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समस्याओं को लेकर भड़के सीएचडी सिटी के वाशिंदे
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कालोनाइजर की वादाखिलाफी के खिलाफ रविवार को सीएचडी सिटी वासियों का गुस्सा फूट पड़ा। नाराज लोगों ने कालोनाइजर कंपनी के फैसिलिटी मैनेजमेंट कार्यालय में तालाबंदी कर दी। साथ ही करीब एक घंटे तक कई कर्मचारियों को बंधक बनाकर विरोध प्रदर्शन किया। एक घंटे के बाद मांगे पूरी करने का आश्वासन मिलने के बाद कालोनीवासियों ने स्वत: ही ताला खोल दिया।
सीएचडी सिटी शहर की अच्छी कालोनियों में से एक है। यहां अभी कोई आरडब्ल्यूए तो नहीं है लेकिन सुख फाउंडेशन की चेयरमैन गुरविंद्र कौर की अगुवाई में कई कालोनीवासी रविवार की सुबह एकत्र हुए और सीएचडी सिटी के फैसिलिटी मैनेजमेंट आफिस पर पहुंच गए। आरोप है कि 2007 में सड़कों का निर्माण कराया गया था लेकिन इसके बाद अभी तक सड़कों का मेंटेनेंस नहीं कराया गया है। सड़कें इस कदर टूट गई हैं कि वहां सिर्फ कंकरीट ही बचा है। इसके अलावा मीटर लगे हैं लेकिन इनका बिल घरों तक नहीं पहुंचाया जाता है। जिससे कालोनी के लोगों को पता ही नहीं चल पाता है कि उनके घर का बिल कितना आ रहा है। मेंटेनेंस शुल्क प्रति माह 1500 रुपये लिया जा रहा है, जो स्वत: ही उनके बिल में जुड़कर आ जाता है।
रविवार को प्रदर्शन की सूचना पर सीएचडी कंपनी के सीएफओ हरीश सेठी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कालोनीवासियों की समस्याओं पर हेड आफिस से बात करके समाधान कराने का भरोसा दिया। तालाबंदी करने वालों में गुरविंदर कौर, संजीवन शर्मा, जगदीश, दिलीप, नारायण, मुकेश यादव, एमएल भारती, सुरेंद्र रोहिल्ला, बीपी सिंह, मुकेश यादव, लोकेंद्र सिंह, केशव, ज्योति, रामदेव सिंह, रामजी लाल ग्रोवर, कल्पना, एसएन शर्मा, सुनील वर्मा आदि शामिल रहे।
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कॉमन एरिया का बिल भी फ्लैट बिल में जुड़ता है
-गुरविंदर कौर ने बताया कि बिजली मीटर तो लगे हैं, यह सभी प्रीपेड हैं। इसमें फ्लैट का व बाहर कॉमन एरिया का बिल भी जुड़ा रहता है। जिसे यहां के वाशिंदों से ही लिया जाता है। इसी में सारा खर्च जुड़ा रहता है। बिल घरों पर नहीं आते हैं, जो मांगता है तो कार्यालय से उसे दे देते हैं। आरोप यह भी है कि कालोनी वासियों से कॉमर्शियल बिल चार्ज किया जा रहा है।
बिजली बिल विभाग की निर्धारित दरों पर ही लिया जा रहा है। कॉमर्शियल बिल नहीं लिया जा रहा है। सड़कों की मरम्मत हेड आफिस से बात करके कराई जाएगी। कंपनी सभी बेहतर सुविधाएं दे रही है। कालोनी वासियों ने जो कर्मचारियों को बंधक बनाया है, यह गलत है। इसकी शिकायत वह पुलिस से करेंगे।
-हरीश सेठी, सीएफएम, सीएचडी सिटी करनाल।
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सीएचडी सिटी शहर की अच्छी कालोनियों में से एक है। यहां अभी कोई आरडब्ल्यूए तो नहीं है लेकिन सुख फाउंडेशन की चेयरमैन गुरविंद्र कौर की अगुवाई में कई कालोनीवासी रविवार की सुबह एकत्र हुए और सीएचडी सिटी के फैसिलिटी मैनेजमेंट आफिस पर पहुंच गए। आरोप है कि 2007 में सड़कों का निर्माण कराया गया था लेकिन इसके बाद अभी तक सड़कों का मेंटेनेंस नहीं कराया गया है। सड़कें इस कदर टूट गई हैं कि वहां सिर्फ कंकरीट ही बचा है। इसके अलावा मीटर लगे हैं लेकिन इनका बिल घरों तक नहीं पहुंचाया जाता है। जिससे कालोनी के लोगों को पता ही नहीं चल पाता है कि उनके घर का बिल कितना आ रहा है। मेंटेनेंस शुल्क प्रति माह 1500 रुपये लिया जा रहा है, जो स्वत: ही उनके बिल में जुड़कर आ जाता है।
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रविवार को प्रदर्शन की सूचना पर सीएचडी कंपनी के सीएफओ हरीश सेठी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कालोनीवासियों की समस्याओं पर हेड आफिस से बात करके समाधान कराने का भरोसा दिया। तालाबंदी करने वालों में गुरविंदर कौर, संजीवन शर्मा, जगदीश, दिलीप, नारायण, मुकेश यादव, एमएल भारती, सुरेंद्र रोहिल्ला, बीपी सिंह, मुकेश यादव, लोकेंद्र सिंह, केशव, ज्योति, रामदेव सिंह, रामजी लाल ग्रोवर, कल्पना, एसएन शर्मा, सुनील वर्मा आदि शामिल रहे।
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कॉमन एरिया का बिल भी फ्लैट बिल में जुड़ता है
-गुरविंदर कौर ने बताया कि बिजली मीटर तो लगे हैं, यह सभी प्रीपेड हैं। इसमें फ्लैट का व बाहर कॉमन एरिया का बिल भी जुड़ा रहता है। जिसे यहां के वाशिंदों से ही लिया जाता है। इसी में सारा खर्च जुड़ा रहता है। बिल घरों पर नहीं आते हैं, जो मांगता है तो कार्यालय से उसे दे देते हैं। आरोप यह भी है कि कालोनी वासियों से कॉमर्शियल बिल चार्ज किया जा रहा है।
बिजली बिल विभाग की निर्धारित दरों पर ही लिया जा रहा है। कॉमर्शियल बिल नहीं लिया जा रहा है। सड़कों की मरम्मत हेड आफिस से बात करके कराई जाएगी। कंपनी सभी बेहतर सुविधाएं दे रही है। कालोनी वासियों ने जो कर्मचारियों को बंधक बनाया है, यह गलत है। इसकी शिकायत वह पुलिस से करेंगे।
-हरीश सेठी, सीएफएम, सीएचडी सिटी करनाल।