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Karnal News: शहर के हर घर पहुंचेगा स्वच्छ पानी, ट्यूबवेल से लेकर बूस्टिंग स्टेशन तक की होगी निगरानी
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अमर उजाला में प्रकाशित समाचार
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। पेयजल की समस्या से जूझ रहे शहरवासियों के लिए राहत भरी खबर है। नगर निगम ने शहर के 20 वार्डों में स्थित 150 ट्यूबवेल, तीन बूस्टिंग स्टेशन और चार ओवरहेड टैंकों (पानी की टंकियों) के एक साल तक संचालन और रखरखाव की योजना बना ली है। इस प्रोजेक्ट पर एक साल के लिए करीब सवा दो करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें विशेष तौर पर पुराने शहर के ऊंचाई वाले एरिया में स्लूस वाॅल के जरिए प्रेशर से पूरा पानी भी पहुंचाया जाएगा। पानी को उपलब्ध करवाने वाले हर ट्यूबवेल की निगरानी की जाएगी। इसके लिए निगम एजेंसी हायर करेगा। एजेंसी को पूरे काम का ठेका दिया जाएगा। जिससे शहर के लोगों की प्यास बुझ सकेगी।
शहर में पीने के पानी की किल्लत को लेकर अमर उजाला की ओर से 09 से 18 जनवरी एक विशेष अभियान भी चलाया गया था। जिसमें शहर के तकरीबन सभी वार्डों के हालात उजागर किए गए थे। इसे देखते हुए नगर निगम की ओर से पीने के पानी के व्यापक प्रबंध करने की लिए योजना बनाई गई है। इसमें पानी के व्यर्थ बहने से लेकर लीकेज पर भी निगम की हर वक्त नजर रहेगी। पानी की सप्लाई बाधित होने से लेकर पानी की बर्बादी पर तुरंत समाधान कराया जाएगा। इस एक साल के रखरखाव ठेके में सबसे बड़ा फोकस ट्यूबवेलों के संचालन, पाइपलाइन लीकेज, वाल्व की मरम्मत और नियमित जांच पर रहेगा।
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी पहुंचेगा पानी
इस योजना के तहत विशेष ध्यान पुराने शहर और ऊंचाई वाले क्षेत्रों पर भी दिया जाएगा। जहां अक्सर पानी का प्रेशर कम रहने से सप्लाई बाधित हो जाती है। निगम की योजना के अनुसार अब स्लूस वाल सिस्टम के माध्यम से इन इलाकों में भी पर्याप्त दबाव के साथ पानी पहुंचाया जाएगा, जिससे लोगों को पानी भरने के लिए संघर्ष नहीं करना पड़ेगा। अधिकारियों ने बताया कि पीने के पानी की के लिए स्लूस वॉल का इस्तेमाल तब किया जाता है जब ऊंचाई में एक साथ सभी पाइपलाइन से पानी जा रहा होता है। इनमें एक एक कर वॉल को खोल कर बंद किया जाता है। ताकि पानी प्रेशर से हर घर तक पहुंच सके।
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चेकिंग के साथ स्वच्छता और गुणवत्ता पर भी ध्यान
योजना के अनुसार शहरभर में सप्लाई लाइनों की नियमित चेकिंग की जाएगी। जहां भी लीकेज या तकनीकी खराबी सामने आएगी, उसे तुरंत प्रभाव से ठीक कराया जाएगा। पुराने और जर्जर हिस्सों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी ताकि पानी की बर्बादी रोकी जा सके। निगम अधिकारियों का दावा है कि इस योजना से न सिर्फ पानी की उपलब्धता बढ़ेगी, बल्कि पेयजल की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। ट्यूबवेलों और टंकियों की समय-समय पर सफाई और तकनीकी जांच से गंदे पानी की शिकायतों में कमी आने की उम्मीद बनेगी।
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शहरी जल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ये योजना बनाई है। इससे शहरवासियों को स्वच्छ और पर्याप्त पीने का पानी मिल सकेगा। एक साल तक सभी ट्यूबवेल, बूस्टिंग स्टेशन और ओवरहैड टैंक का रखरखाव इसमें शामिल किया गया है। शहरवासियों को इसका लाभ मिले इसलिए जल्द ही इसे सिरे चढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
