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Haryana: कैटल फीड इंडस्ट्री को मिल सकती है बड़ी राहत, सीएम मनोहर राजी
Wed, 03 Aug 2022 02:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
देव शर्मा, अमर उजाला ब्यूरो, करनाल (हरियाणा)
देव शर्मा, अमर उजाला ब्यूरो, करनाल (हरियाणा)
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 03 Aug 2022 02:46 AM IST
सार
हरियाणा व्यापारी कल्याण बोर्ड के पदाधिकारियों ने सीएम से मिलकर मुद्दा उठाया है। हरियाणा की कैटल फीड निर्माता इकाइयां 21 मई से बंद हैं, अब लिखित आदेश का इंतजार है।
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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल।
- फोटो : @mlkhattar
विस्तार
केंद्र सरकार द्वारा जारी की गई पशु चारा नीति के तहत कैटल फीड निर्माण पर ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (बीआईएस) के नए मानक लागू किए जाने के बाद हरियाणा की कैटल फीड इंडस्ट्री को बड़ा झटका लगा है। हरियाणा कैटल फीड एसोसिएशन के आह्वान पर पिछले दो माह से प्रदेश की अधिकांश इकाइयां बंद हैं, लेकिन अब हरियाणा व्यापारी कल्याण बोर्ड ने इस मामले को लेकर पिछले दिनों मुख्यमंत्री से बातचीत की है।
बोर्ड के चेयरमैन ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री ने एक करोड़ रुपये तक की लागत वाली इकाइयों को बीआईएस से राहत देने की हामी भर ली है। जिससे इंडस्ट्री में खुशी की लहर है। हालांकि इकाइयों को दोबारा शुरू करने के लिए बीआईएस से लिखित आदेश आने का इंतजार है।
कैटल फीड या पशुओं के लिए पोषण युक्त चारा, जिसे हरे चारे में मिलाकर खिलाया जाता है। हरियाणा में पशुओं की संख्या अधिक है, इसलिए ये कैटल इंडस्ट्री भी खूब पनप रही हैं। करनाल में करीब 60 इकाइयां हैं तो हरियाणा में करीब 500 से अधिक कैटल फीड निर्माता इकाइयां हैं।
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हरियाणा कैटल फीड एसोसिएशन के प्रधान प्रवीन गर्ग, करनाल के कैटल फीड निर्माता इंद्रजीत गावा ने बताया कि अभी तक कैटल फीड से संबंधित इकाइयां पशुपालन विभाग के अंतर्गत आती थी, लेकिन पिछले दिनों इसे पशुपालन विभाग से अलग करके इसे इंडस्ट्री मानते हुए शूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग (एमएसएमई) में शामिल कर दिया गया।
सीधे ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (बीआईएस) से जोड़ दिया गया। बीआईएस के मानक हैं, उसमें हरियाणा की 95 प्रतिशत इकाइयां आती ही नहीं हैं, क्योंकि ये छोटे स्तर की इकाइयां हैं। बीआईएस के जो मानक हैं, उसमें करीब पांच करोड़ रुपये तक मशीनें लगानी पड़ती, इसके अलावा भी कई मानक ऐसे हैं, जिन्हें ये इकाइयां पूरी नहीं कर सकती थी, इसलिए हरियाणा की अधिकांश इकाइयां बंद हो जाती हैं।
शीघ्र जारी होगा आदेश
हरियाणा कैटल फीड एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष प्रवीन गर्ग सहित कई पदाधिकारी मिले थे, जिन्होंने बीआईएस की मानकों के तहत इंडस्ट्री को बंद कर रखा है, हरियाणा में करीब 500 कैटल फीड इकाइयां हैं। इससे तो हरियाणा में कैटल फीड की भारी कमी होने, उनके भावों में तेजी आने की संभावना बन गई, इसलिए इसे हरियाणा व्यापारी कल्याण बोर्ड के चेयरमैन राम निवास गर्ग के सामने रखा, इसके बाद पिछले सप्ताह मुख्यमंत्री से मिलकर उनके सामने समस्या रखी तो मुख्यमंत्री ने ऐसी इकाइयां, जिनकी मशीनों की कीमत एक करोड़ या उससे कम है, तो बीआईएस से छूट देने पर सहमति व्यक्त कर दी है, शीघ्र ही आदेश जारी कर दिया जाएगा। - कृष्ण लाल तनेजा, जिला प्रधान हरियाणा व्यापारी कल्याण बोर्ड, करनाल
लिखित आदेश का इंतजार
