फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Case registered against three policemen for abetment to suicide

आत्महत्या के लिए उकसाने में तीन पुलिस वालों पर केस दर्ज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 30 Oct 2021 02:42 AM IST
विज्ञापन
Case registered against three policemen for abetment to suicide
कल्पना चावला मेडिकल कालेज के पोस्टमार्टम रूम से शव उठाने के लिए घुसने का प्रयास करते कश्यप समाज क
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

करनाल। पुलिस की ओर से बाइक का चालान और मारपीट के बाद आहत युवक के आत्महत्या करने के मामले में आरोपी तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। साथ ही पीड़ित परिजनों को एक लाख रुपये मुआवजा और डीसी रेट पर नौकरी देने का डीसी ने भरोसा दिलाया है। परिजनों की ओर से 25 लाख रुपये मुआवजे की मांग पर डीसी ने सीएम से बात करने का भी आश्वासन दिया है। मांगों पर सहमति के बाद परिजनों और संस्थाओं की ओर से चल रहा धरना-प्रदर्शन 30 घंटे बाद खत्म हो गया है।
घटनाक्रम के अनुसार मंगल कॉलोनी पार्ट-टू निवासी मोहित-18 मेहता फर्म के पास गद्दे की फैक्ट्री में काम करता था। वह प्रतिदिन बाइक से ही काम पर आता-जाता था। बुधवार को दोपहर ढाई बजे खाना खाने के लिए मोहित घर आ रहा था। तभी रास्ते में रेलवे रोड पर रागगढ़िया चौक (तलवार चौक) पर पुलिस वालों ने उसे रोक लिया। आरोप है कि पुलिसवालों ने बाइक को चोरी की बताते हुए युवक साथ मारपीट की और 13500 रुपये का चालान भी कर दिया। इससे आहत युवक ने जहर खाकर जान दे दी। इससे नाराज परिजनों ने पोस्टमार्टम के बाद वीरवार को शव लेने से इंकार कर दिया। उन्होंने आरोपी पुलिस वालों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई करने और परिजनों को 25 लाख मुआवजा तथा डीसी रेट पर नौकरी देने की मांग की। वीरवार को कुछ संस्थाएं और किसान भी परिजनों के समर्थन में उतर गए। साथ ही पोस्टमार्टम हाउस के बाहर ही धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। लगभग 30 घंटे तक चले धरना-प्रदर्शन के बाद शुक्रवार को डीसी से वार्ता के बाद मांगों पर सहमति बनी। तब जाकर परिजन शव उठाने को तैयार हुए।
विज्ञापन

30 घंटे धरना के बाद अज्ञात पुलिस वालों के खिलाफ केस!
युवक की आत्महत्या के मामले में परिजनों की ओर से 30 घंटे तक धरना-प्रदर्शन के बाद पुलिस ने तीन अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है। इसे लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। दूसरी ओर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उस दिन चालान काटने में किस-किस पुलिस कर्मचारी की ड्यूटी थी और इस मामले में किस कर्मचारी ने लापरवाही की, इसकी जांच के बाद आरोपी पुलिसकर्मियों के नाम शामिल किए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

भाजपा नेता का किया विरोध
शुक्रवार सुबह जब धरने पर भाजपा नेता सुभाष कश्यप पहुंचे तो उनका किसानों ने विरोध किया। इसके बाद भाजपा नेता समाज के अन्य लोगों को लेकर आया और फिर धरने पर बैठा। इस दौरान समाज के लोगों ने पोस्टमार्टम में घुसकर शव को उठाने का प्रयास किया, लेकिन डीएसपी, इंस्पेक्टर सहित अन्य पुलिस कर्मचारियों ने उन्हें रोक लिया। दूसरी ओर मृतक मोहित के पिता जगदीश, भाई रोहित, किसान नेता जगदीश औलख सहित अन्य डीसी से मिलने गए थे। डीसी से मांगों पर सहमति बनने के बाद शव को उठाया गया।

एडीसी ने मौके पर पहुंचकर दिया आश्वासन
डीसी ने परिजनों की मांगों को मान लिया था। इसके बाद एडीसी योगेश कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि परिजनों की जो मांग थी, वह मान ली गई है। परिजनों की शिकायत के आधार पर तीन पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। जिला प्रशासन की ओर से परिजनों को एक लाख रुपये दिए जाएंगे। साथ ही मृतक के भाई को उसकी योग्यता के आधार पर डीसी रेट की नौकरी दी जाएगी। इसके अलावा 25 लाख रुपये के मुआवजे की मांग को लेकर सीएम से बात की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed