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सीएम फ्लाइंग ने अवैध रुप से चल रहे शराब के सब वैंडों पर मारा छापा, शराब की जब्त
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गांव अलीपुर में बिना फीस भरे अवैध रूप से चल रहे शराब के दो सब-वैंड (छोटे ठेके) पर बुधवार देर शाम सीएम फ्लाइंग स्क्वायड ने छापा मारकर भारी मात्रा में देसी व अंग्रेजी शराब जब्त की। आबकारी विभाग के इंस्पेक्टर को मौके पर बुलाकर सब वैंड को लेकर दस्तावेज चेक कि तो इसकी खुलासा हुआ। शराब ठेकेदार सरकार को एक साल में करीब 6 लाख रुपये का चूना लगा रहा था। अधिकारियों के अनुसार एक सब वैंड की फीस एक साल की तीन लाख रुपये हैं। ऐसे में शराब ठेकेदार दो सब वैंड बनाकर शराब बेच रहा था।
सीएम फ्लाइंग को सूचना मिली थी कि अलीपुर के खोतपुरा रोड पर बिना एक्साइज फीस भरे दो सब वैंड चल रहे हैं। जहां पर अंग्रेजी व देसी शराब बेची जा रही है। टीम ने दोनों सब वैंडों पर छापा मारा और वहां पर मौजूद व्यक्ति को सब वैंड चलाने की परमिशन के दस्तावेज दिखाने को कहा तो दिखा नहीं पाया। इसके बाद आबकारी विभाग को इसकी सूचना दी गई और इंस्पेक्टर मुकेश मौके पर पहुंचे। कुछ समय बाद शराब ठेकेदार का कर्मचारी दस्तावेज लेकर टीम के पास आया। दस्तावेजों की जांच आबकारी विभाग के इंस्पेक्टर मुकेश ने की। उन्होंने बताया कि ठेकेदार ने तीन लाख की फीस एक सब-वैंड खोलने के लिए जमा करवाई थी जबकि उसने दो स्थानों पर सब-वैंड खोले हैं। एएसआई मंजीत ने बताया कि एक सब-वैंड अवैध खोला गया था। जिसके खिलाफ एक्साईज एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
12 जून से नई पॉलिसी लागू हुई है। इससे पहले ही सभी ठेकेदारों को बता दिया गया था कि अपने सब वैंडों की फीस जमा करा अनुमति ले लें। फिलहाल पूरे जिले में सब वैंडों की जांच कराई जा रही है। जो बिना फीस जमा कराए सब वैंड चलता है उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जाती है। एक सब वैंड की फीस तीन लाख रुपये है।
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-आरके नैन, डीईटीसी, करनाल
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सीएम फ्लाइंग को सूचना मिली थी कि अलीपुर के खोतपुरा रोड पर बिना एक्साइज फीस भरे दो सब वैंड चल रहे हैं। जहां पर अंग्रेजी व देसी शराब बेची जा रही है। टीम ने दोनों सब वैंडों पर छापा मारा और वहां पर मौजूद व्यक्ति को सब वैंड चलाने की परमिशन के दस्तावेज दिखाने को कहा तो दिखा नहीं पाया। इसके बाद आबकारी विभाग को इसकी सूचना दी गई और इंस्पेक्टर मुकेश मौके पर पहुंचे। कुछ समय बाद शराब ठेकेदार का कर्मचारी दस्तावेज लेकर टीम के पास आया। दस्तावेजों की जांच आबकारी विभाग के इंस्पेक्टर मुकेश ने की। उन्होंने बताया कि ठेकेदार ने तीन लाख की फीस एक सब-वैंड खोलने के लिए जमा करवाई थी जबकि उसने दो स्थानों पर सब-वैंड खोले हैं। एएसआई मंजीत ने बताया कि एक सब-वैंड अवैध खोला गया था। जिसके खिलाफ एक्साईज एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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12 जून से नई पॉलिसी लागू हुई है। इससे पहले ही सभी ठेकेदारों को बता दिया गया था कि अपने सब वैंडों की फीस जमा करा अनुमति ले लें। फिलहाल पूरे जिले में सब वैंडों की जांच कराई जा रही है। जो बिना फीस जमा कराए सब वैंड चलता है उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जाती है। एक सब वैंड की फीस तीन लाख रुपये है।
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-आरके नैन, डीईटीसी, करनाल