बीआईएस के मानकों को छोटी इकाइयों द्वारा पूरा किया जाना संभव नहीं है, इसलिए एसोसिएशन के आह्वान पर 21 मई से कैटल फीड इकाइयों को बंद कर दिया गया था। अब हरियाणा व्यापारी कल्याण बोर्ड के चेयरमैन व करनाल के जिला प्रधान कृष्ण लाल तनेजा द्वारा सीएम के सामने मुद्दा रखा है, उन्होंने एक करोड़ की मशीनी लागत वाली कैटल फीड इकाइयों को बीआईएस से छूट देने की हामी भर दी है। अभी कोई लिखित आदेश नहीं मिला है, जैसे ही लिखित आदेश आ जाएगा, वैसे ही कैटल फीड इकाइयों में उत्पादन शुरू कर दिया जाएगा। - प्रवीन गर्ग, प्रदेशाध्यक्ष हरियाणा कैटल फीड एसोसिएशन
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बोर्ड के चेयरमैन ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री ने एक करोड़ रुपये तक की लागत वाली इकाइयों को बीआईएस से राहत देने की हामी भर ली है। जिससे इंडस्ट्री में खुशी की लहर है। हालांकि इकाइयों को दोबारा शुरू करने के लिए बीआईएस से लिखित आदेश आने का इंतजार है।
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कैटल फीड या पशुओं के लिए पोषण युक्त चारा, जिसे हरे चारे में मिलाकर खिलाया जाता है। हरियाणा में पशुओं की संख्या अधिक है, इसलिए ये कैटल इंडस्ट्री भी खूब पनप रही हैं। करनाल में करीब 60 इकाइयां हैं तो हरियाणा में करीब 500 से अधिक कैटल फीड निर्माता इकाइयां हैं।
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हरियाणा कैटल फीड एसोसिएशन के प्रधान प्रवीन गर्ग, करनाल के कैटल फीड निर्माता इंद्रजीत गावा ने बताया कि अभी तक कैटल फीड से संबंधित इकाइयां पशुपालन विभाग के अंतर्गत आती थी, लेकिन पिछले दिनों इसे पशुपालन विभाग से अलग करके इसे इंडस्ट्री मानते हुए शूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग (एमएसएमई) में शामिल कर दिया गया।
सीधे ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (बीआईएस) से जोड़ दिया गया। बीआईएस के मानक हैं, उसमें हरियाणा की 95 प्रतिशत इकाइयां आती ही नहीं हैं, क्योंकि ये छोटे स्तर की इकाइयां हैं। बीआईएस के जो मानक हैं, उसमें करीब पांच करोड़ रुपये तक मशीनें लगानी पड़ती, इसके अलावा भी कई मानक ऐसे हैं, जिन्हें ये इकाइयां पूरी नहीं कर सकती थी, इसलिए हरियाणा की अधिकांश इकाइयां बंद हो जाती हैं।
शीघ्र जारी होगा आदेश
हरियाणा कैटल फीड एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष प्रवीन गर्ग सहित कई पदाधिकारी मिले थे, जिन्होंने बीआईएस की मानकों के तहत इंडस्ट्री को बंद कर रखा है, हरियाणा में करीब 500 कैटल फीड इकाइयां हैं। इससे तो हरियाणा में कैटल फीड की भारी कमी होने, उनके भावों में तेजी आने की संभावना बन गई, इसलिए इसे हरियाणा व्यापारी कल्याण बोर्ड के चेयरमैन राम निवास गर्ग के सामने रखा, इसके बाद पिछले सप्ताह मुख्यमंत्री से मिलकर उनके सामने समस्या रखी तो मुख्यमंत्री ने ऐसी इकाइयां, जिनकी मशीनों की कीमत एक करोड़ या उससे कम है, तो बीआईएस से छूट देने पर सहमति व्यक्त कर दी है, शीघ्र ही आदेश जारी कर दिया जाएगा। - कृष्ण लाल तनेजा, जिला प्रधान हरियाणा व्यापारी कल्याण बोर्ड, करनाल
लिखित आदेश का इंतजार
बीआईएस के मानकों को छोटी इकाइयों द्वारा पूरा किया जाना संभव नहीं है, इसलिए एसोसिएशन के आह्वान पर 21 मई से कैटल फीड इकाइयों को बंद कर दिया गया था। अब हरियाणा व्यापारी कल्याण बोर्ड के चेयरमैन व करनाल के जिला प्रधान कृष्ण लाल तनेजा द्वारा सीएम के सामने मुद्दा रखा है, उन्होंने एक करोड़ की मशीनी लागत वाली कैटल फीड इकाइयों को बीआईएस से छूट देने की हामी भर दी है। अभी कोई लिखित आदेश नहीं मिला है, जैसे ही लिखित आदेश आ जाएगा, वैसे ही कैटल फीड इकाइयों में उत्पादन शुरू कर दिया जाएगा। - प्रवीन गर्ग, प्रदेशाध्यक्ष हरियाणा कैटल फीड एसोसिएशन