{"_id":"6116d20c8ebc3edfb7286d32","slug":"cci-sent-false-girl-child-marriage-allegation-karnal-news-knl799115153","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाल विवाह का आरोप झूठा किशोरी को भेजा सीसीआई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाल विवाह का आरोप झूठा किशोरी को भेजा सीसीआई
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
करनाल। तरावड़ी क्षेत्र की रहने वाली एक 17 वर्षीय किशोरी ने माता-पिता पर जबरन बाल विवाह करवाने का आरोप लगाया। बाल विवाह निषेध अधिकारी और बाल कल्याण समिति ने लड़की की काउंसिलिंग की तो पता चला कि वह किसी युवक को पसंद करती है। माता-पिता के साथ नहीं रहना चाहती। फिलहाल उसे बाल देखभाल संस्थान (सीसीआई) में भेज दिया गया है।
नौ अगस्त को महिला थाने में दी शिकायत में किशोरी ने अपनी उम्र 17 वर्ष बताई। आरोप लगाया कि माता-पिता उसका विवाह करवाना चाहते हैं। पिता ने उसे मामा के घर घरौंडा भेज दिया। वहां मारपीट कर विवाह करवाने का प्रयास किया। वह वहां से भाग कर करनाल आ गई और करीब एक सप्ताह निर्मल कुटिया में रही। अब वह माता-पिता पर कार्रवाई चाहती है।
मामला बाल विवाह निषेध अधिकारी के पास पहुंचा तो उन्होंने उसके माता-पिता को बुलाया। दोनों ने विवाह की बात से इनकार किया। कहा कि बेटी किसी लड़के को पसंद करती है और उससे विवाह की जिद कर रही है पर वे लोग राजी नहीं है। किशोरी ने घर जाने से मना कर दिया तो उसे पहले वन स्टॉप सेंटर भेजा गया। फिर बाद उसे सीसीआई भेज दिया गया।
विज्ञापन
सीसीआई में रहेगी बच्ची
12 अगस्त को बच्ची को सीडब्ल्यूसी (न्यायिक पीठ) में प्रस्तुत किया गया। काउंसिलिंग के बाद अभी उसे सीसीआई में रखा गया है। जब तक वह स्वयं अपने माता-पिता के पास नहीं जाना चाहेगी तब तक उसे नहीं भेजा जाएगा। - उमेश चानना, चेयरमैन, सीडब्ल्यूसी
विज्ञापन
नौ अगस्त को महिला थाने में दी शिकायत में किशोरी ने अपनी उम्र 17 वर्ष बताई। आरोप लगाया कि माता-पिता उसका विवाह करवाना चाहते हैं। पिता ने उसे मामा के घर घरौंडा भेज दिया। वहां मारपीट कर विवाह करवाने का प्रयास किया। वह वहां से भाग कर करनाल आ गई और करीब एक सप्ताह निर्मल कुटिया में रही। अब वह माता-पिता पर कार्रवाई चाहती है।
विज्ञापन
मामला बाल विवाह निषेध अधिकारी के पास पहुंचा तो उन्होंने उसके माता-पिता को बुलाया। दोनों ने विवाह की बात से इनकार किया। कहा कि बेटी किसी लड़के को पसंद करती है और उससे विवाह की जिद कर रही है पर वे लोग राजी नहीं है। किशोरी ने घर जाने से मना कर दिया तो उसे पहले वन स्टॉप सेंटर भेजा गया। फिर बाद उसे सीसीआई भेज दिया गया।
विज्ञापन
सीसीआई में रहेगी बच्ची
12 अगस्त को बच्ची को सीडब्ल्यूसी (न्यायिक पीठ) में प्रस्तुत किया गया। काउंसिलिंग के बाद अभी उसे सीसीआई में रखा गया है। जब तक वह स्वयं अपने माता-पिता के पास नहीं जाना चाहेगी तब तक उसे नहीं भेजा जाएगा। - उमेश चानना, चेयरमैन, सीडब्ल्यूसी