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देश के सामने बड़ी चुनौतियां, अनुभव से मार्ग दर्शन करें सेवानिवृत्त शिक्षक : कल्याण

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 16 Dec 2024 02:07 AM IST
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Big challenges before the country, retired teachers should be guided by experience: Kalyan
संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। रविवार को कॉलेज प्रिंसिपल्स एंड टीचर्स फेडरेशन हरियाणा की ओर से डीएवी पीजी कालेज में आयोजित सम्मान समारोह आयोजित किया। इसमें बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण और शिक्षामंत्री महिपाल ढांडा ने सेवानिवृत्त शिक्षकों को सम्मानित किया। बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सेवानिवृत्त शिक्षकों को अपने अनुभव से समाज का मार्गदर्शन करना चाहिए। आज देश के सामने कई बड़ी चुनौतियां हैं। केंद्र और राज्य सरकार जनता की हर समस्या का समाधान निकालने के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है। समाज की बेहतरी के लिए राज्य सरकार को सेवानिवृत्त शिक्षकों को सुझाव भी देने चाहिए।
समारोह में हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने अति विशिष्ट और इंद्री के विधायक रामकुमार कश्यप, असंध के योगेंद्र राणा, करनाल के जगमोहन आनंद ने विशिष्ट अतिथि के रूप में भाग लिया। पांचों का पगड़ी पहनाकर, शाल भेंट कर व स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया गया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का समाज में सबसे ऊंचा स्थान है। राष्ट्र निर्माण में उनका योगदान अतुलनीय है। फेडरेशन की मांगों पर संबंधित अधिकारियों से बातचीत की जाएगी। जरूरत पड़ी तो मुख्यमंत्री से भी चर्चा कर उन्हें पूरा कराने का प्रयास किया जायेगा। उन्होंने सेवानिवृत्त शिक्षकों के उत्तम स्वास्थ्य व दीर्घ आयु की कामना की। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि प्रथम राष्ट्रपति एवं महान स्वतंत्रता सेनानी डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने संविधान सभा की अंतिम बैठक में कहा था-रिटायरमेंट के बाद कोई भी व्यक्ति यह न समझे कि उसका कार्य पूरा हो गया है बल्कि लगातार समाज के लिए काम करता रहे।
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इंद्री विधायक एवं चीफ व्हिप राम कुमार कश्यप ने कहा कि जीवन में कोई सेवानिवृत्त नहीं होता। देश-प्रदेश के विकास और प्रदेश में तीसरी बार सरकार बनाने में शिक्षकों का अहम योगदान रहा है। उन्होंने मांगों का समर्थन करते हुए 23 दिसंबर को इंद्री में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की रैली में पहुंचने की भी अपील की।
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असंध हलका के विधायक योगेंद्र राणा ने भारत में सदियों से गुरुओं की पूजा हो रही है। गुरुजन ही भावी पीढ़ी का निर्माण करते हैं। जितना सम्मान शिक्षकों को भारत में दिया जाता है उतना विश्व के किसी अन्य देश में नहीं। गुरु हमें जीवन के महत्वपूर्ण निर्णय लेने में सहायता करते हैं। बड़ों के प्रति सम्मान तथा सही और गलत के बीच का अंतर सिखाते हैं। वे ज्ञान, कौशल और सकारात्मक व्यवहार सिखाते हैं जो हमें जीवन में भटकने से दूर रखते हैं। उन्होंने फेडरेशन की मांगों का समर्थन किया। विधायक जगमोहन आनंद ने हृदय की गहराइयों से कार्यक्रम में पहुंचे फेडरेशन के सदस्यों व पदाधिकारियों का आभार जताया। विधायक ने कहा कि वकील के रूप में वे फेडरेशन की मांगों की पैरवी करेंगे।

इस मौके पर प्रो.डीआर चौधरी, उप प्रधान डाॅ. अतर सिंह, महासचिव डॉ. पीआर त्यागी, प्रिंसिपल डाॅ. रामपाल सैनी, पूर्व प्राचार्य पूर्णमल गौर मौजूद रहे।





युवाओं को सही रास्ते पर लाने की जरूरत : ढांडा

हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने इस मौके पर कहा कि देश में नई शिक्षा नीति लागू हो चुकी है। गर्व की बात है कि शिक्षा नीति के लिए बड़ी संख्या में रिटायर्ड शिक्षकों ने भी अमूल्य सुझाव दिए। समाज का शिक्षकों के प्रति सम्मान का जो भाव है वह अंतिम सांस तक उनके साथ रहेगा। सेवानिवृत शिक्षकों की समाज के प्रति पहले से अधिक जिम्मेदारी है। व्यक्ति व राष्ट्र निर्माण में विचारों, विवेक व अनुभव से ये महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। यह नैतिक, सामाजिक व राष्ट्रीय जिम्मेदारी भी है कि रिटायर्ड शिक्षक समाज में नई शक्ति जागृत कर नौजवानों को उस रास्ते पर ले जाएं जिसकी आज देश को जरूरत है।
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