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Karnal News: कर्ण नगरी में मां अंजनी की गोद में बैठे हैं वीर हनुमान
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- सालासर की तर्ज पर कृष्णा नगर के श्री हनुमान मंदिर में 2004 में स्थापित हुआ था स्वरूप
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। शहर के कृष्णा नगर में ऐसा मंदिर है जहां मां अंजनी की गोद में बैठे हनुमान जी का स्वरूप स्थापित है। मान्यता है कि इस मंदिर में इस स्वरूप का दर्शन करने मात्र से मनोरथ पूरे होते हैं। इस मंदिर में श्रद्धालुओं की इतनी गहरी आस्था है कि महीने के हर दूसरे रविवार को शाम छह बजे से आठ बजे तक हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं।
संकट मोचन श्री हनुमान मंदिर के प्रधान चरणजीत खेतरपाल और पूर्व प्रधान विजय कामरा ने बताया कि 2004 में मंदिर के संस्थापक विशन दास कामरा सालासर गए थे तब उन्होंने वहां मां अंजनी की गोद में हनुमान जी बैठे मंदिर देखा और करनाल पहुंचे तो यहां भी ये मंदिर बनाया जो आज आस्था का केंद्र है।
2001 से पहले खाली पड़ी जगह पर कूड़े के ढेर थे, तभी उसी जगह पर एक महीने के लिए कथा करने महामंडलेश्वर प्रेम त्यागी महाराज आए और उस कुंडे के ढेर को हटवा कर टैंट लगवाया और कालोनी वासियों के सहयोग से कथा की। उसके बाद सभी ने मिलकर सुंदर हनुमान जी का मंदिर बनवाया और उसके बाद मां शेरवाली, राम दरबार, राधा कृष्ण, लक्ष्मी नारायण मंदिर, भोले बाबा, गणपति और उसके बाद मां अंजनी की गोद में हनुमान जी की प्रतिमा की स्थापना करवाई गई।
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संकट मोचन श्री हनुमान मंदिर के उपप्रधान कृष्ण गुलाटी, उपप्रधान प्रवीन गुलाटी, महासचिव सुभाष चावला, सचिव बलराज वर्मा, कोषाध्यक्ष पूर्ण भाटिया ने बताया कि हर वर्ष 23 अप्रैल से 26 अप्रैल तक श्रीराम कथा का आयोजन मंदिर परिसर में किया जाता है और 27 अप्रैल को हवन और भंडारे का आयोजन होता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। शहर के कृष्णा नगर में ऐसा मंदिर है जहां मां अंजनी की गोद में बैठे हनुमान जी का स्वरूप स्थापित है। मान्यता है कि इस मंदिर में इस स्वरूप का दर्शन करने मात्र से मनोरथ पूरे होते हैं। इस मंदिर में श्रद्धालुओं की इतनी गहरी आस्था है कि महीने के हर दूसरे रविवार को शाम छह बजे से आठ बजे तक हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं।
संकट मोचन श्री हनुमान मंदिर के प्रधान चरणजीत खेतरपाल और पूर्व प्रधान विजय कामरा ने बताया कि 2004 में मंदिर के संस्थापक विशन दास कामरा सालासर गए थे तब उन्होंने वहां मां अंजनी की गोद में हनुमान जी बैठे मंदिर देखा और करनाल पहुंचे तो यहां भी ये मंदिर बनाया जो आज आस्था का केंद्र है।
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2001 से पहले खाली पड़ी जगह पर कूड़े के ढेर थे, तभी उसी जगह पर एक महीने के लिए कथा करने महामंडलेश्वर प्रेम त्यागी महाराज आए और उस कुंडे के ढेर को हटवा कर टैंट लगवाया और कालोनी वासियों के सहयोग से कथा की। उसके बाद सभी ने मिलकर सुंदर हनुमान जी का मंदिर बनवाया और उसके बाद मां शेरवाली, राम दरबार, राधा कृष्ण, लक्ष्मी नारायण मंदिर, भोले बाबा, गणपति और उसके बाद मां अंजनी की गोद में हनुमान जी की प्रतिमा की स्थापना करवाई गई।
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संकट मोचन श्री हनुमान मंदिर के उपप्रधान कृष्ण गुलाटी, उपप्रधान प्रवीन गुलाटी, महासचिव सुभाष चावला, सचिव बलराज वर्मा, कोषाध्यक्ष पूर्ण भाटिया ने बताया कि हर वर्ष 23 अप्रैल से 26 अप्रैल तक श्रीराम कथा का आयोजन मंदिर परिसर में किया जाता है और 27 अप्रैल को हवन और भंडारे का आयोजन होता है।