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Karnal News: खेत में 12 फीट गहरे गड्ढे में डूबने से मासूम की मौत
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इंद्री फाजिलपुर गांव के खेत में पानी निकालने के लिए खोदे गए गड्डे में गिरकर एक बालक की मौत। स
करनाल/इंद्री। फाजिलपुर गांव के खेत में बारिश का पानी निकालने के लिए खोदे गए करीब 12 फीट गहरे गड्ढे में डूबने पर मासूम देव (07) की मौत हो गई। वह अपने दो बड़े भाइयों कृष (11) और हरी (09) के साथ गड्ढे से निकली मिट्टी के ढेर पर खेल रहा था। अचानक पैर फिसलने से देव गड्ढे में गिर गया।
भाइयों के शोर पर पहुंचे परिजन और ग्रामीणों ने निकालने का प्रयास किया लेकिन वे असफल रहे। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने रस्सों की मदद से करीब 20 मिनट की मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाल लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
हादसा शुक्रवार की दोपहर करीब तीन बजे हुआ। गड्ढा करीब पांच घंटे पहले सुबह 10 बजे ही खोदा गया था। मृतक के पिता बिहार के समस्तीपुर निवासी सतीश पासवान ने बताया कि उनके चार बेटे हैं, देव तीसरे नंबर का था। तीनों अपनी मां से खाना बनाने को कहकर खेलने के लिए निकले थे।
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खेत मालिक इंद्रगढ़ निवासी प्रवीन ने खेत में लहसुन लगाया हुआ था। बारिश का पानी भरने से फसल नुकसान होने के अंदेशे पर उन्होंने सुबह करीब 10 बजे जेसीबी से गड्ढा खुदवाया था। दोपहर तक खेत का पानी उतरकर जमीन में चला गया था। शाम को गड्ढे को भरा जाना था।
इंद्री थाना प्रभारी धर्मबीर सिंह ने बताया कि परिवार ने पोस्टमार्टम कराने व खेत मालिक पर कार्रवाई से इन्कार कर दिया। ऐसे में सामान्य कार्रवाई करके शव सुपुर्द कर दिया था। यदि परिवार चाहेगा तो प्राथमिकी दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी।
खेलते हुए घर से 300 मीटर दूर खेत में पहुंचे बच्चे
पिता सतीश ने बताया कि वे पांच महीनों से फाजिलपुर गांव के पास जोहड़ माजरा निवासी किरण कुमार के खेतों में रहकर मजदूरी कर भरण-पोषण कर रहे थे। शुक्रवार को वह दूसरी जगह मजदूरी पर गए हुए थे। जिस जगह पर हादसा हुआ वह घर से लगभग 300 मीटर दूरी पर है। ऐसे में परिवार को पहुंचने में भी 10 मिनट लग गए। सूचना मिलने पर पुलिस आने में भी आधे घंटे का समय लगा।
पहले बच्चे, फिर परिजन और बाद में पुलिस ने किया बचाव का प्रयास
ग्रामीणों ने बताया कि दोनों भाइयों ने छोटे को पानी में गिरता देख पकड़ने का प्रयास किया लेकिन वे असफल रहे। उनके शोर मचाने पर गांव के लोग एकत्रित हो गए। बच्चे को निकालने का प्रयास किया लेकिन तब तक वह गहराई में जा चुका था। इसके बाद सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने रस्से की मदद से बच्चे को बाहर निकाला।
ध्यान रखें : खेत में गड्ढा खोदने के बाद सुरक्षा इंतजाम जरूरी
कृषि उपनिदेशक जसविंद्र सिंह का कहना है कि खेतों में बारिश का पानी निकालने या जलभराव से फसल को बचाने के लिए गड्ढे खोदते समय सुरक्षा मानकों की अनदेखी भारी पड़ सकती है। गड्ढे के चारों ओर बैरिकेडिंग करें, खतरे का संकेत लगाएं, खुले गड्ढे को लंबे समय तक न छोड़ें। सबसे जरूरी है कि बच्चों और पशुओं की गड्ढे तक पहुंच रोकें।
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भाइयों के शोर पर पहुंचे परिजन और ग्रामीणों ने निकालने का प्रयास किया लेकिन वे असफल रहे। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने रस्सों की मदद से करीब 20 मिनट की मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाल लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
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हादसा शुक्रवार की दोपहर करीब तीन बजे हुआ। गड्ढा करीब पांच घंटे पहले सुबह 10 बजे ही खोदा गया था। मृतक के पिता बिहार के समस्तीपुर निवासी सतीश पासवान ने बताया कि उनके चार बेटे हैं, देव तीसरे नंबर का था। तीनों अपनी मां से खाना बनाने को कहकर खेलने के लिए निकले थे।
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खेत मालिक इंद्रगढ़ निवासी प्रवीन ने खेत में लहसुन लगाया हुआ था। बारिश का पानी भरने से फसल नुकसान होने के अंदेशे पर उन्होंने सुबह करीब 10 बजे जेसीबी से गड्ढा खुदवाया था। दोपहर तक खेत का पानी उतरकर जमीन में चला गया था। शाम को गड्ढे को भरा जाना था।
इंद्री थाना प्रभारी धर्मबीर सिंह ने बताया कि परिवार ने पोस्टमार्टम कराने व खेत मालिक पर कार्रवाई से इन्कार कर दिया। ऐसे में सामान्य कार्रवाई करके शव सुपुर्द कर दिया था। यदि परिवार चाहेगा तो प्राथमिकी दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी।
खेलते हुए घर से 300 मीटर दूर खेत में पहुंचे बच्चे
पिता सतीश ने बताया कि वे पांच महीनों से फाजिलपुर गांव के पास जोहड़ माजरा निवासी किरण कुमार के खेतों में रहकर मजदूरी कर भरण-पोषण कर रहे थे। शुक्रवार को वह दूसरी जगह मजदूरी पर गए हुए थे। जिस जगह पर हादसा हुआ वह घर से लगभग 300 मीटर दूरी पर है। ऐसे में परिवार को पहुंचने में भी 10 मिनट लग गए। सूचना मिलने पर पुलिस आने में भी आधे घंटे का समय लगा।
पहले बच्चे, फिर परिजन और बाद में पुलिस ने किया बचाव का प्रयास
ग्रामीणों ने बताया कि दोनों भाइयों ने छोटे को पानी में गिरता देख पकड़ने का प्रयास किया लेकिन वे असफल रहे। उनके शोर मचाने पर गांव के लोग एकत्रित हो गए। बच्चे को निकालने का प्रयास किया लेकिन तब तक वह गहराई में जा चुका था। इसके बाद सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने रस्से की मदद से बच्चे को बाहर निकाला।
ध्यान रखें : खेत में गड्ढा खोदने के बाद सुरक्षा इंतजाम जरूरी
कृषि उपनिदेशक जसविंद्र सिंह का कहना है कि खेतों में बारिश का पानी निकालने या जलभराव से फसल को बचाने के लिए गड्ढे खोदते समय सुरक्षा मानकों की अनदेखी भारी पड़ सकती है। गड्ढे के चारों ओर बैरिकेडिंग करें, खतरे का संकेत लगाएं, खुले गड्ढे को लंबे समय तक न छोड़ें। सबसे जरूरी है कि बच्चों और पशुओं की गड्ढे तक पहुंच रोकें।

इंद्री फाजिलपुर गांव के खेत में पानी निकालने के लिए खोदे गए गड्डे में गिरकर एक बालक की मौत। स

इंद्री फाजिलपुर गांव के खेत में पानी निकालने के लिए खोदे गए गड्डे में गिरकर एक बालक की मौत। स