सांगवान मौजूद रहे।
जेलों में तैयार होते हैं 135 तरह के उत्पाद
डीजीपी ने बताया कि प्रदेश की जेलों के अंदर 135 तरह के उत्पाद बनाए जाते हैं, जोकि गुणवत्ता से भरपूर होते हैं। जेल में बने उत्पादों की इतनी डिमांड है कि फैक्ट्री पूरी क्षमता पर चलती है। कई बार उत्पादन भी कम पड़ जाता है। इसके अलावा अगर कोई काम सीखा हुआ कैदी छुट्टी या फिर सजा पूरी करने के बाद चला जाता है तो काफी दिनों तक दिक्कत आती है। उन्होंने बताया कि अगर कैदी चाहे तो मेहनताना ले सकता है। अगर 40 प्रतिशत मुनाफा तक कैदी मुनाफा का हिस्सा लेना चाहे तो वह ले सकता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। हरियाणा के डीजीपी जेल मोहम्मद अकील ने रविवार को जेल विभाग की ओर से संचालित इंडियन ऑयल के पेट्रोल पंप का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि जेल विभाग की ओ से सबसे पहला पेट्रोल पंप कुरुक्षेत्र में स्थापित किया गया था, जिसका सकारात्मक परिणाम रहा। उसी तर्ज पर करनाल, अंबाला, यमुनानगर, हिसार व सोनीपत में चालू किए गए हैं। अब विभाग की फरीदाबाद, नूंह, सिरसा, जींद, नारनौल व भिवानी में भी नए पंपों को संचालित करने की तैयारी है। इस पंप पर पेट्रोल व डीजल के साथ-साथ जल्दी सीएनजी भी उपलब्ध होगी।
डीजीपी (जेल) ने पेट्रोल पंपों पर दी जाने वाली सुविधाओं व व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने पंप पर काम कर रहे कैदियों से भी बातचीत की। उन्होंने बताया कि अगर आने वाले समय में लोगों की डिमांड आई तो इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग की व्यवस्था की जाएगी। पंप का संचालन 24 घंटे होगा। पेट्रोल पंप की जो भी आय होती है, वह सीधा सरकारी खजाने में जाती है। उन्होंने बताया कि सरकार के पास कैदियों के खाने व सुविधाओं से संबंधित फंड की कमी नहीं है। इस दौरान उनके साथ जिला जेल पुलिस अधीक्षक लखबीर सिंह व डीएसपी जेल विवेक सांगवान मौजूद रहे।
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जेलों में तैयार होते हैं 135 तरह के उत्पाद
डीजीपी ने बताया कि प्रदेश की जेलों के अंदर 135 तरह के उत्पाद बनाए जाते हैं, जोकि गुणवत्ता से भरपूर होते हैं। जेल में बने उत्पादों की इतनी डिमांड है कि फैक्ट्री पूरी क्षमता पर चलती है। कई बार उत्पादन भी कम पड़ जाता है। इसके अलावा अगर कोई काम सीखा हुआ कैदी छुट्टी या फिर सजा पूरी करने के बाद चला जाता है तो काफी दिनों तक दिक्कत आती है। उन्होंने बताया कि अगर कैदी चाहे तो मेहनताना ले सकता है। अगर 40 प्रतिशत मुनाफा तक कैदी मुनाफा का हिस्सा लेना चाहे तो वह ले सकता है।
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