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Karnal News: सीएचडी सिटी का बिजली-पानी आरडब्ल्यूए को हस्तांतरित
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- नगर योजनाकार विभाग की निदेशक के आदेश पर आरडब्ल्यूए को सुविधाओं का रखरखाव की दिलाई जिम्मेदारी
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। नगर योजनाकार विभाग की निदेशक के आदेश पर शहर की सीएचडी सिटी कॉलोनी की बिजली, पानी आदि की व्यवस्थाओं की देखरेख का कार्य कॉलोनाइजर सीएफएम से यहां की रेजीडेंस वेलफेयर सोसायटी (आरडब्ल्यूए) को हस्तांतरित करा दिया है। हालांकि डीटीपी ओम प्रकाश की मौजूदगी में हुए कार्यभार हस्तांतरण के दौरान पिछले सालों के बकाया राशि का ब्यौरा देने के निर्देश दिए गए हैं। आरडब्ल्यूए के अनुसार दो महीने का करीब सवा करोड़ रुपये बिजली का बिल बकाया है, जिसे सीएफएम को ही देना है।
सीएचडी सिटी सेक्टर 45 करनाल के वाशिंदे एक लंबे समय कॉलोनाइजर सीएफएम पर आरोप लगा रहे हैं कि वह तय सुविधाएं नहीं दे रहे हैं। घरों में अपनी मर्जी से लगाए गए बिजली के मीटरों में ही रखरखाव व सफाई आदि का भी बिल जोड़ा गया है। बिजली की दर विभाग के रेटों से अधिक है। सड़कें, पार्क आदि का सही रखरखाव नहीं किया जा रहा है। इसके रिपोर्ट डीटीपी की ओर से भी मुख्यालय भेजी गई थी। जिसमें टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के निदेशक ने यहां की सुविधाओं का चार्ज आरडब्ल्यूए को दिलाने का आदेश दिया था।
डीटीपी ओमप्रकाश ने सोमवार को आरडब्ल्यूए के प्रधान प्रवेश कुमार, सीएफएम कंपनी के विदेशक अनिल शर्मा की मौजूदगी में बैठक बुलाई थी। जिसमें यहां की बिजली पानी आदि सुविधाओं के रखरखाव का चार्ज आरडब्ल्यूए को हस्तांतरित करा दिया गया है। डीटीपी ने बताया कि पिछला कितना, किस मद में बकाया है, इसका ब्यौरा मांगा गया है। रिपोर्ट के आधार पर निर्णय किया जाएगा। आरड़ब्ल्यूए के अध्यक्ष ने कहा कि पिछले दो महीने का बिल सीएफएम ने वसूला है, जो 65 लाख रुपये प्रति माह यानी दो माह का बिल एक करोड़ 30 लाख रुपए है, उसे सीएफएम को ही जमा करना होगा।
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इसमें डीटीपी ओमप्रकाश, सीएफएम निदेशक अनिल शर्मा. एसडीओ देवेंद्र कुमार, एटीपी संजय सैनी, आरडब्ल्यूए के प्रधान प्रवेश कुमार, महासचिव जगदीश धीमान, वीरेंद्र चौहान, शशिभूषण, विकास शर्मा आदि मौजूद रहे।
सीएचडी सिटी में आज हो सकता है बिजली संकट
बैठक में मौजूद बिजली निगम के एसडीओ देवेंद्र सीखरी ने चेतावनी दी कि दो माह का बिल बकाया है, यदि यानी मंगलवार को दोपहर बाद तीन बजे तक भुगतान नहीं किया तो सीएचडी सिटी की बिजली की काट दी जाएगी। इसमें आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने कहा कि इसमें सीएचडी नागरिकों का कोई भी दोष नहीं है, क्योंकि वह बिल का भुगतान कर चुके हैं। लेकिन कंपनी ने इस फंड को कहीं अन्य ट्रांसफर किया है। इसलिए कार्रवाई कंपनी के खिलाफ होनी चाहिए। एफआईआर दर्ज कराई जानी चाहिए। बिजली काटने से यहां के वाशिंदों पर परेशानी होगी। यदि ऐसा होता है तो दो नवंबर को केंद्रीय गृहमंत्री के सामने रोष प्रकट किया जाएगा।
