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Karnal News: पटवार खाने में मुख्यमंत्री उड़नदस्ते का छापा, 88 फीसदी स्टाफ मिला नदारद

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 01 Jun 2023 02:37 AM IST
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Chief Minister's flying squad raids Patwar Khane, 88 percent staff found missing
- चार घंटे 40 मिनट तक खंगाले 13 पटवारी और चार कानूनगो के केबिन, कब्जे में लिया रिकॉर्ड
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- सुबह 9:20 बजे तक महज दो पटवारी मिले उपस्थित, लोग बोले- इंतकाल की नकल देने में कटवाते हैं चक्कर



माई सिटी रिपोर्टर

करनाल। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम ने बुधवार सुबह पटवार खाने में छापा मारा। इस दौरान 88 प्रतिशत स्टाफ नदारद मिला। उड़नदस्ते की कार्रवाई चार घंटे 40 मिनट तक चली। इस दौरान रिकाॅर्ड की जांच के लिए कब्जे में लिया गया। इस दौरान कार्यालय में पहुंचे लोगों ने पटवारियों पर काम न करने के आरोप लगाए। उनका आरोप था कि इंतकाल की नकल देने जैसे छोटे से काम के लिए भी चक्कर कटवाए जाते हैं। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के छापे की सूचना के आधे घंटे के अंदर ही सारा स्टाफ पटवारखाना में पहुंच गया।
सुबह 9:20 बजे मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के सब इंस्पेक्टर जोगिंद्र के नेतृत्व में टीम पटवारखाना पहुंची। जबकि सुबह नौ बजे तक सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यालय में पहुंच जाना चाहिए, लेकिन इस वक्त महज दो पटवारी कार्यालय में थे। करनाल पटवारखाना में कुल 13 पटवारी और चार कानूनगो की तैनाती है। टीम ने दोपहर करीब दो बजे तक कार्यालय में रहकर सभी पटवारियों और कानूनगो के केबिन की जांच की। इस दौरान हाजिरी रजिस्टर भी जांचा गया और कार्यालय से जुड़े कार्यों से संबंधित रिकाॅर्ड रजिस्टर भी खंगाले गए। कई दिनों से पटवारियों के न मिलने व काम समय पर न होने की शिकायतें मिल रही थीं।
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लोगों ने वसूली का लगाया आरोप

पटवारखाना पहुंचे कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि बिना पैसों के यहां कार्य नहीं होता। इंतकाल की नकल का ऑनलाइन प्रिंट खुद लेकर आया था। बैंक लोन आदि के लिए इस पर पटवारी से तसदीक कराना जरूरी है, लेकिन पटवारी इसे मान्य नहीं करते हैं। अपनी रिकाॅर्ड बुक से इंतकाल की फोटोस्टेट ही कराते हैं। फोटोस्टेट कराने से पहले रिकाॅर्ड बुक निकालने के नाम पर 50 से 100 रुपये तक वसूली करने का भी लोगों ने आरोप लगाया।
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सरकारी ड्यूटी में बाहर होना बताई वजह

मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के अचानक कार्यालय पहुंचने की सूचना पर जब सभी पटवारी और कानूनगो दफ्तर पहुंचे तो किसी ने सरकारी कार्य में बाहर होने का बहाना बनाया तो किसी ने सिर्फ आज ही देरी होने की बात बताई। उड़नदस्ते ने किसी की नहीं सुनीं, सुबह समय पर कार्यालय में उपस्थित न होने वालों पर कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को भी रिपोर्ट भेजी गई। जांच टीम में मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के सब इंस्पेक्टर शेर सिंह, सीआईडी प्रभारी महेंद्र सिंह, सब इंस्पेक्टर तरुण, माणिक, अनिल और एएसआई वीरेंद्र शामिल रहे।




टेबल पर धूल फांक रही थीं पुरानी फाइलें

जांच के दौरान सामने आया कि इंतकाल और फर्द से जुड़े काम काफी लंबित हैं। कई पटवारियों के केबिन से 15 से 20 दिन पुरानी फाइलें पड़ी मिलीं। इस मौके पर अपने काम से आए सतीश कुमार, आशीष और ममता ने बताया कि इंतकाल की नकल निकलवाने के लिए उन्हें चौथी बार आना पड़ा। तब भी पटवारी नहीं मिला, सुबह नौ बजे पटवारखाना पहुंच गए थे लेकिन काम नहीं हुआ।
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