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दाखिल करने डॉक्टरों की लापरवाही ने ली अजन्मे बच्चे की जान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 13 Sep 2020 02:30 AM IST
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child dies in stomach due to negligence of doctors
गर्भवती महिला के पेट में डिलीवरी से पहले बच्चे की मौत हो गई। परिजनों ने सामान्य अस्पताल और कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया है। आरोप है कि यदि उन्हें नियमानुसार इलाज और समय पर बेड मिलता तो उनके बच्चे की मौत नहीं होती। अब अस्पताल का स्टाफ उन्हें कागजात भी नहीं दे रहा है।
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सांभली गांव निवासी रोहित पुत्र काका ने बताया कि वे शुक्रवार को अपनी पत्नी को इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में गए थे। उन्हें 11 सितंबर को डिलीवरी का समय दिया गया था। वहां पर उनका चेकअप करने के बाद सामान्य अस्पताल करनाल में डिलीवरी के लिए रेफर कर दिया। दोपहर करीब दो बजे वे सामान्य अस्पताल पहुंच गए। वहां चेकअप करने के बाद शाम को कल्पना चावल मेडिकल कॉलेज में रेफर कर दिया गया। यहीं से इलाज में लापरवाही का दौर शुरू हो गया। पहले तो उन्हें तीन घंटे तक दाखिल नहीं किया गया। उन्होंने सिफारिश कराई तब दाखिल किया लेकिन उन्हें बेड नहीं दिया। रात करीब 10 बजे एक सेंपल लिया, जिसकी रात को करीब एक बजे रिपोर्ट आई। रिपोर्ट आने के बाद उन्हें सबकुछ नॉमर्ल बताया। बार-बार कहने के बावजूद कोरोना की बात कहकर बेड देने से मना कर दिया। सुबह करीब पांच बजे बेड न होने की बात लिखित में देने को कहा तो उन्हें वहां से कहीं और जाकर डिलीवरी करवाने को कह दिया गया। साथ ही यह भी लिखवा लिया कि वे अपनी मर्जी से जा रहे हैं। सुबह करीब आठ बजे वे प्राइवेट अस्पताल मेें पहुंचे, जहां पर उनके बच्चे की धड़कन बंद बताई और अल्ट्रासाउंड करवाने पर पता चला कि करीब सात-आठ घंटे पहले ही बच्चे की सांसें रुकी हुई है। प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि अब ऑपरेशन से बच्चे को उठाना पड़ेेगा। इसके लिए पहले जो टेस्ट हुए हैं, वे ले आओ ताकि उन्हें स्थिति की जानकारी मिल जाए। लेकिन सुबह उन्हें उनके डॉक्यूमेंट देने से भी मना कर दिया और धमकी दी कि उनसे जो बनता हो वे कर लें। अब वे इस मामले की लिखित में शिकायत करेंगे।
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मेडिकल कालेज के निदेशक जगदीश दुरेजा ने बताया कि इस मामले की जांच करवाई जा रही है। जिसका कसूर मिलेगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आगे ऐसा न हो, ऐसी व्यवस्था भी की जाएगी।
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