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। नगर योजनाकार विभाग की निदेशक के आदेश पर शहर की सीएचडी सिटी कॉलोनी की बिजली, पानी आदि की व्यवस्थाओं की देखरेख का कार्य कॉलोनाइजर सीएफएम से यहां की रेजीडेंस वेलफेयर सोसायटी (आरडब्ल्यूए) को हस्तांतरित करा दिया है। हालांकि डीटीपी ओम प्रकाश की मौजूदगी में हुए कार्यभार हस्तांतरण के दौरान पिछले सालों के बकाया राशि का ब्यौरा देने के निर्देश दिए गए हैं। आरडब्ल्यूए के अनुसार दो महीने का करीब सवा करोड़ रुपये बिजली का बिल बकाया है, जिसे सीएफएम को ही देना है।
सीएचडी सिटी सेक्टर 45 करनाल के वाशिंदे एक लंबे समय कॉलोनाइजर सीएफएम पर आरोप लगा रहे हैं कि वह तय सुविधाएं नहीं दे रहे हैं। घरों में अपनी मर्जी से लगाए गए बिजली के मीटरों में ही रखरखाव व सफाई आदि का भी बिल जोड़ा गया है। बिजली की दर विभाग के रेटों से अधिक है। सड़कें, पार्क आदि का सही रखरखाव नहीं किया जा रहा है। इसके रिपोर्ट डीटीपी की ओर से भी मुख्यालय भेजी गई थी। जिसमें टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के निदेशक ने यहां की सुविधाओं का चार्ज आरडब्ल्यूए को दिलाने का आदेश दिया था।
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डीटीपी ओमप्रकाश ने सोमवार को आरडब्ल्यूए के प्रधान प्रवेश कुमार, सीएफएम कंपनी के विदेशक अनिल शर्मा की मौजूदगी में बैठक बुलाई थी। जिसमें यहां की बिजली पानी आदि सुविधाओं के रखरखाव का चार्ज आरडब्ल्यूए को हस्तांतरित करा दिया गया है। डीटीपी ने बताया कि पिछला कितना, किस मद में बकाया है, इसका ब्यौरा मांगा गया है। रिपोर्ट के आधार पर निर्णय किया जाएगा। आरड़ब्ल्यूए के अध्यक्ष ने कहा कि पिछले दो महीने का बिल सीएफएम ने वसूला है, जो 65 लाख रुपये प्रति माह यानी दो माह का बिल एक करोड़ 30 लाख रुपए है, उसे सीएफएम को ही जमा करना होगा।
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इसमें डीटीपी ओमप्रकाश, सीएफएम निदेशक अनिल शर्मा. एसडीओ देवेंद्र कुमार, एटीपी संजय सैनी, आरडब्ल्यूए के प्रधान प्रवेश कुमार, महासचिव जगदीश धीमान, वीरेंद्र चौहान, शशिभूषण, विकास शर्मा आदि मौजूद रहे।
सीएचडी सिटी में आज हो सकता है बिजली संकट
बैठक में मौजूद बिजली निगम के एसडीओ देवेंद्र सीखरी ने चेतावनी दी कि दो माह का बिल बकाया है, यदि यानी मंगलवार को दोपहर बाद तीन बजे तक भुगतान नहीं किया तो सीएचडी सिटी की बिजली की काट दी जाएगी। इसमें आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने कहा कि इसमें सीएचडी नागरिकों का कोई भी दोष नहीं है, क्योंकि वह बिल का भुगतान कर चुके हैं। लेकिन कंपनी ने इस फंड को कहीं अन्य ट्रांसफर किया है। इसलिए कार्रवाई कंपनी के खिलाफ होनी चाहिए। एफआईआर दर्ज कराई जानी चाहिए। बिजली काटने से यहां के वाशिंदों पर परेशानी होगी। यदि ऐसा होता है तो दो नवंबर को केंद्रीय गृहमंत्री के सामने रोष प्रकट किया जाएगा।