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संविधान तोड़ना कांग्रेस के डीएनए में है : मुख्यमंत्री
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01....कल्पना चावला मेडिकल के ऑडीटोरियम में आयोजित कार्यक्रम का दीप जलाकर शुभारंभ करते मुख्यमंत्
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आपातकाल को कांग्रेस की स्वार्थ सिद्धि कार्रवाई बताते हुए कहा कि संविधान को तोड़ना कांग्रेस के डीएनए में है। कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी पचपन की उम्र में बचपन की बातें करते हैं। उनकी पीढि़यों ने कभी संविधान का सम्मान नहीं किया है, अब किताब हाथ में लेकर संविधान को बचाने की बातें करके देश को भ्रमित कर रहे हैं। उन्हें सिर्फ सत्ता की भूख है।
मुख्यमंत्री बुधवार को कल्पना चावला ऑडिटोरियम में आपातकाल के 50 वर्ष पूरे होने पर आयोजित संविधान की हत्या-2025 कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि संविधान को बचाने की दुहाई देने वाले लोग आज धारा-370 को वापस करने जैसे बयान देकर संविधान को कुचलने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान आम लोगों को यातनाएं देते हुए पकड़ लिया और उन पर किए गए अत्याचारों से आज भी रोंगटे खड़े हो जाते हैं। यह आदेश उस समय की सरकार ने अपनी इच्छाशक्ति को पूरा करने के लिए दिया था। जिन्होंने आवाज बुलंद की, ऐसे लेखकों को जेलों में बंद कर दिया गया।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भारत अंग्रेजों से आजाद हुआ तो देश में छोटी-छोटी 562 रियासतें थी और इन 562 रियासतों को एकजुट करने का काम सरदार वल्लभभाई पटेल को दिया गया और उन्होंने सभी रियासतों को एकजुट किया। सिर्फ एक रियासत की जिम्मेदारी नेहरू को दी गई थी, जिसका परिणाम सब जानते हैं। कांग्रेस के नेता लोकतंत्र के मंदिर संसद में बिल को फाड़ कर संविधान का अपमान करते है। संबंधित खबर मुख्य संस्करण में
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करनाल। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आपातकाल को कांग्रेस की स्वार्थ सिद्धि कार्रवाई बताते हुए कहा कि संविधान को तोड़ना कांग्रेस के डीएनए में है। कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी पचपन की उम्र में बचपन की बातें करते हैं। उनकी पीढि़यों ने कभी संविधान का सम्मान नहीं किया है, अब किताब हाथ में लेकर संविधान को बचाने की बातें करके देश को भ्रमित कर रहे हैं। उन्हें सिर्फ सत्ता की भूख है।
मुख्यमंत्री बुधवार को कल्पना चावला ऑडिटोरियम में आपातकाल के 50 वर्ष पूरे होने पर आयोजित संविधान की हत्या-2025 कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि संविधान को बचाने की दुहाई देने वाले लोग आज धारा-370 को वापस करने जैसे बयान देकर संविधान को कुचलने का प्रयास कर रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान आम लोगों को यातनाएं देते हुए पकड़ लिया और उन पर किए गए अत्याचारों से आज भी रोंगटे खड़े हो जाते हैं। यह आदेश उस समय की सरकार ने अपनी इच्छाशक्ति को पूरा करने के लिए दिया था। जिन्होंने आवाज बुलंद की, ऐसे लेखकों को जेलों में बंद कर दिया गया।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भारत अंग्रेजों से आजाद हुआ तो देश में छोटी-छोटी 562 रियासतें थी और इन 562 रियासतों को एकजुट करने का काम सरदार वल्लभभाई पटेल को दिया गया और उन्होंने सभी रियासतों को एकजुट किया। सिर्फ एक रियासत की जिम्मेदारी नेहरू को दी गई थी, जिसका परिणाम सब जानते हैं। कांग्रेस के नेता लोकतंत्र के मंदिर संसद में बिल को फाड़ कर संविधान का अपमान करते है। संबंधित खबर मुख्य संस्करण में