- प्रदीप कल्याण, एक्सईएन, नगर निगम
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करनाल। पेयजल की समस्या से जूझ रहे शहरवासियों के लिए राहत भरी खबर है। नगर निगम ने शहर के 20 वार्डों में स्थित 150 ट्यूबवेल, तीन बूस्टिंग स्टेशन और चार ओवरहेड टैंकों (पानी की टंकियों) के एक साल तक संचालन और रखरखाव की योजना बना ली है। इस प्रोजेक्ट पर एक साल के लिए करीब सवा दो करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें विशेष तौर पर पुराने शहर के ऊंचाई वाले एरिया में स्लूस वाॅल के जरिए प्रेशर से पूरा पानी भी पहुंचाया जाएगा। पानी को उपलब्ध करवाने वाले हर ट्यूबवेल की निगरानी की जाएगी। इसके लिए निगम एजेंसी हायर करेगा। एजेंसी को पूरे काम का ठेका दिया जाएगा। जिससे शहर के लोगों की प्यास बुझ सकेगी।
शहर में पीने के पानी की किल्लत को लेकर अमर उजाला की ओर से 09 से 18 जनवरी एक विशेष अभियान भी चलाया गया था। जिसमें शहर के तकरीबन सभी वार्डों के हालात उजागर किए गए थे। इसे देखते हुए नगर निगम की ओर से पीने के पानी के व्यापक प्रबंध करने की लिए योजना बनाई गई है। इसमें पानी के व्यर्थ बहने से लेकर लीकेज पर भी निगम की हर वक्त नजर रहेगी। पानी की सप्लाई बाधित होने से लेकर पानी की बर्बादी पर तुरंत समाधान कराया जाएगा। इस एक साल के रखरखाव ठेके में सबसे बड़ा फोकस ट्यूबवेलों के संचालन, पाइपलाइन लीकेज, वाल्व की मरम्मत और नियमित जांच पर रहेगा।
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ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी पहुंचेगा पानी
इस योजना के तहत विशेष ध्यान पुराने शहर और ऊंचाई वाले क्षेत्रों पर भी दिया जाएगा। जहां अक्सर पानी का प्रेशर कम रहने से सप्लाई बाधित हो जाती है। निगम की योजना के अनुसार अब स्लूस वाल सिस्टम के माध्यम से इन इलाकों में भी पर्याप्त दबाव के साथ पानी पहुंचाया जाएगा, जिससे लोगों को पानी भरने के लिए संघर्ष नहीं करना पड़ेगा। अधिकारियों ने बताया कि पीने के पानी की के लिए स्लूस वॉल का इस्तेमाल तब किया जाता है जब ऊंचाई में एक साथ सभी पाइपलाइन से पानी जा रहा होता है। इनमें एक एक कर वॉल को खोल कर बंद किया जाता है। ताकि पानी प्रेशर से हर घर तक पहुंच सके।
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चेकिंग के साथ स्वच्छता और गुणवत्ता पर भी ध्यान
योजना के अनुसार शहरभर में सप्लाई लाइनों की नियमित चेकिंग की जाएगी। जहां भी लीकेज या तकनीकी खराबी सामने आएगी, उसे तुरंत प्रभाव से ठीक कराया जाएगा। पुराने और जर्जर हिस्सों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी ताकि पानी की बर्बादी रोकी जा सके। निगम अधिकारियों का दावा है कि इस योजना से न सिर्फ पानी की उपलब्धता बढ़ेगी, बल्कि पेयजल की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। ट्यूबवेलों और टंकियों की समय-समय पर सफाई और तकनीकी जांच से गंदे पानी की शिकायतों में कमी आने की उम्मीद बनेगी।
शहरी जल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ये योजना बनाई है। इससे शहरवासियों को स्वच्छ और पर्याप्त पीने का पानी मिल सकेगा। एक साल तक सभी ट्यूबवेल, बूस्टिंग स्टेशन और ओवरहैड टैंक का रखरखाव इसमें शामिल किया गया है। शहरवासियों को इसका लाभ मिले इसलिए जल्द ही इसे सिरे चढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
- प्रदीप कल्याण, एक्सईएन, नगर निगम