फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   BKU Leader Rakesh Tikait Addressed Kisan Mahapanchayat at Indri Of Karnal

राकेश टिकैत बोले- हर राज्य में खड़ा करेंगे किसान आंदोलन, पानीपत में पुलवामा शहीदों को किया नमन

Sun, 14 Feb 2021 10:54 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, करनाल/पानीपत (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, करनाल/पानीपत (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Sun, 14 Feb 2021 10:54 PM IST
विज्ञापन
BKU Leader Rakesh Tikait Addressed Kisan Mahapanchayat at Indri Of Karnal
राकेश टिकैत ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। - फोटो : अमर उजाला

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि अब किसान पंजाब और हरियाणा की तरह देश के हर राज्य में आंदोलन खड़ा करेंगे। पंजाब और हरियाणा में ही फसलों की एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) है। बाकी राज्यों के किसानों को आज तक एमएसपी का पता नहीं। यही वजह है उत्तर प्रदेश के किसान हरियाणा की मंडियों में अनाज बेचने आते हैं। यदि हरियाणा व पंजाब में भी मंडी से बाहर फसलें बिकेंगी तो मंडियां खत्म हो जाएंगी। 

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि हमारा अगला लक्ष्य 40 लाख ट्रैक्टरों से मार्च निकालने का होगा। वह रविवार को इंद्री कस्बे की अनाज मंडी में आयोजित किसान महापंचायत को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले ट्रैक्टर ट्रालियों और अन्य वाहनों से हजारों की संख्या में किसान महापंचायत में पहुंचे।
विज्ञापन


राकेश टिकैत ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा की लड़ाई पूरे देश के किसानों की किस्मत का फैसला करेगी। यह किसानों का बैनर है और देश के किसानों का इस पर विश्वास है। लाल किला पर हुई घटना के बाद एक कौम के प्रति नफरत फैलाने का प्रयास किया गया। किसानों को गलत बताया गया। विश्वास, आस्था, सम्मान और ऊपर वाले की मेहरबानी से आंदोलन और मजबूत हुआ है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


हमारा पंच भी वहीं रहेगा और मंच भी। उन्होंने कहा कि तीनों कृषि कानूनों की वापसी तक घर नहीं जाएंगे। एमएसपी पर कानून बनेगा तो कमेटी के फैसले हम सब मानेंगे। सरकार किसी भ्रम में न रहे। किसानों की जत्थेबंदी भोपाल तक भी जाएगी और वहां भंडारे भी चलाएंगे। यह आंदोलन केवल पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश व दिल्ली के इर्द-गिर्द 400 किलोमीटर में नहीं है। राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, उड़ीसा तक सभी जगह ट्रैक्टर मार्च करेंगे। इसके लिए संयुक्त किसान मोर्चा के लोग पूरे देश में जाएंगे। दिल्ली में कुर्सी पर बैठकर किसानों के भाग्य का फैसला नहीं होता, यह फैसला खेतों में होगा। 

BKU Leader Rakesh Tikait Addressed Kisan Mahapanchayat at Indri Of Karnal
महापंचायत से लौटता वाहनों का काफिला। - फोटो : अमर उजाला

किसानों से आगे बढ़कर टिकैत ने कर्मचारियों को भी जोड़ने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि पहले सरकार ने कर्मचारियों से पेंशन छीनी है। इस पर भी हम अभियान चलाएंगे। वोट मांगने आने वाले नेताओं से पूछा जाएगा कि क्या वह पेंशन छोड़ने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि नए कृषि कानूनों से भूख के आधार पर अनाज की कीमत तय होगी।

हम गरीब की रोटी तिजोरी में नहीं जाने देंगे। बड़ी कंपनियां आने से पेट्रोल की तरह रोटी की कीमत बढ़ेगी। उन्होंने आह्वान किया कि गठबंधन पर विश्वास बनाए रखें और एक भी कड़ी कमजोर न होने दें। संगठन और गठबंधन पर ध्यान दें। पूरे देश का किसान इस मोर्चा के पीछे खड़ा है।

संयुक्त किसान मोर्चा के नेता युद्धवीर सिंह ने कहा कि कृषि कानून से किसान खत्म होंगे और नए किसान पैदा होंगे। खुली बिक्री से किसान अपनी उपज दूसरे राज्यों तक कैसे लेकर जाएगा। कांट्रैक्ट फार्मिंग की बात करें तो उत्पाद की गुणवत्ता कुदरत के हाथ में है। 81 दिन आंदोलन के बाद भी सरकार किसानों की अनदेखी कर रही है।

BKU Leader Rakesh Tikait Addressed Kisan Mahapanchayat at Indri Of Karnal
मंच पर मौजूद राकेश टिकैत, गुरनाम सिंह चढूनी और बलवीर सिंह राजेवाल व अन्य। - फोटो : अमर उजाला

डॉ. दर्शनपाल ने कहा कि देश के किसानों का भविष्य नेताओं के हाथ में है। वहीं किसान विरोधी सरकार को सत्ता में रहने का हक नहीं है। आने वाले समय में छोटूराम की स्मृति में बड़ा आयोजन किया जाएगा। 18 फरवरी को ट्रेनों का चक्का जाम किया जाएगा।

बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि हर दिन दो-तीन किसान शहीद हो रहे हैं। 200 से ज्यादा किसानों की मौत हो चुकी है। 11 बार सरकार के साथ बैठकें हो चुकी हैं। सरकार को बिंदुवार इन कानूनों के बारे में कमियां बताई हैं। इसके बावजूद हमें आंदोलनजीवी कहा जा रहा है।

गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि हम आजीविका बचाने के लिए लड़ रहे हैं। खेती कार्पोरेट घरानों को जाने वाली है। जिस पर 65 प्रतिशत किसान-मजदूर जीवन यापन करते हैं। 

राकेश टिकैत के साथ कैंडल मार्च निकाल दी पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजलि 
पुलवामा हमले में 14 फरवरी 2019 को शहीद हुए 40 जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए रविवार की शाम पानीपत टोल प्लाजा और डाहर टोल प्लाजा पर किसानों ने कैंडल मार्च निकाला, जिसमें सैकड़ों किसानों के साथ ही राकेश टिकैत भी शामिल हुए। कैंडल मार्च निकाल शहीदों को नमन किया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed